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Sirsa News: दमाला प्रतियोगिता में सरबजीत कौर प्रथम
Tue, 14 Apr 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:09 AM IST
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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक वअन्य। विवि
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सीडीएलयू में बैसाखी पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग की ओर बैसाखी के पावन अवसर पर सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत दस्तार (पगड़ी) बांधने और दमाला पहनने की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
दमाला प्रतियोगिता (लड़कियों वर्ग) में सरबजीत कौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि हुसनप्रीत कौर दूसरे स्थान पर रहीं। लड़कों के वर्ग में जसनूर सिंह ने प्रथम, हरजिंदर सिंह ने द्वितीय तथा खुशप्रीत और अंकुश ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसके अलावा मनदीप सिंह, हरशवीर सिंह, गुरजीत सिंह और सतनाम सिंह को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में मानविकी संकाय के डीन एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. सेवा सिंह बाजवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में महाराजा रणजीत सिंह के योगदान को याद करते हुए सिख इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। संचालन डॉ. चरणजीत कौर ने किया। इस अवसर पर प्राध्यापक मनप्रीत सिंह एवं राजविंदर कौर सहित विभाग के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
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ऐलनाबाद में बैसाखी पर्व पर कीर्तन दरबार, संगत हुई निहाल
फोटो-25
संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। बैसाखी के अवसर पर सोमवार को सुखमनी साहिब सोसायटी की ओर से सोमवार को कीर्तन दरबार सजाया गया। इस अवसर पर भाई गुरदयाल सिंह (रागी जथा) श्री गंगानगर से पधारकर गुरुबाणी कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
कार्यक्रम लगभग तीन घंटे तक चला। इसमें संगत ने श्रद्धा भाव से कीर्तन का आनंद लिया। बैसाखी का यह पावन पर्व ऐलनाबाद में बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में गुरु की संगत, सामाजिक संस्थाओं के सदस्य व अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने हाजिरी लगाई।
संस्था निष्काम भाव से घर-घर जाकर श्री सुखमनी साहिब के पाठ, भजन-कीर्तन करती है तथा सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर सेवा देती है। साथ ही फ्री बर्तन सेवा भी निरंतर चलाई जा रही है। इस दौरान अमीरचंद मेहता ने सभी संगत को बैसाखी पर्व की हार्दिक बधाई दी।
बैसाखी पर तृप्ता वेल्फेयर सोसायटी ने लगाया भंडारा
फोटो-2
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। तृप्ता वेलफेयर सोसायटी की ओर से बैसाखी पर्व के मौके पर सोमवार को शिव चौक पर भंडारा लगाया गया। सोसायटी की अध्यक्ष तृप्ता चिटकारा ने बताया कि सर्वप्रथम दशवीं पातशाही गुरद्वारा से सुरजीत बापू ने अरदास करवाई। अरदास के बाद लंगर शुरू किया गया।
तृप्ता चिटकारा ने बताया कि बैसाखी का पर्व हमें हमारी संस्कृति, परंपरा और मेहनत की अहमियत याद दिलाता है। साथ ही, यह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है। सिख समुदाय के लिए इसका गहरा धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। उन्होंने बताया कि बैसाखी का इतिहास 1699 से जुड़ा है जब गुरु गोबिंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस दिन सिखों को एक नई पहचान मिली और उन्हें साहस, समानता और धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित किया गया। यह घटना सिख धर्म के इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई। इस मौके पर राजिंदर कौर, जसवीर कौर, वीरपाल, मनिंदर कौर, गुरदेव कौर, मनजीत सिंह, मनिंद्र, रमेश साहुवाला, बलजीत, संजीव देवगुण आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के पंजाबी विभाग की ओर बैसाखी के पावन अवसर पर सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत दस्तार (पगड़ी) बांधने और दमाला पहनने की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
दमाला प्रतियोगिता (लड़कियों वर्ग) में सरबजीत कौर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जबकि हुसनप्रीत कौर दूसरे स्थान पर रहीं। लड़कों के वर्ग में जसनूर सिंह ने प्रथम, हरजिंदर सिंह ने द्वितीय तथा खुशप्रीत और अंकुश ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसके अलावा मनदीप सिंह, हरशवीर सिंह, गुरजीत सिंह और सतनाम सिंह को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।
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कार्यक्रम में मानविकी संकाय के डीन एवं पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रो. सेवा सिंह बाजवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में महाराजा रणजीत सिंह के योगदान को याद करते हुए सिख इतिहास की महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। संचालन डॉ. चरणजीत कौर ने किया। इस अवसर पर प्राध्यापक मनप्रीत सिंह एवं राजविंदर कौर सहित विभाग के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
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ऐलनाबाद में बैसाखी पर्व पर कीर्तन दरबार, संगत हुई निहाल
फोटो-25
संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। बैसाखी के अवसर पर सोमवार को सुखमनी साहिब सोसायटी की ओर से सोमवार को कीर्तन दरबार सजाया गया। इस अवसर पर भाई गुरदयाल सिंह (रागी जथा) श्री गंगानगर से पधारकर गुरुबाणी कीर्तन कर संगत को निहाल किया।
कार्यक्रम लगभग तीन घंटे तक चला। इसमें संगत ने श्रद्धा भाव से कीर्तन का आनंद लिया। बैसाखी का यह पावन पर्व ऐलनाबाद में बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में गुरु की संगत, सामाजिक संस्थाओं के सदस्य व अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने हाजिरी लगाई।
संस्था निष्काम भाव से घर-घर जाकर श्री सुखमनी साहिब के पाठ, भजन-कीर्तन करती है तथा सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर सेवा देती है। साथ ही फ्री बर्तन सेवा भी निरंतर चलाई जा रही है। इस दौरान अमीरचंद मेहता ने सभी संगत को बैसाखी पर्व की हार्दिक बधाई दी।
बैसाखी पर तृप्ता वेल्फेयर सोसायटी ने लगाया भंडारा
फोटो-2
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। तृप्ता वेलफेयर सोसायटी की ओर से बैसाखी पर्व के मौके पर सोमवार को शिव चौक पर भंडारा लगाया गया। सोसायटी की अध्यक्ष तृप्ता चिटकारा ने बताया कि सर्वप्रथम दशवीं पातशाही गुरद्वारा से सुरजीत बापू ने अरदास करवाई। अरदास के बाद लंगर शुरू किया गया।
तृप्ता चिटकारा ने बताया कि बैसाखी का पर्व हमें हमारी संस्कृति, परंपरा और मेहनत की अहमियत याद दिलाता है। साथ ही, यह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है। सिख समुदाय के लिए इसका गहरा धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व भी है। उन्होंने बताया कि बैसाखी का इतिहास 1699 से जुड़ा है जब गुरु गोबिंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी। इस दिन सिखों को एक नई पहचान मिली और उन्हें साहस, समानता और धर्म की रक्षा के लिए प्रेरित किया गया। यह घटना सिख धर्म के इतिहास में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई। इस मौके पर राजिंदर कौर, जसवीर कौर, वीरपाल, मनिंदर कौर, गुरदेव कौर, मनजीत सिंह, मनिंद्र, रमेश साहुवाला, बलजीत, संजीव देवगुण आदि उपस्थित रहे।