{"_id":"6ae77c5236a85926e302d5cc","slug":"roadways-workers-protest-sirsa-news-c-128-1-svns1027-167841-2026-11-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: तीन साल से भत्ता नहीं मिला, रोडवेज कर्मचारियों ने रोकी बसों की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: तीन साल से भत्ता नहीं मिला, रोडवेज कर्मचारियों ने रोकी बसों की रफ्तार
Sun, 01 Nov 2026 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 01 Nov 2026 11:22 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। लंबित भत्तों की मांग को लेकर सिरसा रोडवेज डिपो के मुख्य गेट पर धरना देकर प्रदर्शन करते र
हिसार से बाद अब सिरसा में बसों का चक्का हुआ जाम सिरसा डिपो के गेट पर धरने से बसों का आवागमन ठप
लोकल और लंबे रूटों के यात्री परेशान, 5-6 नवंबर को प्रदेशव्यापी चक्का जाम की चेतावनी
फोटो - 35, 36
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। तीन साल से दैनिक भत्ता और चार साल से मेडिकल भत्ता नहीं मिलने से रोडवेज कर्मचारियों का गुस्सा रविवार दोपहर बाद फूट पड़ा। हिसार की तर्ज पर सिरसा रोडवेज डिपो के कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी।
बस स्टैंड के मुख्य गेट पर धरना देकर सरकार व रोडवेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल के चलते सिरसा डिपो की बसों के पहिए थम गए। बसें न तो डिपो से बाहर निकल सकीं और न ही दूसरी बसों को अंदर आने का रास्ता मिला।
रोडवेज कर्मचारियों की ओर से अचानक उठाए गए इस कदम से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर पहुंचे यात्री काफी देर तक बसों का इंतजार करते रहे लेकिन बसें नहीं मिलने के कारण उन्हें दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा।
विज्ञापन
हड़ताल का असर लोकल और लंबे रूटों पर देखने को मिला। ऐलनाबाद, रानियां, डबवाली, कालांवाली, नाथूसरी चौपटा, फतेहाबाद और हिसार जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
दूसरे डिपो से आने वाली कुछ बसों का संचालन जारी रहा लेकिन सिरसा डिपो की बसें बंद रहने से यात्रियों को राहत नहीं मिली। लोकल रूटों पर निजी बसों में भीड़ बढ़ गई और कई यात्रियों को महंगे निजी वाहनों से सफर करना पड़ा।
आज होगी यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी
रविवार होने के चलते यात्रियों का आवागमन कम था लेकिन सोमवार को हड़ताल का ज्यादा असर देखने को मिला। सरकारी कर्मचारियों, निजी कार्यों से जाने वाले लोग, कॉलेज के छात्रों आदि को परेशानी उठानी पड़ेगी।
हड़ताल रहेगी जारी
रोडवेज कर्मचारी नेता पृथ्वी सिंह चाहर और संयुक्त रोडवेज यूनियन सुरेंद्र स्वामी ने कहा कि कि दैनिक और मेडिकल भत्तों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। वे कई बार अधिकारियों के सामने अपनी मांग रख चुके हैं लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। इसी से नाराज होकर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता संघर्ष जारी रहेगा। उनका कहना है कि हड़ताल सोमवार को भी जारी रह सकती है।
भत्ते नहीं मिलेंगे तो परिवार कैसे चलाएंगे
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों जयवीर और जगदीप ने कहा कि रोडवेज प्रशासन उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। तीन-चार साल तक भत्तों का भुगतान नहीं होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्मचारियों को उनका बकाया पैसा नहीं मिलेगा तो वे अपने परिवार के साथ दिवाली जैसे त्योहार की खुशियां कैसे मना पाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि अब वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। सरकार को सभी लंबित भत्ते तत्काल जारी करने चाहिए।
5 और 6 नवंबर को चक्का जाम की चेतावनी
रोडवेज कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो 5 और 6 नवंबर को चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को सिरसा तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि प्रदेशभर के रोडवेज डिपो में कर्मचारी हड़ताल करेंगे।
कोट्स
कर्मचारी यूनियन से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। यूनियन के सदस्यों को बैठक के लिए बुलाया गया है। उन्हें समझाकर हड़ताल समाप्त करवाने का प्रयास किया जाएगा। यात्रियों को परेशानी न हो। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है।
-अजय दलाल, जीएम, रोडवेज।
विज्ञापन
लोकल और लंबे रूटों के यात्री परेशान, 5-6 नवंबर को प्रदेशव्यापी चक्का जाम की चेतावनी
फोटो - 35, 36
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। तीन साल से दैनिक भत्ता और चार साल से मेडिकल भत्ता नहीं मिलने से रोडवेज कर्मचारियों का गुस्सा रविवार दोपहर बाद फूट पड़ा। हिसार की तर्ज पर सिरसा रोडवेज डिपो के कर्मचारियों ने कामकाज छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी।
बस स्टैंड के मुख्य गेट पर धरना देकर सरकार व रोडवेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हड़ताल के चलते सिरसा डिपो की बसों के पहिए थम गए। बसें न तो डिपो से बाहर निकल सकीं और न ही दूसरी बसों को अंदर आने का रास्ता मिला।
विज्ञापन
रोडवेज कर्मचारियों की ओर से अचानक उठाए गए इस कदम से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर पहुंचे यात्री काफी देर तक बसों का इंतजार करते रहे लेकिन बसें नहीं मिलने के कारण उन्हें दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ा।
विज्ञापन
हड़ताल का असर लोकल और लंबे रूटों पर देखने को मिला। ऐलनाबाद, रानियां, डबवाली, कालांवाली, नाथूसरी चौपटा, फतेहाबाद और हिसार जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
दूसरे डिपो से आने वाली कुछ बसों का संचालन जारी रहा लेकिन सिरसा डिपो की बसें बंद रहने से यात्रियों को राहत नहीं मिली। लोकल रूटों पर निजी बसों में भीड़ बढ़ गई और कई यात्रियों को महंगे निजी वाहनों से सफर करना पड़ा।
आज होगी यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी
रविवार होने के चलते यात्रियों का आवागमन कम था लेकिन सोमवार को हड़ताल का ज्यादा असर देखने को मिला। सरकारी कर्मचारियों, निजी कार्यों से जाने वाले लोग, कॉलेज के छात्रों आदि को परेशानी उठानी पड़ेगी।
हड़ताल रहेगी जारी
रोडवेज कर्मचारी नेता पृथ्वी सिंह चाहर और संयुक्त रोडवेज यूनियन सुरेंद्र स्वामी ने कहा कि कि दैनिक और मेडिकल भत्तों का भुगतान लंबे समय से लंबित है। वे कई बार अधिकारियों के सामने अपनी मांग रख चुके हैं लेकिन हर बार आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। इसी से नाराज होकर कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होता संघर्ष जारी रहेगा। उनका कहना है कि हड़ताल सोमवार को भी जारी रह सकती है।
भत्ते नहीं मिलेंगे तो परिवार कैसे चलाएंगे
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों जयवीर और जगदीप ने कहा कि रोडवेज प्रशासन उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रहा है। तीन-चार साल तक भत्तों का भुगतान नहीं होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। इससे उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्मचारियों को उनका बकाया पैसा नहीं मिलेगा तो वे अपने परिवार के साथ दिवाली जैसे त्योहार की खुशियां कैसे मना पाएंगे। कर्मचारियों ने कहा कि अब वे केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। सरकार को सभी लंबित भत्ते तत्काल जारी करने चाहिए।
5 और 6 नवंबर को चक्का जाम की चेतावनी
रोडवेज कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो 5 और 6 नवंबर को चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को सिरसा तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि प्रदेशभर के रोडवेज डिपो में कर्मचारी हड़ताल करेंगे।
कोट्स
कर्मचारी यूनियन से बातचीत कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। यूनियन के सदस्यों को बैठक के लिए बुलाया गया है। उन्हें समझाकर हड़ताल समाप्त करवाने का प्रयास किया जाएगा। यात्रियों को परेशानी न हो। इसके लिए योजना तैयार की जा रही है।
-अजय दलाल, जीएम, रोडवेज।