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Sirsa News: सड़क निर्माण सामग्री 60 फीसदी तक महंगी, ठेकेदारों ने काम से खींचे हाथ
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सेक्टर 16-17 आरओबी की सड़क का काम रुका।
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हिसार। पश्चिम एशिया में चल रहे ईरान-अमेरिका और इस्राइल युद्ध का असर शहर के विकास कार्यों पर पड़ने लगा है। सड़क निर्माण सामग्री के दामों में 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने से ठेकेदारों ने काम करने से हाथ पीछे खींच लिए हैं। ठेकेदार एसोसिएशन का कहना है कि सामग्री की लागत बढ़ने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ेगा।
फिलहाल अधिकारियों से बातचीत जारी है। जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो वे अभी चल रहे सड़क निर्माण कार्य भी बंद कर सकते हैं। युद्ध का असर पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई और कीमतों पर पड़ा है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन (तारकोल) और एलडीओ (लाइट डीजल ऑयल) का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है जो खाड़ी देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से आता है।
आपूर्ति प्रभावित होने से इनकी कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले से स्वीकृत कार्यों की लागत बढ़ गई है। ठेकेदारों के अनुसार, बिटुमिन के रेट 48 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 78 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। एलडीओ के रेट भी 45 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। बजरी और अन्य सामग्री की कीमत भी बढ़ गई है। पहले जो टेंडर एक करोड़ रुपये में पूरा होता था उसकी लागत अब 1.60 करोड़ रुपये हो गई है।
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सामग्री महंगी होने के कारण नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की बीएंडआर शाखा से जुड़े सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हैं। पहले सर्दियों में तारकोल का काम नहीं हो रहा था। अब गर्मी आ गई है लेकिन ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। बीएंडआर की ओर से जिले में 50 से अधिक सड़कों पर काम किया जाना था लेकिन ठेकेदार शुरू नहीं कर रहे हैं।
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फिलहाल अधिकारियों से बातचीत जारी है। जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो वे अभी चल रहे सड़क निर्माण कार्य भी बंद कर सकते हैं। युद्ध का असर पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई और कीमतों पर पड़ा है। सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाले बिटुमिन (तारकोल) और एलडीओ (लाइट डीजल ऑयल) का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर है जो खाड़ी देशों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से आता है।
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आपूर्ति प्रभावित होने से इनकी कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले से स्वीकृत कार्यों की लागत बढ़ गई है। ठेकेदारों के अनुसार, बिटुमिन के रेट 48 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 78 रुपये प्रति किलोग्राम हो गए हैं। एलडीओ के रेट भी 45 रुपये से बढ़कर 70 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। बजरी और अन्य सामग्री की कीमत भी बढ़ गई है। पहले जो टेंडर एक करोड़ रुपये में पूरा होता था उसकी लागत अब 1.60 करोड़ रुपये हो गई है।
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सामग्री महंगी होने के कारण नगर निगम और लोक निर्माण विभाग की बीएंडआर शाखा से जुड़े सड़क निर्माण कार्य प्रभावित हैं। पहले सर्दियों में तारकोल का काम नहीं हो रहा था। अब गर्मी आ गई है लेकिन ठेकेदारों ने काम शुरू नहीं किया। बीएंडआर की ओर से जिले में 50 से अधिक सड़कों पर काम किया जाना था लेकिन ठेकेदार शुरू नहीं कर रहे हैं।