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30 एकड़ में नई किस्मों के बीज तैयार कर शमशेर सिंह संधू कर रहे दोगुना कमाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Nov 2021 11:39 PM IST
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Shamsher Singh Sandhu is earning double by preparing seeds of new varieties in 30 acres
ग्वार की फसल की जांच करते हुए किसान शमशेर सिंह व अन्य किसान - फोटो : Sirsa
सिरसा। किसान खेती को केवल अपनी कमाई करने तक की ही सोच रखते हैं लेकिन बहुत कम किसान ऐसे हैं जो इसे एक बिजनेस के रूप में विकसित कर पाते हैं। मट्टदादू के किसान शमशेर सिंह संधू पिछले 35 साल से अपने खेतों में उगने वाली फसल को बीज बनाकर किसानों को बेचकर आमदन का बेहतरीन माध्यम बनाएं हुए हैं।
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गांव मट्टदादू के किसान शमशेर सिंह ने बीए की पढ़ाई पूरी करने के बाद 1985 में उन्होंने पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी से तीन माह का जंग फार्म ट्रेेनिंग कोर्स किया। शमशेर सिंह ने बताया कि इन सबकी प्रेरणा उन्हें उस समय ब्लॉक स्तर पर एडीओ रहे मेघ राज सिंह चंदेल से मिली। वह उन्हें हमेशा नौकरी करने की बजाएं खेती में कुछ नया करने को लेकर प्रेरित करते थे। शमशेर सिंह ने तीन माह का कोर्स करने के बाद 1985 में गेहूं व ग्वार के बीज बनाने का काम शुरू किया। शुरूआती दौरा में उन्हें बीज बेचने को लेकर परेशानी आई लेकिन उसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह अब तक 15 अलग-अलग कृषि अवॉर्ड से सम्मानित हो चुके हैं। जिसमें से सबसे पहला अवॉर्ड 2007 में उन्हें कृषि स्टेट अवॉर्ड, 2011 में नेशनल प्रोग्रेसिव फार्म अवॉर्ड और 2018 में आईएआरआई फार्मर अवॉर्ड से नवाजा गया।
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नई किस्मों की बिजाई कर करते है बीज तैयार
शमशेर सिंह ने बताया कि वह कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा तैयार की गई गेहूं व ग्वार की नई किस्मों को बीज के रूप में बिजाई करते हैं। यह बिजाई उनके करीब 30 एकड़ खेत में की जाती है। फसल को काटने के बाद वह मोबाइल मशीन से फसल की सफाई कर प्रोसेस करते हैं। वह 30 एकड़ से 600 से 700 क्विंटल तक गेहूं का बीज तैयार करते हैं।
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सीधे तौर पर किसानों को देते है बीज, दोगुना अधिक कमाई
रबी व खरीफ फसलों की बिजाई के समय किसान उनके पास आते है और ग्वार व गेहूं के बीज ले जाते है। बीज से होने वाली कमाई एक आम खेत में होने वाली फसल से अधिक होती है। एक आम किसान एक एकड़ से खर्च निकालकर 20 हजार रुपये बचाता है तो वही बीज बनाकर देने पर करीब 30 से 35 हजार रुपये बचते है। वह फसल को मंडी में बेचने की बजाए घर पर बीज तैयार कर दोगुना मुनाफा कमा रहे है। वह बीजों को बाजार रेट पर ही बेचते है।

इस बार गेहूं की डीबीडब्ल्यू 303 की बिजाई की
शमशेर सिंह ने बताया कि इस बार इंडियन वीट बारले इंस्टीट्यूट करनाल द्वारा बनाई गई डीबीडब्ल्यू 303 की नई किस्म की बिजाई कर रहे है। इस किस्म की पैदावार लगभग 32 क्विंटल प्रति एकड़ रहती है। साथ ही इसकी बिजाई हर तरह की भूमि में की जा सकती है। इसकी पैदावार अच्छी भूमि में 32 क्विंटल से भी अधिक रहती है। अगली रबी सीजन के दौरान गेहूं की इस किस्म की कीमत कम से कम 30 से 35 रुपये प्रति किलो हो सकती है।
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