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आरटीआई से हुआ लाखों के घोटाले का खुलासा
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Tue, 15 Dec 2015 12:20 AM IST
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विद्युत निगम में घोटालों की सूची लंबी होती जा रही है। ताजा मामला एलएल-1 में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसका खुलासा लाइनमैन जसकौर सिंह की ओर से आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना में हुआ है।
जानकारी अनुसार कालांवाली सब डिवीजन क्षेत्र में चार जेई को निगम की ओर से 16 एलएल-1 (चैकिंग आथोरिटी) बुक जारी की गई थी जिसमें क्षेत्र में कहीं भी बिजली चोरी या अन्य कोई चैकिंग होती है तो उसका विवरण उक्त बुक में दर्ज किया जाता है जो बाद में विभागीय रिकार्ड में दिखाया जाता है।
सूत्रों के अनुसार उक्त एलएल-1 तत्कालीन जेई विनोद शर्मा, जंटा सिंह, बलकरण सिंह व सतीश कुमार के पास थी। जिन्होंने क्षेत्र में की गई चेकिंग व बिजली चोरी आदि के रूप में वसूले गए जुर्माने की एलएल-1 तो भर दी लेकिन उन्हें निगम को जमा न करवाकर खुद अपनी जेबों में डाल लिया।
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आरटीआई से मिली जानकारी अनुसार एलएल-1 में 800 एंट्री दर्ज हुई है जिसमें से उक्त लोग करीब 300 एलएल-1 जमा करवाकर 500 एलएल-1 डकार गए। अगर उक्त एलएल-1 नियमानुसार जमा होती तो निगम को लाखों रुपयों की रिकवरी होती। वहीं आरटीआई में ये भी जानकारी मिली है कि स्टेट विजीलेंस ने पांच जून को जेई सतीश कुमार व अन्य स्टाफ को लेकर क्षेत्र में नौ कनेक्शनों की जांच की, जिसमें छह कनेक्शन अवैध पाए गए जबकि तीन सेल्फ कनेक्शनों में डीएचबीवीएन का सामान लगा पाया जो कि अवैध रूप से लगाया गया था। इस मामले में एसडीई एसके नैन ने तीन कनेक्शन धारकों से तो रिकवरी वसूल कर ली, लेकिन छह कनेक्शन की एलएल-1 को ठंडे बस्ते में डाल रखा है। जब इस बारे एसडीई एसके नैन से बात करनी चाही तो उन्होंने कहा कि वे इस समय व्यस्त हैं।
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जानकारी अनुसार कालांवाली सब डिवीजन क्षेत्र में चार जेई को निगम की ओर से 16 एलएल-1 (चैकिंग आथोरिटी) बुक जारी की गई थी जिसमें क्षेत्र में कहीं भी बिजली चोरी या अन्य कोई चैकिंग होती है तो उसका विवरण उक्त बुक में दर्ज किया जाता है जो बाद में विभागीय रिकार्ड में दिखाया जाता है।
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सूत्रों के अनुसार उक्त एलएल-1 तत्कालीन जेई विनोद शर्मा, जंटा सिंह, बलकरण सिंह व सतीश कुमार के पास थी। जिन्होंने क्षेत्र में की गई चेकिंग व बिजली चोरी आदि के रूप में वसूले गए जुर्माने की एलएल-1 तो भर दी लेकिन उन्हें निगम को जमा न करवाकर खुद अपनी जेबों में डाल लिया।
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आरटीआई से मिली जानकारी अनुसार एलएल-1 में 800 एंट्री दर्ज हुई है जिसमें से उक्त लोग करीब 300 एलएल-1 जमा करवाकर 500 एलएल-1 डकार गए। अगर उक्त एलएल-1 नियमानुसार जमा होती तो निगम को लाखों रुपयों की रिकवरी होती। वहीं आरटीआई में ये भी जानकारी मिली है कि स्टेट विजीलेंस ने पांच जून को जेई सतीश कुमार व अन्य स्टाफ को लेकर क्षेत्र में नौ कनेक्शनों की जांच की, जिसमें छह कनेक्शन अवैध पाए गए जबकि तीन सेल्फ कनेक्शनों में डीएचबीवीएन का सामान लगा पाया जो कि अवैध रूप से लगाया गया था। इस मामले में एसडीई एसके नैन ने तीन कनेक्शन धारकों से तो रिकवरी वसूल कर ली, लेकिन छह कनेक्शन की एलएल-1 को ठंडे बस्ते में डाल रखा है। जब इस बारे एसडीई एसके नैन से बात करनी चाही तो उन्होंने कहा कि वे इस समय व्यस्त हैं।