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Sirsa News: सफाई कर्मचारियों ने कचरा उठा रही ट्राॅली को खाली करवाया
Mon, 31 Aug 2026 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 31 Aug 2026 11:05 PM IST
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ट्राली खाली करवाते कर्मचारी।
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रानियां में सफाई कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
फोटो-- 4,5
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। सफाई कर्मचारियों की अपनी मांगों को लेकर चल रही हड़ताल 26वें दिन भी जारी रही। सोमवार को जब प्रशासन शहर में लगे कचरे के ढेर को उठाने पहुंचा तो हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रॉली को रुकवाया और उसमें भरा कूड़ा मौके पर ही खाली करवाया।
इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने सरकार व प्रशासन की नीतियों के खिलाफ जोरदार रोष व्यक्त किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इकाई प्रधान सोमपाल पुहाल ने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारी कच्चे और ठेका प्रथा के तहत काम करने को मजबूर हैं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, ठेका प्रथा बंद की जाए और कर्मचारियों को उनका हक एवं सम्मान दिया जाए। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 2025 को फरीदाबाद में शहीद हुए दो फायरमैन साथियों को न्याय दिलाया जाए तथा 13 मई 2026 को सरकार और कर्मचारियों के बीच 17 मांगों पर बनी सहमति को लागू करते हुए संबंधित पत्र जारी किए जाएं।
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इस दौरान फायरमैन रानियां तथा ब्लॉक एसकेएस के प्रधान गुरमेल सिंह भी कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचे। इसके अलावा ग्रामीण सफाई कर्मचारी ब्लॉक रानियां के प्रधान रणजीत, शंकर, लीलू राम, दर्शन सिंह, धर्मपाल और बूटा राम अपनी टीम के साथ पहुंचे और चल रही 15वें दिन की हड़ताल को समर्थन दिया।
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जीवन नगर रोड पर रोष प्रदर्शन भी किया और सरकार से मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष सुखविंदर पाल, संगठनकर्ता अनिल कुमार, सह-संगठनकर्ता नरेंद्र अटवाल, प्रेस सचिव रमेश पाल, डोर-टू-डोर के सभी कर्मचारी तथा अन्य कर्मचारी साथी मौजूद रहे।
कचरा उठाने पर दो दिन टकराव टालेंगे, लोगों से सहयोग की अपील करेंगे कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में कचरा उठाने और सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों तथा प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति को टालने के लिए कर्मचारियों ने दो दिन तक संयम बरतने का निर्णय लिया है। कर्मचारी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के दौरान शहरवासियों और सामाजिक संस्थाओं से सहयोग की अपील करेंगे।
तीन सितंबर को नगर परिषद व नगर पालिकाओं को बंद रखने के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले विभागीय कर्मचारियों को भी सहयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर नगर परिषद की टीमों की ओर से शहर के आउटर डंपिंग पॉइंटों पर सफाई करवाई गई। कुछ एरिया में डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया।
शहर में सफाई व्यवस्था पहले ही चरमराई हुई है। विभिन्न स्थानों पर कचरे के ढेर लगे होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार शहर में अभी भी 2 हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा पड़ा हुआ है।
नियमित रूप से कचरा नहीं उठने और कई क्षेत्रों में सड़कों की सफाई नहीं होने से स्थिति लगातार खराब हो रही है। प्रधान मनोज अठवाल का कहना है कि उनका उद्देश्य आमजन को परेशानी में डालना नहीं है।
इसी कारण बंद से पहले दो दिनों तक लोगों और संस्थाओं से सहयोग की अपील की जाएगी। डोर-टू-डोर अभियान के दौरान लोगों से कचरा निर्धारित स्थान पर देने तथा सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया जाएगा।
उधर, सफाई कर्मचारियों के प्रस्तावित बंद को देखते हुए प्रशासन ने भी वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश शुरू कर दी है। शहर में जमा कचरे को हटाने और सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर में पहले से जमा हजारों टन कचरे को हटाने के साथ-साथ सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई व्यवस्था बनाए रखना है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि प्रशासन और आमजन का सहयोग मिलता है तो सफाई व्यवस्था को लेकर अनावश्यक विवाद की स्थिति से बचा जा सकता है।
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। सफाई कर्मचारियों की अपनी मांगों को लेकर चल रही हड़ताल 26वें दिन भी जारी रही। सोमवार को जब प्रशासन शहर में लगे कचरे के ढेर को उठाने पहुंचा तो हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रॉली को रुकवाया और उसमें भरा कूड़ा मौके पर ही खाली करवाया।
इस दौरान सफाई कर्मचारियों ने सरकार व प्रशासन की नीतियों के खिलाफ जोरदार रोष व्यक्त किया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। इकाई प्रधान सोमपाल पुहाल ने कहा कि बड़ी संख्या में कर्मचारी कच्चे और ठेका प्रथा के तहत काम करने को मजबूर हैं।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांग है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, ठेका प्रथा बंद की जाए और कर्मचारियों को उनका हक एवं सम्मान दिया जाए। उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 2025 को फरीदाबाद में शहीद हुए दो फायरमैन साथियों को न्याय दिलाया जाए तथा 13 मई 2026 को सरकार और कर्मचारियों के बीच 17 मांगों पर बनी सहमति को लागू करते हुए संबंधित पत्र जारी किए जाएं।
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इस दौरान फायरमैन रानियां तथा ब्लॉक एसकेएस के प्रधान गुरमेल सिंह भी कर्मचारियों के समर्थन में पहुंचे। इसके अलावा ग्रामीण सफाई कर्मचारी ब्लॉक रानियां के प्रधान रणजीत, शंकर, लीलू राम, दर्शन सिंह, धर्मपाल और बूटा राम अपनी टीम के साथ पहुंचे और चल रही 15वें दिन की हड़ताल को समर्थन दिया।
कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जीवन नगर रोड पर रोष प्रदर्शन भी किया और सरकार से मांगों का जल्द समाधान करने की अपील की। इस अवसर पर कोषाध्यक्ष सुखविंदर पाल, संगठनकर्ता अनिल कुमार, सह-संगठनकर्ता नरेंद्र अटवाल, प्रेस सचिव रमेश पाल, डोर-टू-डोर के सभी कर्मचारी तथा अन्य कर्मचारी साथी मौजूद रहे।
कचरा उठाने पर दो दिन टकराव टालेंगे, लोगों से सहयोग की अपील करेंगे कर्मचारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर में कचरा उठाने और सफाई व्यवस्था को लेकर नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों तथा प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति को टालने के लिए कर्मचारियों ने दो दिन तक संयम बरतने का निर्णय लिया है। कर्मचारी डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के दौरान शहरवासियों और सामाजिक संस्थाओं से सहयोग की अपील करेंगे।
तीन सितंबर को नगर परिषद व नगर पालिकाओं को बंद रखने के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले विभागीय कर्मचारियों को भी सहयोग के लिए प्रेरित किया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर नगर परिषद की टीमों की ओर से शहर के आउटर डंपिंग पॉइंटों पर सफाई करवाई गई। कुछ एरिया में डोर-टू-डोर अभियान चलाया गया।
शहर में सफाई व्यवस्था पहले ही चरमराई हुई है। विभिन्न स्थानों पर कचरे के ढेर लगे होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार शहर में अभी भी 2 हजार मीट्रिक टन से अधिक कचरा पड़ा हुआ है।
नियमित रूप से कचरा नहीं उठने और कई क्षेत्रों में सड़कों की सफाई नहीं होने से स्थिति लगातार खराब हो रही है। प्रधान मनोज अठवाल का कहना है कि उनका उद्देश्य आमजन को परेशानी में डालना नहीं है।
इसी कारण बंद से पहले दो दिनों तक लोगों और संस्थाओं से सहयोग की अपील की जाएगी। डोर-टू-डोर अभियान के दौरान लोगों से कचरा निर्धारित स्थान पर देने तथा सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया जाएगा।
उधर, सफाई कर्मचारियों के प्रस्तावित बंद को देखते हुए प्रशासन ने भी वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश शुरू कर दी है। शहर में जमा कचरे को हटाने और सफाई व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर में पहले से जमा हजारों टन कचरे को हटाने के साथ-साथ सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई व्यवस्था बनाए रखना है। कर्मचारियों का कहना है कि यदि प्रशासन और आमजन का सहयोग मिलता है तो सफाई व्यवस्था को लेकर अनावश्यक विवाद की स्थिति से बचा जा सकता है।