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Sirsa: कमाल गांव के ग्रामीणों ने फिर किया कमाल, चुनाव से पहले दूसरी बार सर्वसम्मति से चुना सरपंच
Wed, 12 Oct 2022 02:24 AM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Wed, 12 Oct 2022 02:24 AM IST
सार
गांव में वर्ष 2012 में एक बार चुनाव हुए। इसके बाद व पहले हर मुखिया सहमति से बनाए गए हैं। 2016 में परमजीत सर्वसम्मति से सरपंच चुनी गई।
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गुरुद्वारा में सर्वसम्मति से पंच व सरपंच चुनने के लिए एकत्रित ग्रामीण।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
हरियाणा के सिरसा जिले के छोटे से गांव कमाल के ग्रामीणों ने चुनाव से पहले मंगलवार को दूसरी बार सर्वसम्मति से सरपंच चुन लिया है। इसके साथ ही गांव के पांच वार्डों के पंच भी निर्विरोध चुने गए हैं। आपसी प्रेम व भाईचारे का संदेश देने वाले गांव का इतिहास काफी रोचक रहा है। इससे पहले भी सालों से गांव का मुखिया व पंच बिना चुनाव करवाए चुने गए हैं।
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बताया जा रहा है कि करीब 200 घरों की करीब 1300 की आबादी वाले इस गांव में लगभग 600 वोट और 5 वार्ड हैं। लोगों का आपसी भाईचारा इतना गहरा है कि कई वर्षों से पंच व सरपंच बिना चुनाव यानी सर्वसम्मति से चुने जाते हैं। वर्ष 2012 में एक बार चुनाव हुए। इसके बाद व पहले हर मुखिया सहमति से बनाए गए हैं। 2016 में परमजीत सर्वसम्मति से सरपंच चुनी गई और अब 10वीं पास 30 वर्षीय जगजीत सिंह को सरपंच चुना गया है।
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जगजीत सिंह के पिता दर्शन सिंह हार गए थे चुनाव
ग्रामीण बताते हैं कि जगजीत सिंह के पिता दर्शन सिंह ने 2012 में चुनाव लड़ा था, लेकिन प्रतिद्वंद्वी ने उन्हें 72 वोट से हरा दिया। दर्शन सिंह खेती बाड़ी करने के साथ समाज सेवा में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं। पिता का सपना बेटे के सरपंच बनने से साकार हो गया। दर्शन सिंह ने गांव वासियों का आभार व्यक्त किया है।
सुबह मुनादी कर ग्रामीणों को गुरुद्वारा में एकत्रित किया गया। यहां हर वार्ड से दो व्यक्तियों को बैठक में शामिल किया गया। पंच व सरपंच बनाने के लिए चर्चा हुई। इसमें इन्हीं लोगों ने गांव वालों के सहमति जताते हुए जगजीत सिंह को मुखिया बनाने की घोषणा कर दी। इसके बाद अन्य ग्रामीणों ने भी अपनी सहमति दे दी।