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ममता से बंधकर अपर्णा पुणे से फिर लौटी ससुराल
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Thu, 01 Dec 2016 12:51 AM IST
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ओढां। पुणे महाराष्ट्र निवासी अपर्णा नौ दिन बाद ममता में बंधकर पुणे से वापस अपने ससुराल घुकांवाली लौट आई है। परिजनों ने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करवाते हुए अपर्णा और कर्म सिंह के रिश्ते को सहमति दी। अपर्णा ने भी पुणे और ओढां पुलिस को बयान दिया है कि वह अपनी इच्छा से कर्म सिंह के साथ जीवन बिताना चाहती है
गौरतलब हो कि बीती 21 नवंबर को अपर्णा द्वारा पुणे महाराष्ट्र में अपने पिता को फोन कर खुद को गांव घुकांवाली में बंदी बनाकर रखने की सूचना देने के बाद उसके परिजन, पुणे पुलिस व रक्षा एवं सुरक्षा ट्रस्ट तथा सिरसा की शहीद भगत सिंह ब्रिगेड संस्था के सहयोग से गांव घुकांवाली पहुंचे। जहां उन्होंने गांव घुकांवाली निवासी कर्म सिंह से विवाहित व एक बच्चे की मां के रूप में अपर्णा को खेत से बरामद किया था, जहां पुणे पुलिस की एसआई केतकी चौहान, रक्षा एवं सुरक्षा ट्रस्ट से इंदू बाला एवं अपर्णा के माता-पिता अपर्णा की मर्जी पर उसका दो वर्षीय एक मासूम बच्चा उसके ससुराल छोड़कर अपर्णा को अपने साथ ले गए थे। बताया जा रहा है कि अपर्णा अपने बच्चे से बिछुड़ने का दु:ख सहन नहीं कर पा रही थी और दूसरा उसके पेट में कर्मसिंह का एक बच्चा पल रहा है। अपर्णा का पति कर्मसिंह अपने चाचा व कुछ अन्य लोगों को साथ लेकर अपर्णा के पास पुणे में पहुंच गया था। जहां पहुंचने पर अपर्णा के पढ़े लिखे परिवार ने कर्म सिंह और टहल सिंह का आदर सत्कार करते हुए उनसे बातचीत की और गर्भवती अपर्णा की सामाजिक स्थिति पर विचार करते हुए अपर्णा को उनके साथ भेजने की बात कही जिसे कर्म सिंह ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
अपर्णा के साथ उसकी मां अर्चना राव और रक्षा व सुरक्षा ट्रस्ट दिल्ली से इंदूबाला अपर्णा उर्फ सरबजीत कौर को छोड़ने थाना ओढां आए, जहां उन्होंने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करवाते हुए कहा अर्पणा के कर्म सिंह से रिश्ते को सहमति देते हैं। अपर्णा ने भी पुणे पुलिस व ओढां पुलिस को बयान दिया है कि वह अपनी इच्छा से कर्म सिंह के साथ जीवन बिताना चाहती है।
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उल्लेखनीय है कि करीब तीन साल पहले परीक्षा में नंबर कम आने पर पिटाई के डर से महाराष्ट्र के पुणे से भागी दसवीं कक्षा की छात्रा अर्पणा मुंबई के बाद दिल्ली आ गई जहां से एक व्यक्ति उसको लुधियाना ले आया तथा उसने अर्पणा को अलग अलग जगह चार बार बेचा। चौथी बार दो वर्ष पूर्व उसे घुकांवाली के किसान कर्म सिंह ने 30 हजार रुपये में खरीदा था तथा 21 नवंबर तक वह कर्म सिंह की पत्नी सिमरजीत कौर के रूप में रह रही थी जिसका एक बच्चा भी है तथा उसका दूसरा बच्चा उसके पेट में है।
अपर्णा के परिजन व दिल्ली की एक ट्रस्ट की पदाधिकारी अपर्णा को लेकर थाने में आए थे, जहां सभी ने अपने बयान दर्ज करवाए हैं तो वहीं अपर्णा ने कर्मसिंह के साथ अपनी जिंदगी बिताने पर सहमति जताई है, जिसके बाद अपर्णा अपने ससुराल घुकांवाली में चली गई है।
दलेराम महला
थाना प्रभारी, ओढां
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गौरतलब हो कि बीती 21 नवंबर को अपर्णा द्वारा पुणे महाराष्ट्र में अपने पिता को फोन कर खुद को गांव घुकांवाली में बंदी बनाकर रखने की सूचना देने के बाद उसके परिजन, पुणे पुलिस व रक्षा एवं सुरक्षा ट्रस्ट तथा सिरसा की शहीद भगत सिंह ब्रिगेड संस्था के सहयोग से गांव घुकांवाली पहुंचे। जहां उन्होंने गांव घुकांवाली निवासी कर्म सिंह से विवाहित व एक बच्चे की मां के रूप में अपर्णा को खेत से बरामद किया था, जहां पुणे पुलिस की एसआई केतकी चौहान, रक्षा एवं सुरक्षा ट्रस्ट से इंदू बाला एवं अपर्णा के माता-पिता अपर्णा की मर्जी पर उसका दो वर्षीय एक मासूम बच्चा उसके ससुराल छोड़कर अपर्णा को अपने साथ ले गए थे। बताया जा रहा है कि अपर्णा अपने बच्चे से बिछुड़ने का दु:ख सहन नहीं कर पा रही थी और दूसरा उसके पेट में कर्मसिंह का एक बच्चा पल रहा है। अपर्णा का पति कर्मसिंह अपने चाचा व कुछ अन्य लोगों को साथ लेकर अपर्णा के पास पुणे में पहुंच गया था। जहां पहुंचने पर अपर्णा के पढ़े लिखे परिवार ने कर्म सिंह और टहल सिंह का आदर सत्कार करते हुए उनसे बातचीत की और गर्भवती अपर्णा की सामाजिक स्थिति पर विचार करते हुए अपर्णा को उनके साथ भेजने की बात कही जिसे कर्म सिंह ने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
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अपर्णा के साथ उसकी मां अर्चना राव और रक्षा व सुरक्षा ट्रस्ट दिल्ली से इंदूबाला अपर्णा उर्फ सरबजीत कौर को छोड़ने थाना ओढां आए, जहां उन्होंने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज करवाते हुए कहा अर्पणा के कर्म सिंह से रिश्ते को सहमति देते हैं। अपर्णा ने भी पुणे पुलिस व ओढां पुलिस को बयान दिया है कि वह अपनी इच्छा से कर्म सिंह के साथ जीवन बिताना चाहती है।
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उल्लेखनीय है कि करीब तीन साल पहले परीक्षा में नंबर कम आने पर पिटाई के डर से महाराष्ट्र के पुणे से भागी दसवीं कक्षा की छात्रा अर्पणा मुंबई के बाद दिल्ली आ गई जहां से एक व्यक्ति उसको लुधियाना ले आया तथा उसने अर्पणा को अलग अलग जगह चार बार बेचा। चौथी बार दो वर्ष पूर्व उसे घुकांवाली के किसान कर्म सिंह ने 30 हजार रुपये में खरीदा था तथा 21 नवंबर तक वह कर्म सिंह की पत्नी सिमरजीत कौर के रूप में रह रही थी जिसका एक बच्चा भी है तथा उसका दूसरा बच्चा उसके पेट में है।
अपर्णा के परिजन व दिल्ली की एक ट्रस्ट की पदाधिकारी अपर्णा को लेकर थाने में आए थे, जहां सभी ने अपने बयान दर्ज करवाए हैं तो वहीं अपर्णा ने कर्मसिंह के साथ अपनी जिंदगी बिताने पर सहमति जताई है, जिसके बाद अपर्णा अपने ससुराल घुकांवाली में चली गई है।
दलेराम महला
थाना प्रभारी, ओढां