{"_id":"6ae8c9a1ecb6609d8c0838e2","slug":"roadways-workers-strike-sirsa-news-c-128-1-sir1013-167870-2026-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन जारी, चक्का जाम से यात्री रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन जारी, चक्का जाम से यात्री रहे परेशान
Mon, 02 Nov 2026 11:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 02 Nov 2026 11:04 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। देर शाम को बस अड्डे पर बस का इंतजार करते यात्री। संवाद
फोटो - 19 से 24
दूसरे दिन डबवाली सब-डिपो की बसों के भी थमे पहिए, ग्रामीण रूट पूरी तरह रहे प्रभावित, निजी बस संचालकों हुई चांदी
जीएम ने शाम तक पांच माह का 40 लाख लंबित टीए कर्मचारियों के खाते में डाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अपनी मांगों के लिए रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रही। रविवार को शुरू हुई इस हड़ताल में सोमवार को डबवाली सब-डिपो के कर्मचारी भी शामिल हो गए। इससे पूरे जिले में रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया।
किलोमीटर स्कीम की बसें भी नहीं चलीं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चक्का जाम के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग प्रभावित हुए। छात्र, सरकारी कर्मचारी और बसों में आवागमन करने वाले अन्य लोगों को बड़ी दिक्कतें आईं।
डबवाली सब-डिपो के हड़ताल पर जाने से जिले के करीब 150 रूट प्रभावित हुए। सिरसा और डबवाली डिपो के लगभग 450 कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल रहे। यात्रियों को पूरा दिन बस अड्डा परिसर में भटकना पड़ा।
विज्ञापन
हालांकि, दूसरे डिपो की बसों और निजी बसों के संचालन से डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद और हिसार रूट पर कुछ यात्रियों को राहत मिली। ग्रामीण रूटों पर यात्रियों को निजी वाहनों और अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ा।
रोडवेज महासंघ के सचिव सुरेंद्र बैरागी ने बताया कि उन्होंने तीन माह पहले जीएम को मांग पत्र सौंपा था। इसमें टीए और रात्रि भत्ता जारी करने की मांग की गई थी। उन्होंने दो बार स्मरण पत्र भी दिए और हड़ताल की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद जीएम ने उनसे मुलाकात नहीं की और न ही उनकी मांगों पर संज्ञान लिया।
कर्मचारियों को मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। सुरेंद्र बैरागी ने जीएम द्वारा रविवार को हड़ताल की सूचना मिलने के बाद कर्मचारियों को टीए अलाउंस जारी करने के मिनट्स जारी करने को गलत जानकारी बताया।
उन्होंने कहा कि पांच और छह को साझा मोर्चा ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इससे अगले चार दिन तक रोडवेज का चक्का जाम रहने की आशंका बढ़ गई है।
जीएम से बातचीत बेनतीजा
प्रदर्शन खत्म कराने के लिए महाप्रबंधक अजय दलाल धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को बसों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए मनाने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद जीएम ने कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल को मुलाकात के लिए आमंत्रित किया। साझा मोर्चा ने बैठक कर दस सदस्यीय टीम को जीएम से मिलने भेजा। यह मुलाकात बेनतीजा रही। जीएम ने कर्मचारियों को अगस्त 2025 से दिसंबर 2025 तक का पांच माह का टीए अलाउंस डलवाने की बात कही। उन्होंने बताया कि करीब 40 लाख रुपये का यह अलाउंस ट्रेजरी को जारी करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, कर्मचारी पूरे टीए और एलटीसी के भुगतान की मांग पर अड़े रहे।
यात्रियों को करना पड़ा दिक्कतों का सामना
रोडवेज बसों के पहिए थमने के बाद हर समय चहल-पहल से भरा रहने वाला बस अड्डा सुनसान नजर आया। यात्री बस अड्डे के बाहर दूसरे परिवहन साधनों की तलाश करते दिखे। वहीं बस अड्डा परिसर में कुछ लोग लंबे रूट की गाड़ियों के बारे में पूछताछ करते रहे। चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद बस मिल पाई। राजस्थान की ओर जाने वाले यात्रियों का भी यही हाल रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा बाधित होने से यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ा। सीमित विकल्पों के कारण उन्हें काफी असुविधा हुई।
निजी बस संचालकों को लाभ और लंबित एलटीसी
रोडवेज बसों का संचालन ठप होने से निजी बस संचालकों को खूब लाभ हुआ। यात्रियों के पास सीमित विकल्प होने के कारण निजी बसों में दिनभर भीड़ बनी रही। डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद और हिसार रूट पर निजी बसों को अधिक सवारियां मिलीं। हालांकि, ग्रामीण रूटों पर निजी बसों की सुविधा सीमित होने से यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों की एलटीसी के करीब 2.60 करोड़ रुपये बकाया हैं। कर्मचारी टीए के साथ एलटीसी का भुगतान भी जल्द करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर जीएम की ओर से मुख्यालय को दोबारा पत्र लिखा गया है। यह राशि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में से एक है।
महाप्रबंधक बोले
सिरसा डिपो के महाप्रबंधक अजय दलाल ने बताया कि यूनियन नेताओं को मुलाकात के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि बातचीत काफी सार्थक माहौल में हुई है। डिपो स्तर पर पूरी होने वाली कुछ मांगें पूरी कर दी गई हैं। टीए डलवाना भी शुरू कर दिया गया है। कुछ मांगों पर निदेशालय को पत्र भेजकर जल्द संज्ञान लेने की अपील की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मांगों को जल्द पूरा कर दिया जाएगा। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए दूसरे डिपो से बसों के अतिरिक्त फेरे लगवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ये रहीं प्रमुख मांगें
- लंबित टीए का पूरा भुगतान किया जाए।
- रात्रि भत्ते की बकाया राशि जारी की जाए।
- करीब 2.60 करोड़ रुपये की एलटीसी का भुगतान किया जाए।
- कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए।
विज्ञापन
दूसरे दिन डबवाली सब-डिपो की बसों के भी थमे पहिए, ग्रामीण रूट पूरी तरह रहे प्रभावित, निजी बस संचालकों हुई चांदी
जीएम ने शाम तक पांच माह का 40 लाख लंबित टीए कर्मचारियों के खाते में डाला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अपनी मांगों के लिए रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रही। रविवार को शुरू हुई इस हड़ताल में सोमवार को डबवाली सब-डिपो के कर्मचारी भी शामिल हो गए। इससे पूरे जिले में रोडवेज बसों का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया।
किलोमीटर स्कीम की बसें भी नहीं चलीं। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चक्का जाम के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग प्रभावित हुए। छात्र, सरकारी कर्मचारी और बसों में आवागमन करने वाले अन्य लोगों को बड़ी दिक्कतें आईं।
विज्ञापन
डबवाली सब-डिपो के हड़ताल पर जाने से जिले के करीब 150 रूट प्रभावित हुए। सिरसा और डबवाली डिपो के लगभग 450 कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल रहे। यात्रियों को पूरा दिन बस अड्डा परिसर में भटकना पड़ा।
विज्ञापन
हालांकि, दूसरे डिपो की बसों और निजी बसों के संचालन से डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद और हिसार रूट पर कुछ यात्रियों को राहत मिली। ग्रामीण रूटों पर यात्रियों को निजी वाहनों और अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर रहना पड़ा।
रोडवेज महासंघ के सचिव सुरेंद्र बैरागी ने बताया कि उन्होंने तीन माह पहले जीएम को मांग पत्र सौंपा था। इसमें टीए और रात्रि भत्ता जारी करने की मांग की गई थी। उन्होंने दो बार स्मरण पत्र भी दिए और हड़ताल की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद जीएम ने उनसे मुलाकात नहीं की और न ही उनकी मांगों पर संज्ञान लिया।
कर्मचारियों को मजबूर होकर हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा। सुरेंद्र बैरागी ने जीएम द्वारा रविवार को हड़ताल की सूचना मिलने के बाद कर्मचारियों को टीए अलाउंस जारी करने के मिनट्स जारी करने को गलत जानकारी बताया।
उन्होंने कहा कि पांच और छह को साझा मोर्चा ने प्रदेशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इससे अगले चार दिन तक रोडवेज का चक्का जाम रहने की आशंका बढ़ गई है।
जीएम से बातचीत बेनतीजा
प्रदर्शन खत्म कराने के लिए महाप्रबंधक अजय दलाल धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों को बसों का संचालन फिर से शुरू करने के लिए मनाने का प्रयास किया लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। इसके बाद जीएम ने कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल को मुलाकात के लिए आमंत्रित किया। साझा मोर्चा ने बैठक कर दस सदस्यीय टीम को जीएम से मिलने भेजा। यह मुलाकात बेनतीजा रही। जीएम ने कर्मचारियों को अगस्त 2025 से दिसंबर 2025 तक का पांच माह का टीए अलाउंस डलवाने की बात कही। उन्होंने बताया कि करीब 40 लाख रुपये का यह अलाउंस ट्रेजरी को जारी करने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि, कर्मचारी पूरे टीए और एलटीसी के भुगतान की मांग पर अड़े रहे।
यात्रियों को करना पड़ा दिक्कतों का सामना
रोडवेज बसों के पहिए थमने के बाद हर समय चहल-पहल से भरा रहने वाला बस अड्डा सुनसान नजर आया। यात्री बस अड्डे के बाहर दूसरे परिवहन साधनों की तलाश करते दिखे। वहीं बस अड्डा परिसर में कुछ लोग लंबे रूट की गाड़ियों के बारे में पूछताछ करते रहे। चंडीगढ़ और दिल्ली रूट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को घंटों इंतजार के बाद बस मिल पाई। राजस्थान की ओर जाने वाले यात्रियों का भी यही हाल रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में बस सेवा बाधित होने से यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ा। सीमित विकल्पों के कारण उन्हें काफी असुविधा हुई।
निजी बस संचालकों को लाभ और लंबित एलटीसी
रोडवेज बसों का संचालन ठप होने से निजी बस संचालकों को खूब लाभ हुआ। यात्रियों के पास सीमित विकल्प होने के कारण निजी बसों में दिनभर भीड़ बनी रही। डबवाली, रानियां, ऐलनाबाद और हिसार रूट पर निजी बसों को अधिक सवारियां मिलीं। हालांकि, ग्रामीण रूटों पर निजी बसों की सुविधा सीमित होने से यात्रियों को इंतजार करना पड़ा। रोडवेज कर्मचारियों की एलटीसी के करीब 2.60 करोड़ रुपये बकाया हैं। कर्मचारी टीए के साथ एलटीसी का भुगतान भी जल्द करने की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर जीएम की ओर से मुख्यालय को दोबारा पत्र लिखा गया है। यह राशि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में से एक है।
महाप्रबंधक बोले
सिरसा डिपो के महाप्रबंधक अजय दलाल ने बताया कि यूनियन नेताओं को मुलाकात के लिए बुलाया गया था। उन्होंने कहा कि बातचीत काफी सार्थक माहौल में हुई है। डिपो स्तर पर पूरी होने वाली कुछ मांगें पूरी कर दी गई हैं। टीए डलवाना भी शुरू कर दिया गया है। कुछ मांगों पर निदेशालय को पत्र भेजकर जल्द संज्ञान लेने की अपील की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मांगों को जल्द पूरा कर दिया जाएगा। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए दूसरे डिपो से बसों के अतिरिक्त फेरे लगवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
ये रहीं प्रमुख मांगें
- लंबित टीए का पूरा भुगतान किया जाए।
- रात्रि भत्ते की बकाया राशि जारी की जाए।
- करीब 2.60 करोड़ रुपये की एलटीसी का भुगतान किया जाए।
- कर्मचारियों की लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए।