{"_id":"6509e9e3ea14a0ed0b0f41e7","slug":"scene-of-chaos-in-the-sports-stadium-how-did-we-get-our-medals-sirsa-news-c-128-1-slko1008-6382-2023-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: खेल स्टेडियम में अव्यवस्था का नजारा, मेडल कैसे आए हमारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: खेल स्टेडियम में अव्यवस्था का नजारा, मेडल कैसे आए हमारा
Wed, 20 Sep 2023 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 20 Sep 2023 12:05 AM IST
विज्ञापन
आशीष सिद्धू
सिरसा। बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह स्टेडियम में मूलभूत सुविधा न होने से खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैक पर उगी घास ने खिलाड़ियों की प्रैक्टिस पर ब्रेक लगा दिए हैं। स्टेडियम में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी भी स्टेडियम में सुबह और शाम की सैर करने आते हैं, लेकिन वे चुप्पी साधे बैठे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम में अव्यवस्था फैली हुई है। सुविधाओं की कमी से खेल पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में मेडल कैसे आए।
शहीद भगत सिंह स्टेडियम शहर का मुख्य मैदान है। यहां प्रतिदिन 5000 खिलाड़ी व युवा सुबह-शाम अभ्यास करने आते हैं। इसके अलावा करीब 2000 हजार लोग दोनों वक्त में घूमने आते हैं। ऐसे में मंगलवार को संवाददाता ने स्टेडियम की पड़ताल की तोे अव्यवस्था का नजारा देखने को मिला। स्टेडियम की मुख्य बिल्डिंग के शीशे टूटे हुए हैं। मैदान में दर्शकों के लिए लगाए गए बैंच टूटे चुके हैं। बीच मैदान में लावारिस पशु विचरण करते दिखे। इसके अलावा कर्मचारी न होने के कारण सफाई व्यवस्था के बुरे हालात हैं। रेसिंग ट्रैक पर झाडिय़ां उग चुकी हैं। खिलाड़ियाें के लिए पीने की पानी की काई व्यवस्था पड़ताल के दौरान नजर नहीं आई। पानी के टंकी पर लगाई टूटियां भी टूटी हुई हैं। वहीं जिम मेें मशीनें खराब पड़ी हैं। मैदान में बिजली के बॉक्स खुले पड़े हैं। इनसे कभी भी कोई भी हादसा हो सकता है। ग्राउंड में लगे शेड टूटे चुके हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि खिलाड़ी अपना अभ्यास कैसे करते होंगे। इस दौरान एक अधिकारी की पत्नी ने बताया कि खेल स्टेडियम में वह नियमित रूप से सुबह व शाम के समय सैर करने आती हैं। सुविधाओं की भारी कमी है। छोटी-छोटी चीजों की सालों से मरम्मत नहीं हुई है। लंबे समय से चौकीदार के अभाव में एक गेट बंद ही रखा गया है। उसे कभी खोला ही नहीं गया। अब घर पर बताते हैं तो वो कहते है, जिसका विभाग है, वह देखेगा। आप क्यों चिंता करते हो। संवाद
स्टेडियम में सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। चौकीदार नहीं है, जिस कारण खेल परिसर में चोरियां होती हैं। स्टेडियम में बच्चियां खेलने के लिए आती हैं और कुछ घूमने भी आती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से कोई प्रबंध नहीं है। सुबह व शाम के पीसीआर गश्त करनी चाहिए। - राजबाला, नेशनल हॉकी प्लेयर, फोटो 33
विज्ञापन
कोट्स
पिछले काफी लंबे समय से स्टेडियम में अभ्यास के लिए आ रहा हूं, तब से ही स्टेडियम की ऐसी हालात देख रहा हूं। ग्राउंड के ट्रैक पर कांटेदार झाड़ियां उगी रहती है। लावारिस पशु सारा दिन घूमते हैं। सफाई के हालात बदतर हैं। - हिंमाशु, खिलाड़ी, फोटो 32
खेल स्टेडियम की मरम्मत को लेकर मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी गई है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिल सके। उच्चाधिकारियों को चौकीदार के लिए भी लिखा है। - शमशेर सिंह, जिला खेल अधिकारी, सिरसा।
विज्ञापन
सिरसा। बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह स्टेडियम में मूलभूत सुविधा न होने से खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैक पर उगी घास ने खिलाड़ियों की प्रैक्टिस पर ब्रेक लगा दिए हैं। स्टेडियम में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। प्रशासनिक अधिकारी भी स्टेडियम में सुबह और शाम की सैर करने आते हैं, लेकिन वे चुप्पी साधे बैठे हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि स्टेडियम में अव्यवस्था फैली हुई है। सुविधाओं की कमी से खेल पर भी असर पड़ रहा है। ऐसे में मेडल कैसे आए।
शहीद भगत सिंह स्टेडियम शहर का मुख्य मैदान है। यहां प्रतिदिन 5000 खिलाड़ी व युवा सुबह-शाम अभ्यास करने आते हैं। इसके अलावा करीब 2000 हजार लोग दोनों वक्त में घूमने आते हैं। ऐसे में मंगलवार को संवाददाता ने स्टेडियम की पड़ताल की तोे अव्यवस्था का नजारा देखने को मिला। स्टेडियम की मुख्य बिल्डिंग के शीशे टूटे हुए हैं। मैदान में दर्शकों के लिए लगाए गए बैंच टूटे चुके हैं। बीच मैदान में लावारिस पशु विचरण करते दिखे। इसके अलावा कर्मचारी न होने के कारण सफाई व्यवस्था के बुरे हालात हैं। रेसिंग ट्रैक पर झाडिय़ां उग चुकी हैं। खिलाड़ियाें के लिए पीने की पानी की काई व्यवस्था पड़ताल के दौरान नजर नहीं आई। पानी के टंकी पर लगाई टूटियां भी टूटी हुई हैं। वहीं जिम मेें मशीनें खराब पड़ी हैं। मैदान में बिजली के बॉक्स खुले पड़े हैं। इनसे कभी भी कोई भी हादसा हो सकता है। ग्राउंड में लगे शेड टूटे चुके हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि खिलाड़ी अपना अभ्यास कैसे करते होंगे। इस दौरान एक अधिकारी की पत्नी ने बताया कि खेल स्टेडियम में वह नियमित रूप से सुबह व शाम के समय सैर करने आती हैं। सुविधाओं की भारी कमी है। छोटी-छोटी चीजों की सालों से मरम्मत नहीं हुई है। लंबे समय से चौकीदार के अभाव में एक गेट बंद ही रखा गया है। उसे कभी खोला ही नहीं गया। अब घर पर बताते हैं तो वो कहते है, जिसका विभाग है, वह देखेगा। आप क्यों चिंता करते हो। संवाद
विज्ञापन
स्टेडियम में सफाई की ओर ध्यान नहीं दिया जाता है। चौकीदार नहीं है, जिस कारण खेल परिसर में चोरियां होती हैं। स्टेडियम में बच्चियां खेलने के लिए आती हैं और कुछ घूमने भी आती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से कोई प्रबंध नहीं है। सुबह व शाम के पीसीआर गश्त करनी चाहिए। - राजबाला, नेशनल हॉकी प्लेयर, फोटो 33
विज्ञापन
कोट्स
पिछले काफी लंबे समय से स्टेडियम में अभ्यास के लिए आ रहा हूं, तब से ही स्टेडियम की ऐसी हालात देख रहा हूं। ग्राउंड के ट्रैक पर कांटेदार झाड़ियां उगी रहती है। लावारिस पशु सारा दिन घूमते हैं। सफाई के हालात बदतर हैं। - हिंमाशु, खिलाड़ी, फोटो 32
खेल स्टेडियम की मरम्मत को लेकर मुख्यालय में रिपोर्ट भेजी गई है। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद मरम्मत कार्य करवाया जाएगा। इससे खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिल सके। उच्चाधिकारियों को चौकीदार के लिए भी लिखा है। - शमशेर सिंह, जिला खेल अधिकारी, सिरसा।