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Sirsa News: नहीं चली रोडवेज, यात्रियों को मिला राजस्थान, पंजाब परिवहन और निजी बसों का सहारा
Thu, 25 Jan 2024 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 25 Jan 2024 12:55 AM IST
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सिरसा। रोडवेज बसों का चक्का बुधवार को पूरी तरह से जाम रहा। रात ढाई बजे के बाद कोई सरकारी और किलोमीटर योजना की बस रूट पर नहीं उतरी। दिनभर लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी बसों के सहारे रहना पड़ा। इसके अलावा पंजाब और राजस्थान की बसें भी लोगों के लिए सहारा बनीं। सर्द मौसम और हड़ताल की पूर्व सूचना के कारण बस स्टैंड पर यात्रियों की संख्या बेहद कम रही। वहीं हड़ताल से रोडवेज को साढ़े लाख रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
बस स्टैंड परिसर के मुख्य द्वार पर यूनियन सदस्यों ने धरना लगाकर अपना विरोध जताया। यूनियन ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम पांच बजे धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद रोडवेज और किलोमीटर योजना की बसें तय मार्गों पर नियमित रूप से चल पड़ीं।
इन मांगों के लिए हुई हड़ताल
राज्य समिति के आह्वान पर अपनी मांगों को पूरा कराने और नए हिट एंड रन कानून के विरोध में रोडवेज यूनियन सिरसा ने मंगलवार-बुधवार रात हड़ताल शुरू की। रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों ने रात 2:20 बजे सिरसा से चंडीगढ़ जाने वाली बस को रोकर चक्का जाम शुरू किया। इसके बाद एक भी रोडवेज बस न स्टैंड पर आई और न ही बाहर गई। कई बसों को डिपो में ही रोक दिया गया और रोडवेज कर्मचारी मुख्य गेट पर धरना देकर बैठ गए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया।
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जिला प्रधान पृथ्वी सिंह ने कहा कि नया हिट एंड रन कानून चालकों के हित में नहीं है। इस कानून की वजह से हर चालक लंबे समय के लिए सजा और भारी जुर्माने की सजा के खतरे की जद में है। इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने हिट एंड रन कानून को समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, कौशल रोजगार निगम को भंग कर नियमित भर्ती, ग्रुप डी के तहत कर्मचारियों की पदोन्नति, कार्यशाला में खाली पदों को भरने, चालकों, परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाने की मांग है।
मुख्य रूप से यह मार्ग रहे प्रभावित
दिल्ली, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, चंडीगढ़, गुरुग्राम, अंबाला, करनाल, बठिंडा, अबोहर, फाजिल्का, हनुमानगढ़ के बड़े रूट प्रभावित हुए। शहर के आंबेडकर चौक, सांगवान चौक, सिरसा क्लब, आईटीआई चौक, शहीद कृष्ण चौक, शाह सतनाम चौक, महाराणा प्रताप चौक पर बने बस प्रतीक्षालयों पर दो से तीन घंटे तक यात्री वाहन आने का इंतजार करते रहे। हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के बीच जिले की निजी बसों का संचालन जारी रहा। जिले में करीब 65 बसें विभिन्न सोसायटी के नाम से चलाई जाती हैं। हालांकि रोडवेज कर्मचारियों ने निजी बस एसोसिएशन से हड़ताल में शामिल होने की अपील की थी। इसके बावजूद यह बसें अपने निर्धारित समय पर चलीं।
ट्रेनें भी बनी सहारा
रेल सेवाएं अपनी नियमित रूप से चलीं। ऐसे में सुबह छह बजे से लेकर आठ बजे के बीच चलने वाली किसान एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर एक्सप्रेस में हिसार, हांसी, रोहतक, दिल्ली, भिवानी, रेवाड़ी के लोग चले गए। उसके बाद नियमित रूप से तीन बजे तक ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चली। लेकिन उनमें भीड़ नहीं दिखी।
बंद रहीं बसों की संख्या
रोडवेज की 242 बसें
किलोमीटर योजना की 32 बसें
इन बसों ने दीं सेवाएं
निजी बस - 65
अन्य राज्य - पंजाब और राजस्थान रोडवेज की बसें।
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बस स्टैंड परिसर के मुख्य द्वार पर यूनियन सदस्यों ने धरना लगाकर अपना विरोध जताया। यूनियन ने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शाम पांच बजे धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद रोडवेज और किलोमीटर योजना की बसें तय मार्गों पर नियमित रूप से चल पड़ीं।
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इन मांगों के लिए हुई हड़ताल
राज्य समिति के आह्वान पर अपनी मांगों को पूरा कराने और नए हिट एंड रन कानून के विरोध में रोडवेज यूनियन सिरसा ने मंगलवार-बुधवार रात हड़ताल शुरू की। रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों ने रात 2:20 बजे सिरसा से चंडीगढ़ जाने वाली बस को रोकर चक्का जाम शुरू किया। इसके बाद एक भी रोडवेज बस न स्टैंड पर आई और न ही बाहर गई। कई बसों को डिपो में ही रोक दिया गया और रोडवेज कर्मचारी मुख्य गेट पर धरना देकर बैठ गए। धरने पर बैठे कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष जताया।
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जिला प्रधान पृथ्वी सिंह ने कहा कि नया हिट एंड रन कानून चालकों के हित में नहीं है। इस कानून की वजह से हर चालक लंबे समय के लिए सजा और भारी जुर्माने की सजा के खतरे की जद में है। इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने हिट एंड रन कानून को समाप्त कर पुरानी पेंशन बहाली, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, कौशल रोजगार निगम को भंग कर नियमित भर्ती, ग्रुप डी के तहत कर्मचारियों की पदोन्नति, कार्यशाला में खाली पदों को भरने, चालकों, परिचालकों का पे ग्रेड बढ़ाने की मांग है।
मुख्य रूप से यह मार्ग रहे प्रभावित
दिल्ली, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, चंडीगढ़, गुरुग्राम, अंबाला, करनाल, बठिंडा, अबोहर, फाजिल्का, हनुमानगढ़ के बड़े रूट प्रभावित हुए। शहर के आंबेडकर चौक, सांगवान चौक, सिरसा क्लब, आईटीआई चौक, शहीद कृष्ण चौक, शाह सतनाम चौक, महाराणा प्रताप चौक पर बने बस प्रतीक्षालयों पर दो से तीन घंटे तक यात्री वाहन आने का इंतजार करते रहे। हरियाणा रोडवेज की हड़ताल के बीच जिले की निजी बसों का संचालन जारी रहा। जिले में करीब 65 बसें विभिन्न सोसायटी के नाम से चलाई जाती हैं। हालांकि रोडवेज कर्मचारियों ने निजी बस एसोसिएशन से हड़ताल में शामिल होने की अपील की थी। इसके बावजूद यह बसें अपने निर्धारित समय पर चलीं।
ट्रेनें भी बनी सहारा
रेल सेवाएं अपनी नियमित रूप से चलीं। ऐसे में सुबह छह बजे से लेकर आठ बजे के बीच चलने वाली किसान एक्सप्रेस और श्रीगंगानगर एक्सप्रेस में हिसार, हांसी, रोहतक, दिल्ली, भिवानी, रेवाड़ी के लोग चले गए। उसके बाद नियमित रूप से तीन बजे तक ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चली। लेकिन उनमें भीड़ नहीं दिखी।
बंद रहीं बसों की संख्या
रोडवेज की 242 बसें
किलोमीटर योजना की 32 बसें
इन बसों ने दीं सेवाएं
निजी बस - 65
अन्य राज्य - पंजाब और राजस्थान रोडवेज की बसें।