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Sirsa News: डिंग मंडी के साहिल बने फ्लाइंग आफिसर
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। सपनों को साकार करने के लिए हमेशा समर्पण होना चाहिए। ऐसे में आप निर्धारित लक्ष्य को बड़ी आसानी से पा सकते हैं। ऐसे ही कर दिखाया है गांव डिंग मंडी के साहिल सुथार कुमार ने।
साहिल कुमार वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर चयनित हुए हैं। सोमवार को गांव लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। नौवीं कक्षा के दौरान हवाई जहाज को देखकर साहिल के मन में वायुसेना में जाने की इच्छा पैदा हुई। तभी से वे अपने इस सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने में जुट गए। परिवार के सभी सदस्यों ने उन्हें प्रोत्साहित किया।
साहिल सुथार ने बताया कि उनके गांव की मिट्टी में सेना के लिए एक जज्बा है। गांव की मिट्टी ने उसे वायुसेना में जाने के लिए लगातार प्रेरित किया। सुथार ने बताया कि उसकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के निजी स्कूल में हुई। इसके बाद पढ़ाई के लिए भट्टू मंडी स्थित सतलुज पब्लिक स्कूल में दाखिल हो गया। स्कूल की नौंवी कक्षा में पढ़ते हुए हवाई जहाज को देखकर मन में वायुसेना में जाने की इच्छा पैदा हुई।
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घर वाले हमेशा आगे बढ़ने के लिए करते थे प्रोत्साहित
साहिल सुथार ने बताया कि उसने लक्ष्य तो निर्धारित कर लिया था, लेकिन मन में उथल-पुथल मची हुई थी कि क्या होगा। ऐसे में समय में पिता विनोद कुमार, माता सोमी देवी, दादा महावीर प्रसाद ने उसे लगातार प्रोत्साहित किया। युवाओं को संदेश देते हुए साहिल ने कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल फोन को त्याग दे, तभी वह अपने स्वप्नों को साकार कर सकती है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत चिंता का विषय है। युवाओं को इस लत से हमें बचाना होगा।
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सिरसा। सपनों को साकार करने के लिए हमेशा समर्पण होना चाहिए। ऐसे में आप निर्धारित लक्ष्य को बड़ी आसानी से पा सकते हैं। ऐसे ही कर दिखाया है गांव डिंग मंडी के साहिल सुथार कुमार ने।
साहिल कुमार वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर चयनित हुए हैं। सोमवार को गांव लौटने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। नौवीं कक्षा के दौरान हवाई जहाज को देखकर साहिल के मन में वायुसेना में जाने की इच्छा पैदा हुई। तभी से वे अपने इस सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करने में जुट गए। परिवार के सभी सदस्यों ने उन्हें प्रोत्साहित किया।
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साहिल सुथार ने बताया कि उनके गांव की मिट्टी में सेना के लिए एक जज्बा है। गांव की मिट्टी ने उसे वायुसेना में जाने के लिए लगातार प्रेरित किया। सुथार ने बताया कि उसकी प्रारंभिक शिक्षा गांव के निजी स्कूल में हुई। इसके बाद पढ़ाई के लिए भट्टू मंडी स्थित सतलुज पब्लिक स्कूल में दाखिल हो गया। स्कूल की नौंवी कक्षा में पढ़ते हुए हवाई जहाज को देखकर मन में वायुसेना में जाने की इच्छा पैदा हुई।
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घर वाले हमेशा आगे बढ़ने के लिए करते थे प्रोत्साहित
साहिल सुथार ने बताया कि उसने लक्ष्य तो निर्धारित कर लिया था, लेकिन मन में उथल-पुथल मची हुई थी कि क्या होगा। ऐसे में समय में पिता विनोद कुमार, माता सोमी देवी, दादा महावीर प्रसाद ने उसे लगातार प्रोत्साहित किया। युवाओं को संदेश देते हुए साहिल ने कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल फोन को त्याग दे, तभी वह अपने स्वप्नों को साकार कर सकती है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत चिंता का विषय है। युवाओं को इस लत से हमें बचाना होगा।