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पंजुआना परियाजोना का आधा काम बाकी

Fri, 27 Nov 2015 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Fri, 27 Nov 2015 01:13 AM IST
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नहरी पानी के लिए अभी शहरवासियों को दो वर्ष और इंतजार करना होगा। दिसंबर 2017 तक पंजुआना पेयजल परियोजना पूरी तरह से शुरू हो जाएगी।

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इसके बाद सभी को पीने के लिए नहरी पानी नसीब हो सकेगा। फिलहाल परियोजना का आधा काम हुआ है इस लिए लोगों को ट्यूबवेलों के पानी की आपर्ति दी जा रही है।

अब तक 250 लाख लीटर पानी की आपूर्ति का काम पूरा हो सका है। इतना ही पानी दिसंबर 2017 तक और शुरू हो जाएगा जिसके बाद सभी घरों में नहरी पानी की ही आपूर्ति दी जा सकेगी। परियोजना पर काम जारी है।
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प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडा ने गांव पंजुआना में वर्ष 2012 में करीब पौने दौ करोड़ की पेयजल परियाजनो का शिलान्यास किया था।

टेंडर के मुताबिक इस परियोजना का काम मार्च 2017 तक पूरा होना था पर जिस गति से काम चल रहा है उसके चलते कहा जा सकता है कि यह काम दिसंबर 2017 तक पूरा होगा।
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इस पेयजल परियोजना से सिरसा शहर को नहरी पानी की आपूर्ति दी जाएगी। अब तक 250 लाख लीटर रोजाना पानी शहर को दिए जाने का काम पूरा हुआ है।

परियोजना का 50 प्रतिशत काम अभी भी शेष है। काम पूरा होने के बाद शहर को 500 लाख लीटर पानी रोजाना दिया जा सकेगा। फिलहाल शहर में नहरी पानी के साथ करीब 70 ट्यूबवेलों द्वारा पानी की आपूर्ति दी जा रही है। सिरसा के निवासी वर्षों से नहरी पानी की आपूर्ति के इंतजार में हैं।

अब दो वर्ष बाद ही सभी को नहरी पानी मिल सकेगा। हालांकि जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा चतरगढ़पट्टी व मिनी बाइपास रोड स्थित जलघर से वर्षों से नहरी पानी की आपूर्ति दी जा रही है पर शहर की आबादी के अनुसार इन जलघरों की क्षमता काफी कम है इस लिए ट्यूबवैलों द्वारा ही आपूर्ति संभव हो पा रही है।

शहर की आबादी के अनुसार पंजुआना जल परियोजना का निर्माण करवाया जा रहा है।
बता दें कि सिरसा में ट्यूबवेलों के पानी में टीडीएस की मात्रा अधिक होने के कारण लोगों को यह पानी न केवल पीने के लिए सेहत के लिए हानिकारक है बल्कि नहाने और कपड़े धोने में भी यह पानी ठीक नहीं है।

शहर में 500 से 1000 तक टीडीएस वाले पानी की आपूर्ति दी जा रही है। डॉ. वेद बैनीवाल ने बताया कि 600 से अधिक टीडीएस वाला सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है।


उन्होंने बताया कि इससे पेट के रोग व हड्डियों के बढ़ते हैं। साथ ही कपड़े धोने में वॉशिंग पॉडर व साबुन की खपत भी नहरी पानी की तुलना में दोगुनी होती है।

 नहरी पानी की आपूर्ति के बाद लोगों को आरओ लगवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी केवल वाटर पियूरीफाई से ही काम चल जाएगा।

हुडा सेक्टर रहेगा वंचित
पंजुआना जल परियोजना से हुडा के सभी सेक्टर वंचित रहेंगे। हुडा सेक्टरों को छोड़कर शहर की सभी कॉलोनियों में नहरी पानी की आपूर्ति दी जाएगी।

बता दें कि हुडा विभाग द्वारा सेक्टरों में अपने स्तर पर पेयजल आपूर्ति दी जाती है। फिलहाल हुडा के सेक्टरों में भी ट्यूबवैलों के पानी से आपूर्ति दी जा रही है।

सबसे अधिक टीडीएस की मात्रा (1000 से 1500) तक हुडा सेक्टरों में ही हो रही है। हुडा विभाग द्वारा अलग जलघर का निर्माण करवाया जा रहा है जिससे नहरी पानी की आपूर्ति सेक्टरों में हो सकेगी।

प्रोजेक्ट का अभी समय बाकी है: एसई
जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षण अभियंता के किशोर ने बताया कि पंजुआना जल परियोजना का काम पूरा होने का समय मार्च 2017 तक का है।

काम की गति को देखकर कहा जा सकता है कि दिसंबर 2017 में काम पूरा हो पाएगा। अभी आधा काम पूरा हुआ है इसलिए उतनी आपूर्ति नहरी पानी की दी जा रही है।

प्रोजेक्ट का काम पूरा होने के बाद शहर में ट्यूबवैलों द्वारा आपूर्ति देेने की जरूरत नहीं रहेगी।

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