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उपायुक्त व एसडीएम पहुंचे रोड़ी पीएचसी, पूछा : क्यों हुआ सबसे कम वैक्सीनेशन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Dec 2021 11:24 PM IST
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Rodi PHC reached Deputy Commissioner and SDM, asked: why was the least vaccination
रोड़ी। ओमिक्रॉन की दस्तक के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी के तहत मंगलवार को उपायुक्त अनीश यादव व एसडीएम उदय सिंह ने रोड़ी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद डॉ. आशा जिंदल से कारण पूछते हुए कहा कि पीएचसी पर जिला में सबसे कम कोरोना वैक्सीनेशन क्यों हुआ है। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि एक सप्ताह में वैक्सीनेशन कार्य में तेजी लाते हुए हर रोज रिपोर्ट भेजें। इस दौरान उपायुक्त ने पीएचसी पर व्यवस्था बारे भी जानकारी ली। डॉ. आशा जिंदल ने उपायुक्त को अवगत करवाया कि वैक्सीनेशन कार्य में पहले अध्यापकों की भी ड्यूटी लगी हुई थी, जिन्हें 2 दिन पूर्व हटा दिया गया। जिसके बाद उपायुक्त ने अध्यापकों को इस कार्य के लिए दोबारा निर्देश दिए है।
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मंगलवार शाम को एसडीएम उदय सिंह पीएचसी केंद्र पहुंचे। उन्होंने भी पीएचसी में व्यवस्था का जायजा लेते हुए डॉ. आशा जिंदल से कहा कि रोड़ी पीएचसी केंद्र के अधीन 10 गांव पड़ते हैं। पूरे जिला में इस पीएचसी पर सबसे कम वैक्सीनेशन हुआ है। उन्होंने पूछा कि प्रथम डोज तो करीब 70 प्रतिशत लगी, लेकिन द्वितीय डोज केवल 22 प्रतिशत पर ही क्यों रुक गई। चिकित्सक बोले कि कर्मचारी लोगों को वैक्सीनेशन बारे जागरूक करने में लगे हैं।
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एसडीएम ने ओमिक्रॉन को लेकर आपातकालीन स्थिति बारे पूछा। डॉ. जिंदल ने जवाब दिया कि पीएचसी में 6 बेड हैं, जिन पर 5 ऑक्सीजन सिलिंडर लगे हैं। अगर 5 सिलिंडर और दे दिए जाते हैं तो बेहतर प्रबंध हो जाएगा। इस दौरान एसडीएम उदय सिंह ने कानूनगो, पटवारी व डिपो होल्डरों की ड्यूटी लगाते हुए कहा कि वैक्सीनेशन में अधिक से अधिक बढ़ोतरी करवाते हुए हर रोज कार्यालय में रिपोर्ट करें।
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उपायुक्त व एसडीएम ने पीएचसी केंद्र का निरीक्षण किया था। वैक्सीनेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। पहले एएनएम व आशा वर्कर वैक्सीनेशन के साथ-साथ जागरूक भी करतीं थीं। लेकिन अब डोर-टू-डोर जाकर वैक्सीनेशन कार्य किया जाएगा। हमारे पास 36 आशा वर्कर व 7 एएनएम है।
- डॉ. आशा जिंदल, पीएचसी रोड़ी।
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