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Sirsa News: ...नकली सीआईए कर्मियों की गिरफ्तारी की पटकथा बदली
Sun, 17 Mar 2024 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 17 Mar 2024 12:04 AM IST
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मौके पर पहुंची डायल 112 की गाड़ी
सिरसा। शहर के आईटीआई चौक के पास कार सवार युवकों द्वारा नकली सीआईए अधिकारी बनकर ट्रक चालक से पैसे मांगने और उसके दस्तावेज जांचने की कहानी रातभर में ही बदल गई। शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर नकली सीआईए कर्मचारियों के पकड़े जाने का मामला वायरल हुआ लेकिन सुबह होते-होते गिरफ्तारी हवा हो गई। पुलिस ने कहा कि कुछ युवकों द्वारा ट्रक चालक से ठगी की कोशिश करने की शिकायत मिली थी। चालक के बयान पर मामला दर्ज किया गया है लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रात के समय डायल 112 , सीआईए और खैरपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और दो युवक को काबू किया था। हालांकि पुलिस की एफआईआर में यह बात नहीं दिखी। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी बाला राम की मानें तो मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो उनके पास भी है। चालक के बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पुलिस हिरासत में लिए युवकों को बचाने का प्रयास कर रही है, इसलिए सारा मामला पलट दिया गया है।
सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में चश्मदीदों व चालक ने बताई यह कहानी
संदीप सिंह हैप्पी ने बताया कि वह एयरफोर्स स्टेशन में निजी तौर पर कार्य करता है। स्टेशन से आईटीआई रोड पर एक ट्रक खड़ा देखा। उसके पास कुछ लड़के खड़े थे। ट्रक ड्राइवर परेशान नजर आ रहा थो तो वहां पर रुककर देखने लगा। उनमें से एक युवक मेरे पास आया और गुस्से से बोला कि क्या देख रहे हो। तुम्हें पता है, मैं सीआईए स्टाफ से हूं। इसके बाद उसने अपना आई कार्ड दिखाया जिसमें वह फौजी की ड्रेस में था। उसकी ड्रेस देखकर जब उससे पूछा कि आप कौन सी यूनिट से हैं। उस युवक ने कहा कि वह पैरामिलिट्री में है। उससे जब कहा कि सीआईए और पैरामिलिट्री दोनों अलग अलग है। इनका आपस में क्या संबंध। युवक ने कहा कि सीआईए से पैरामिलिट्री को लिंक किया हुआ है। उसकी बातों पर शक हुआ तो वहीं रुक गया। उस युवक ने शराब पी हुई थी। जब मैंने पुलिस को उनकी मदद के लिए बुलाने की बात कही तो वे कार लेकर वहां से चले गए। संदीप के अनुसार वे लोग वहीं पर रुक गए कि कहीं ट्रक चालक को कोई फिर से तंग न करें। इसके बाद वहां मौजूद दूसरे युवक गौरव ने युवकों की कार का स्कूटी से पीछा किया। उन युवकों ने पहले सांगवान चौक से सिरसा क्लब के दो से तीन चक्कर लगाए। उसके बाद दिल्ली रोड की तरफ चले गए। गौरव ने बताया कि नकली सीआईए का शक होने पर डायल 112 पर फोन किया और पुलिस को सूचित किया। इस पर पुलिस की टीम ने दिल्ली पुल पर कार सहित दो युवकों को पकड़ लिया। इस दौरान खैरपुर चौकी और सीआईए पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
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ड्राइवर ने मौके पर दिए यह बयान
ड्राइवर उत्तर प्रदेश के जिला मुज्जफरनगर के गांव सोरम निवासी कल्लू ने बताया कि ट्रक को उन युवकों ने रुकवा लिया और पूछा कि उसमें क्या है। मैंने जब ट्रक में जौ होने की बात कही तो उन्होंने दस्तावेज मांगे। तभी दो तीन लोग और इकट्ठा हो गए। इस पर उन्होंने पेपर वापस दे दिए। जब दिल्ली रोड पर पहुंचा तो कार सवार आगे आ गए थे। जहां पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। पुलिस ने कार सवार युवकों को पकड़ लिया।
पुलिस की एफआईआर में अलग ही कहानी
पुलिस की एफआइआर में उत्तर प्रदेश के जिला मुज्जफरनगर के गांव सोरम निवासी ट्रक चालक कल्लू पुत्र नवाब सिंह के बयान पर शिकायत दर्ज की गई है। इसके अनुसार वह 15 मार्च को ट्रक राजस्थान के श्रीगंगानगर से सामान लोड करके मेरठ जा रहा था। जब ट्रक सिरसा में आईटीआई चौक के पास पहुंचा तो वहां पर चार लोग खड़े थे। उन्होंने रुकने का इशारा किया तो ट्रक रोक दिया। सभी ने अपने आप को सीआईए स्टाफ बताया। उसके पास एक लड़का आया और कहा कि गाड़ी के कागजात लेकर आओ। ट्रक के अंदर रखे कागजात की फाइल लाकर कार के पास खड़े युवक को ले जाकर दे दी। उस युवक ने कागजात में कई प्रकार की खामियां निकालनी शुरू कर दी और कहा कि ट्रक इम्पाउंड होगा। इसी दौरान एक युवक ने उसके साइड में लेकर जाकर कहा कि 25 हजार रुपये लगेंगे। इस पर कल्लू ने उसे कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं है। इस पर वह ट्रक के सारे कागजात लेकर जाने लगे और कहा कि दिल्ली पुल पर पैसे लेकर आ जाना हम वहां पर नाका लगाए हुए हैं। इतना कहकर वह कार लेकर चले गए। जब पैसों का इंतजाम कर वह दिल्ली पुल पहुंचा तो वहां पर कोई नहीं मिला। जिसमें बाद पुलिस को सूचित किया।
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प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि रात के समय डायल 112 , सीआईए और खैरपुर पुलिस मौके पर पहुंच गई थी और दो युवक को काबू किया था। हालांकि पुलिस की एफआईआर में यह बात नहीं दिखी। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी बाला राम की मानें तो मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो उनके पास भी है। चालक के बयान पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो पुलिस हिरासत में लिए युवकों को बचाने का प्रयास कर रही है, इसलिए सारा मामला पलट दिया गया है।
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सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में चश्मदीदों व चालक ने बताई यह कहानी
संदीप सिंह हैप्पी ने बताया कि वह एयरफोर्स स्टेशन में निजी तौर पर कार्य करता है। स्टेशन से आईटीआई रोड पर एक ट्रक खड़ा देखा। उसके पास कुछ लड़के खड़े थे। ट्रक ड्राइवर परेशान नजर आ रहा थो तो वहां पर रुककर देखने लगा। उनमें से एक युवक मेरे पास आया और गुस्से से बोला कि क्या देख रहे हो। तुम्हें पता है, मैं सीआईए स्टाफ से हूं। इसके बाद उसने अपना आई कार्ड दिखाया जिसमें वह फौजी की ड्रेस में था। उसकी ड्रेस देखकर जब उससे पूछा कि आप कौन सी यूनिट से हैं। उस युवक ने कहा कि वह पैरामिलिट्री में है। उससे जब कहा कि सीआईए और पैरामिलिट्री दोनों अलग अलग है। इनका आपस में क्या संबंध। युवक ने कहा कि सीआईए से पैरामिलिट्री को लिंक किया हुआ है। उसकी बातों पर शक हुआ तो वहीं रुक गया। उस युवक ने शराब पी हुई थी। जब मैंने पुलिस को उनकी मदद के लिए बुलाने की बात कही तो वे कार लेकर वहां से चले गए। संदीप के अनुसार वे लोग वहीं पर रुक गए कि कहीं ट्रक चालक को कोई फिर से तंग न करें। इसके बाद वहां मौजूद दूसरे युवक गौरव ने युवकों की कार का स्कूटी से पीछा किया। उन युवकों ने पहले सांगवान चौक से सिरसा क्लब के दो से तीन चक्कर लगाए। उसके बाद दिल्ली रोड की तरफ चले गए। गौरव ने बताया कि नकली सीआईए का शक होने पर डायल 112 पर फोन किया और पुलिस को सूचित किया। इस पर पुलिस की टीम ने दिल्ली पुल पर कार सहित दो युवकों को पकड़ लिया। इस दौरान खैरपुर चौकी और सीआईए पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
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ड्राइवर ने मौके पर दिए यह बयान
ड्राइवर उत्तर प्रदेश के जिला मुज्जफरनगर के गांव सोरम निवासी कल्लू ने बताया कि ट्रक को उन युवकों ने रुकवा लिया और पूछा कि उसमें क्या है। मैंने जब ट्रक में जौ होने की बात कही तो उन्होंने दस्तावेज मांगे। तभी दो तीन लोग और इकट्ठा हो गए। इस पर उन्होंने पेपर वापस दे दिए। जब दिल्ली रोड पर पहुंचा तो कार सवार आगे आ गए थे। जहां पुलिस की गाड़ी खड़ी थी। पुलिस ने कार सवार युवकों को पकड़ लिया।
पुलिस की एफआईआर में अलग ही कहानी
पुलिस की एफआइआर में उत्तर प्रदेश के जिला मुज्जफरनगर के गांव सोरम निवासी ट्रक चालक कल्लू पुत्र नवाब सिंह के बयान पर शिकायत दर्ज की गई है। इसके अनुसार वह 15 मार्च को ट्रक राजस्थान के श्रीगंगानगर से सामान लोड करके मेरठ जा रहा था। जब ट्रक सिरसा में आईटीआई चौक के पास पहुंचा तो वहां पर चार लोग खड़े थे। उन्होंने रुकने का इशारा किया तो ट्रक रोक दिया। सभी ने अपने आप को सीआईए स्टाफ बताया। उसके पास एक लड़का आया और कहा कि गाड़ी के कागजात लेकर आओ। ट्रक के अंदर रखे कागजात की फाइल लाकर कार के पास खड़े युवक को ले जाकर दे दी। उस युवक ने कागजात में कई प्रकार की खामियां निकालनी शुरू कर दी और कहा कि ट्रक इम्पाउंड होगा। इसी दौरान एक युवक ने उसके साइड में लेकर जाकर कहा कि 25 हजार रुपये लगेंगे। इस पर कल्लू ने उसे कहा कि उसके पास इतने पैसे नहीं है। इस पर वह ट्रक के सारे कागजात लेकर जाने लगे और कहा कि दिल्ली पुल पर पैसे लेकर आ जाना हम वहां पर नाका लगाए हुए हैं। इतना कहकर वह कार लेकर चले गए। जब पैसों का इंतजाम कर वह दिल्ली पुल पहुंचा तो वहां पर कोई नहीं मिला। जिसमें बाद पुलिस को सूचित किया।