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Sirsa News: किराने की दुकान खोलकर रानी, गढ़ रहीं आत्मनिर्भरता की कहानी
Sun, 01 Mar 2026 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 01 Mar 2026 11:55 PM IST
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रानी देवी अपनी दुकान दिखाते हुए। स्वयं
गांव मेहना खेड़ा की रानी देवी ने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर खोली दुकान
फोटो- 5
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव मेहना खेड़ा की रानी देवी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया। गांव में ही किराने की दुकान संचालित कर वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का संदेश दे रही हैं।
रानी देवी का नाम शंकर महिला ग्राम संगठन से जुड़ा है। वर्ष 2019 से वह ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ सक्रिय हैं। संगठन से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। समूह की बैठकों में बचत, ऋण सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा। इसी प्रोत्साहन ने उन्हें खुद का काम शुरू करने का साहस दिया।
काम के लिए 20 हजार का लिया ऋण
योजना के अंतर्गत रानी देवी ने 20 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने गांव में ही छोटी किराने की दुकान शुरू की। शुरुआत में सीमित सामान रखा, लेकिन धीरे-धीरे ग्राहकों की मांग के अनुसार दुकान में जरूरी वस्तुएं बढ़ाईं। आज उनकी दुकान पर दैनिक उपयोग का लगभग हर सामान उपलब्ध है।
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प्रति माह कमा रहीं 12 से 15 हजार
रानी देवी बताती हैं कि पहले परिवार की आमदनी सीमित थी और घरेलू जरूरतें पूरी करना चुनौती बन जाता था। दुकान शुरू होने के बाद स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। वर्तमान में वह हर महीने 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। इस आय से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं। साथ ही वह नियमित रूप से ऋण की किस्त भी जमा कर रही हैं।
सखी प्रियंका का अहम योगदान
रानी की सफलता में ग्राम सखी प्रियंका का अहम योगदान रहा है। प्रियंका ने उन्हें योजना की जानकारी दी, दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग किया और ऋण प्रक्रिया पूरी कराने में मार्गदर्शन दिया। समय-समय पर दुकान प्रबंधन, बचत और लेनदेन के बारे में भी सलाह दी। इसी सहयोग से रानी देवी का आत्मविश्वास मजबूत हुआ और वह व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित कर पा रही हैं।
वर्जन
शंकर महिला ग्राम संगठन की अन्य महिलाएं भी रानी देवी की पहल से प्रेरित हो रही हैं। समूह की बैठकों में वह अपने अनुभव साझा करती हैं और बताती हैं कि छोटी शुरुआत भी बड़े बदलाव का आधार बन सकती है। संगठन की सदस्य अब पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और अन्य छोटे व्यवसायों की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
- बालूराम, कलस्टर कोऑर्डिनेटर, रानियां।
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फोटो- 5
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव मेहना खेड़ा की रानी देवी ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया। गांव में ही किराने की दुकान संचालित कर वह न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का संदेश दे रही हैं।
रानी देवी का नाम शंकर महिला ग्राम संगठन से जुड़ा है। वर्ष 2019 से वह ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ सक्रिय हैं। संगठन से जुड़ने के बाद उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। समूह की बैठकों में बचत, ऋण सुविधा और सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलने से उनके भीतर आत्मविश्वास बढ़ा। इसी प्रोत्साहन ने उन्हें खुद का काम शुरू करने का साहस दिया।
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काम के लिए 20 हजार का लिया ऋण
योजना के अंतर्गत रानी देवी ने 20 हजार रुपये का ऋण लिया। इस राशि से उन्होंने गांव में ही छोटी किराने की दुकान शुरू की। शुरुआत में सीमित सामान रखा, लेकिन धीरे-धीरे ग्राहकों की मांग के अनुसार दुकान में जरूरी वस्तुएं बढ़ाईं। आज उनकी दुकान पर दैनिक उपयोग का लगभग हर सामान उपलब्ध है।
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प्रति माह कमा रहीं 12 से 15 हजार
रानी देवी बताती हैं कि पहले परिवार की आमदनी सीमित थी और घरेलू जरूरतें पूरी करना चुनौती बन जाता था। दुकान शुरू होने के बाद स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है। वर्तमान में वह हर महीने 12 से 15 हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रही हैं। इस आय से बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और अन्य जरूरतें आसानी से पूरी हो रही हैं। साथ ही वह नियमित रूप से ऋण की किस्त भी जमा कर रही हैं।
सखी प्रियंका का अहम योगदान
रानी की सफलता में ग्राम सखी प्रियंका का अहम योगदान रहा है। प्रियंका ने उन्हें योजना की जानकारी दी, दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग किया और ऋण प्रक्रिया पूरी कराने में मार्गदर्शन दिया। समय-समय पर दुकान प्रबंधन, बचत और लेनदेन के बारे में भी सलाह दी। इसी सहयोग से रानी देवी का आत्मविश्वास मजबूत हुआ और वह व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित कर पा रही हैं।
वर्जन
शंकर महिला ग्राम संगठन की अन्य महिलाएं भी रानी देवी की पहल से प्रेरित हो रही हैं। समूह की बैठकों में वह अपने अनुभव साझा करती हैं और बताती हैं कि छोटी शुरुआत भी बड़े बदलाव का आधार बन सकती है। संगठन की सदस्य अब पशुपालन, सिलाई-कढ़ाई और अन्य छोटे व्यवसायों की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
- बालूराम, कलस्टर कोऑर्डिनेटर, रानियां।