{"_id":"68139ccc95735ef94505ef3b","slug":"sdo-anchal-jain-accused-in-financial-fraud-case-of-rs-238-crore-gets-anticipatory-bail-sirsa-news-c-128-1-sir1004-137219-2025-05-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: 2.38 करोड़ की वित्तीय हेराफेरी मामले में आरोपी एसडीओ अंचल जैन को मिली अग्रिम जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: 2.38 करोड़ की वित्तीय हेराफेरी मामले में आरोपी एसडीओ अंचल जैन को मिली अग्रिम जमानत
Thu, 01 May 2025 09:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 01 May 2025 09:39 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जन स्वास्थ्य विभाग में हुए 2 करोड़ 38 लाख रुपये के घोटाले में आरोपी एसडीओ अंचल जैन को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। वीरवार को न्यायमूर्ति राजेश भारद्वाज की अदालत ने उन्हें यह राहत दी।
इस मामले में 13 अक्टूबर 2022 को सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच रिपोर्ट के आधार पर जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन आरएस मलिक, एसडीओ कालू राम, एसडीओ आशीष गर्ग, एसडीओ अंचल जैन, जेई सीता राम और ठेकेदार जयप्रकाश गर्ग के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 467, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज किया था।
आरोप है कि वर्ष 2019 में ठेकेदार प्रकाश गर्ग (निवासी बेगू रोड) को 10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने, जलघर के पांच बड़े टैंकों की मरम्मत, बैड मरम्मत, चारदीवारी निर्माण, रेनोवेशन और पंप चैंबर के निर्माण कार्य का ठेका दिया गया था। कुल टेंडर राशि 2 करोड़ 38 लाख 5 हजार रुपये थी। ठेकेदार ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया, फिर भी विभागीय अधिकारियों ने फर्जी बिल तैयार कर पूरी राशि जारी कर दी, जो सीधे ठेकेदार को दे दी गई।
विज्ञापन
मामले का खुलासा होने पर सीएम फ्लाइंग ने जांच की और रिपोर्ट के आधार पर पुलिस केस दर्ज कराया। इससे पहले इसी मामले में आरोपी कालू राम, आशीष कुमार और आरएस मलिक को सिरसा की सत्र अदालत से जमानत मिल चुकी है, जबकि जयप्रकाश गर्ग और अंचल जैन की जमानत याचिकाएं पहले खारिज हो गई थीं। अब हाईकोर्ट ने अंचल जैन को अग्रिम जमानत दे दी है।
विज्ञापन
सिरसा। जन स्वास्थ्य विभाग में हुए 2 करोड़ 38 लाख रुपये के घोटाले में आरोपी एसडीओ अंचल जैन को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई है। वीरवार को न्यायमूर्ति राजेश भारद्वाज की अदालत ने उन्हें यह राहत दी।
इस मामले में 13 अक्टूबर 2022 को सिविल लाइन थाना पुलिस ने मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की जांच रिपोर्ट के आधार पर जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन आरएस मलिक, एसडीओ कालू राम, एसडीओ आशीष गर्ग, एसडीओ अंचल जैन, जेई सीता राम और ठेकेदार जयप्रकाश गर्ग के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 467, 468, 471, 120बी के तहत मामला दर्ज किया था।
विज्ञापन
आरोप है कि वर्ष 2019 में ठेकेदार प्रकाश गर्ग (निवासी बेगू रोड) को 10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने, जलघर के पांच बड़े टैंकों की मरम्मत, बैड मरम्मत, चारदीवारी निर्माण, रेनोवेशन और पंप चैंबर के निर्माण कार्य का ठेका दिया गया था। कुल टेंडर राशि 2 करोड़ 38 लाख 5 हजार रुपये थी। ठेकेदार ने निर्माण कार्य पूरा नहीं किया, फिर भी विभागीय अधिकारियों ने फर्जी बिल तैयार कर पूरी राशि जारी कर दी, जो सीधे ठेकेदार को दे दी गई।
विज्ञापन
मामले का खुलासा होने पर सीएम फ्लाइंग ने जांच की और रिपोर्ट के आधार पर पुलिस केस दर्ज कराया। इससे पहले इसी मामले में आरोपी कालू राम, आशीष कुमार और आरएस मलिक को सिरसा की सत्र अदालत से जमानत मिल चुकी है, जबकि जयप्रकाश गर्ग और अंचल जैन की जमानत याचिकाएं पहले खारिज हो गई थीं। अब हाईकोर्ट ने अंचल जैन को अग्रिम जमानत दे दी है।