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रानियां पर सीएम मेहरबान, दी 150 करोड़ की सौगात
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:40 AM IST
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योजना का उद्घाटन करते सीएम मनोहर लाल
- फोटो : amarujala
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सीएम मनोहर लाल ने शनिवार को अनाज मंडी में आयोजित विकास रैली में विधानसभा क्षेत्र को करीब 150 करोड़ रुपये की सौगातें दीं। इस अवसर पर उन्होंने घग्गर नदी पर रानियां को कुत्ताबढ़ से जोड़ने के लिए 6 करोड़ 33 लाख आठ हजार रुपये से बनने वाले पुल की आधारशिला रखी। साथ ही कहा कि भूमि का चयन होते ही एक माह के भीतर रानियां मे राजकीय कॉलेज का शिलान्यास कर दिया जाएगा। उन्होंने रानियां में सीवरेज प्रणाली की मरम्मत के लिए 15 करोड़ रुपये देने की घोषणा की। इन घोषणाओं के साथ ही लोग गदगद हो गए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे चुनाव से पहले भी रानियां की इस अनाज मंडी में आए थे। रानियां से उनका संबंध 1990 से है और वे यहां की अधिकतर समस्याओं से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि रानियां का सीवरेज सिस्टम बहुत पुराना हो चुका है और इस संबंध में उनके पास कोई मांग भी नहीं आई है लेकिन इसकी जरूरत को समझते हुए वे यहां की सीवरेज प्रणाली में सुधार के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर करते हैं। उन्होंने रानियां में पीपी मॉडल आधारित पेपर मिल की स्थापना करवाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मांगों के अनुरूप की गई घोषणाओं के अलावा शहरी क्षेत्र के लिए 5 करोड़ तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा भी की।
20 गांवों को मिलेगी 24 घंटे बिजली
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की बिजली समस्या को दूर करने के लिए रानियां शहर, नकोड़ा व पन्नीवाला मोटा में 33 केवी सब स्टेशन स्थापित करवाने की बात कहते हुए घोषणा की कि विस के 20 ऐसे गांवों को 1 जनवरी से 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी जहां लाइन लोस 20 प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले का लाइन लोस 20 प्रतिशत से कम होने पर सभी गांवों व शहरों को निर्बाध बिजली सप्लाई की जाएगी। उन्होंने विस के गांव भड़ोलियवाली में सोलर
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प्लांट लगवाने की भी बात कही।
24 करोड़ से सड़कें होंगी चौड़ी, घग्गर नदी पर बनेगा पुल
सीएम ने रामनगरिया से जीवन नगर तक बनी सात मीटर चौड़ी सड़क को 24 करोड़ रुपये की लागत से 10 मीटर चौड़ी करने की घोषणा की। उन्होंने एनजीसी पर स्थित सभी क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 65 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने करीवाला से ऐलनाबाद मार्ग पर घग्गर नदी पर 15 करोड़ रुपये से नया पुल बनवाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि विस क्षेत्र में 5 करम चौड़ाई वाले प्रत्येक रास्ते पर पक्की सड़क बनवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 12 गांवों में चार करोड़ रुपये की लागत से ग्राम सचिवालय बनवाए जाएंगे।
कुछ जलघर बनाए जाएंगे तो कुछ की होगी मरम्मत
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव मंगालिया में 2 करोड़, हरीपुरा में 6.5 करोड़ तथा गांव झोरडनाली में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से नहर आधारित जलघर बनवाए जाएंगे। इसी प्रकार जीवननगर व अलीपुर टीटूखेड़ा के जलघरों में 3.5 करोड़ की लागत से सबमर्सिबल ट्यूबवेल लगवाए जाएंगे। उन्होंने खुइयां नेपालपुर में नया जलघर बनवाने, भागसर, पन्नीवाला मोटा व दमदमा में वाटर टैंक की मरम्मत व नई पाइप लाइन डलवाने की मांग को भी पूरा करवाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने करीवाला में बैंक ऑफ बड़ौदा, बालासर में एसबीआई तथा अन्य गांवों में भी बैंक सेवाएं शुरू करवाने की बात कही।
सिंचाई प्रणाली में होगा सुधार
मुख्यमंत्री ने नाईवाला खरीफ चैनल का विस्तार करवाने, रत्ताखेड़ा चैनल को पूरा करवाने, विभिन्न गांवों में सात खालों का निर्माण करवाने, जीवननगर से नाईवाला, खारिया से रिसालिया खेड़ा, पन्नीवाला मोटा से रामनगर, साहुवाला-प्रथम से खुईयां नेपालपुर तक सडक़ का निर्माण करवाने, बणी से बचेर को चौड़ा करवाने की मांगें स्वीकार करते हुए 11 गांवों में पंचायती जमीन पर खेल स्टेडियम बनवाने की भी बात कही।
सात नई व्यायामशालाएं खुलेंगी
उन्होंने विभिन्न गांवों में नए पशु अस्पताल बनवाने तथा स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में आठ व्यायामशालाएं पहले से हैं जिनके अलावा सात नई व्यायामशालाएं भी बनवाई जाएंगी। उन्होंने 4.5 करोड़ रुपये से कई डिस्ट्रिब्यूटरियों के पुनर्निर्माण करवाने की भी घोषणा की। रानियां में कॉलेज की मांग के संबंध में उन्होंने कहा कि इसके लिए वे पहले ही घोषणा कर चुके हैं लेकिन नगर पालिका द्वारा भूमि हस्तांतरण में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण अभी तक इसका शिलान्यास नहीं हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक माह के अंदर कॉलेज का शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने 12 गांवों में ग्राम सचिवालय खोलने की घोषणा की।
ओडीएफ के लिए डीसी की सराहना की
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा जिले ने विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या के मामले में सिरसा पहले से ही अच्छी स्थिति में है और यहां का लिंगानुपात सराहनीय है। इसी प्रकार स्वच्छता अभियान के तहत सिरसा जिला प्रदेश का पहला ओडीएफ जिला बना जिसके लिए उन्होंने जिला उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ तथा जिलावासियों के प्रयासों की सराहना की।
कैशलेस के लिए की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा का गांव नीलांवाली पूर्णरूप से कैशलेस गांव बना है जो ऐसा करने वाला प्रदेश का पहला गांव है। इसके लिए उन्होंने ग्रामीणों को बधाई देते हुए अन्य गांवों को भी नकद लेनदेन छोड़कर कैशलेस प्रणाली को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि नीलांवाली गांव में कुल परिवार 340 हैं तथा जनसंख्या 1811 है जिसमें से सभी ग्रामीणों के बैंक में खाते हैं। गांव के 610 व्यक्तियों के पास डेबिट व क्रेडिट कार्ड हैं तथा गांव में दो पीओएस मशीनें स्थापित की गई हैं। गांव के सभी दुकानदार कैशलेस लेनदेन करते हैं तथा हर घर में कैशलेस लेनदेन का माध्यम उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सिरसा जिला में 11773 व्यक्तियों ने कैशलेस लेनदेन रिकॉर्ड करवाए हैं जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है।
प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों को रैली स्थल से पहले दबोचा
अनाजमंडी रानियां में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की विकास रैली में बिजली बिलों को लेकर रोष व्यक्त करने जा रहे लोगों को पुलिस ने रैली स्थल में पहुंचने से पहले उठा लिया। पुलिस द्वारा रोष व्यक्त करने वाले लोगों को मुख्यमंत्री से मिलाने का आश्वासन दिया जिस पर वे सहमत हो गए रैली के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
गौरतलब हो कि जबसे रानियां बिजली घर का निजीकरण हुआ है तब से रानियां शहर में उपभोक्ताओं का बिजली का बिल काफी ज्यादा आ रहा है। इससे गुस्साए उपभोक्ता कई बार निगम के अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्ध प्रदर्शन भी कर चुके हैं लेकिन उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके नगर के वार्ड नंबर 2, 3, 14, 15 के लोगों में भारी रोष है। इस कारण बीते शाम पार्षद जसवंत सिंह, गुरविंद्र सिंह, पूर्व पार्षद गुरनाम सिंह झब्बर, सोनू सरदाना, पार्षद पति गोबिंद, छोटूनाथ सहित कई वार्ड वाडियों ने बैठक की। वार्ड वासियों का कहना है कि जब रानियां बिजलीघर का निजीकरण नहीं हुआ था तब लेड लास 44.44 था लेकिन बिजली का निजीकरण होने के बाद तीन महीन बाद ही यह 71.70 पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि बिजली का निजीकरण होने के बाद शहर के उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो गुणा से ज्यादा आने लगे हैं जो कि बहुत ज्यादा है। इस बारे में अधिकारी उनकी एक बात भी नहीं सुनते।
शनिवार को रानियां में सीएम मनोहर लाल की रैली में उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या का समाधान करने के लिए अपनी बात रखना तय किया। शनिवार को उक्त वार्डों के अनेक महिला व पुरुष एकत्रित होकर बिजली निगम के विरुद्ध रोष व्यक्त करने के लिए हाथों में अपने बिजली के बिल लेकर मुख्यमंत्री रैली स्थल की तरफ चल पड़े। वार्ड वासी नगर के एक पेट्रोल पंप के पास ही पहुंचे थे कि इसकी भनक पुलिस प्रशासन को लग गई। भनक लगते हुए उप पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार, रानियां थाना के प्रभारी जगदीश जोशी मौके पर पहुंचे और इस रोष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे लगभग छह लोगों को उठा लिया।
इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने रोष व्यक्त करने वाले लोगों को कमेटी बनाकर शांतिप्रिय ढंग से मुख्यमंत्री को मिलाने की बात कही और निगम के बड़े अधिकारी ने बिजली के बिलों की समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन भी दिया। अपनी समस्या को लेकर कमेटी के रूप में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मिलने वाले व्यक्ति एक स्थान पर बैठे मुख्यमंत्री के मिलने का इंतजार करते रहे। लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया गया। हताश व परेशान उपभोक्ता इसके बाद वापस लौट गए।
आत्मदाह की चेतावनी देने वाली महिला को रैली में जाते दबोचा
रानियां। आत्मदाह करने की धमकी देने वाली महिला को रैली स्थल में पहुंचने से पहले ही पुलिस ने धर लिया और उसे पुलिस थाने ले गई। गांव ढुढियांवाली की एक महिला जमीन के विवाद को लेकर सीएम से मिलना चाहती थी। जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ दिनों से पुलिस थाना व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रही थी लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा था। इसी से परेशान होकर वे मुख्यमंत्री की रैली में आत्मदाह करने की धमकी दे रखी थी। रैली में पहुंचने से पहले ही पुलिस को इसकी भनक लग गई और पुलिस ने उक्त महिला को रैली में जाने से पहले मुख्य मार्ग पर ही धर दबोचा। उधर थाना प्रभारी जगदीश जोशी ने बताया कि उक्त महिला का राजस्थान में जमीन विवाद है। शिकायत कर्ता महिला झूठा केस दर्ज करवाना चाहती है।
ओए कुछ काम भी कर लिया करो...
रानियां। जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल भाषण दे रहे थे तो मुख्य शैड से बाहर डाली गई कुर्सी पर बैठा एक बुजुर्ग अचानक उठा और सीएम की ओर मुखातिब होकर चिल्लाने लगा क्या बेटी बचाओ बेटी पढाओ कहते रहते हो ओए कुछ काम भी कर लिया करो, लोग बहुत परेशान है। इस बीच मौके पर खडे पुलिसकर्मी उसके मुंह पर हाथ रखकर उसे पंडाल से बाहर ले गए। सीएम की दूसरी रैलियों की अपेक्षा इस रैली में काफी पुलिस बल तैनात था और डी में सीआईडी के अनेक जवान तैनात थे।
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इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे चुनाव से पहले भी रानियां की इस अनाज मंडी में आए थे। रानियां से उनका संबंध 1990 से है और वे यहां की अधिकतर समस्याओं से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि रानियां का सीवरेज सिस्टम बहुत पुराना हो चुका है और इस संबंध में उनके पास कोई मांग भी नहीं आई है लेकिन इसकी जरूरत को समझते हुए वे यहां की सीवरेज प्रणाली में सुधार के लिए 15 करोड़ रुपये मंजूर करते हैं। उन्होंने रानियां में पीपी मॉडल आधारित पेपर मिल की स्थापना करवाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मांगों के अनुरूप की गई घोषणाओं के अलावा शहरी क्षेत्र के लिए 5 करोड़ तथा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 10 करोड़ रुपये अतिरिक्त देने की घोषणा भी की।
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मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की बिजली समस्या को दूर करने के लिए रानियां शहर, नकोड़ा व पन्नीवाला मोटा में 33 केवी सब स्टेशन स्थापित करवाने की बात कहते हुए घोषणा की कि विस के 20 ऐसे गांवों को 1 जनवरी से 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाएगी जहां लाइन लोस 20 प्रतिशत से कम है। उन्होंने कहा कि पूरे जिले का लाइन लोस 20 प्रतिशत से कम होने पर सभी गांवों व शहरों को निर्बाध बिजली सप्लाई की जाएगी। उन्होंने विस के गांव भड़ोलियवाली में सोलर
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24 करोड़ से सड़कें होंगी चौड़ी, घग्गर नदी पर बनेगा पुल
सीएम ने रामनगरिया से जीवन नगर तक बनी सात मीटर चौड़ी सड़क को 24 करोड़ रुपये की लागत से 10 मीटर चौड़ी करने की घोषणा की। उन्होंने एनजीसी पर स्थित सभी क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण के लिए 65 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। उन्होंने करीवाला से ऐलनाबाद मार्ग पर घग्गर नदी पर 15 करोड़ रुपये से नया पुल बनवाने की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि विस क्षेत्र में 5 करम चौड़ाई वाले प्रत्येक रास्ते पर पक्की सड़क बनवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि 12 गांवों में चार करोड़ रुपये की लागत से ग्राम सचिवालय बनवाए जाएंगे।
कुछ जलघर बनाए जाएंगे तो कुछ की होगी मरम्मत
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव मंगालिया में 2 करोड़, हरीपुरा में 6.5 करोड़ तथा गांव झोरडनाली में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से नहर आधारित जलघर बनवाए जाएंगे। इसी प्रकार जीवननगर व अलीपुर टीटूखेड़ा के जलघरों में 3.5 करोड़ की लागत से सबमर्सिबल ट्यूबवेल लगवाए जाएंगे। उन्होंने खुइयां नेपालपुर में नया जलघर बनवाने, भागसर, पन्नीवाला मोटा व दमदमा में वाटर टैंक की मरम्मत व नई पाइप लाइन डलवाने की मांग को भी पूरा करवाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने करीवाला में बैंक ऑफ बड़ौदा, बालासर में एसबीआई तथा अन्य गांवों में भी बैंक सेवाएं शुरू करवाने की बात कही।
सिंचाई प्रणाली में होगा सुधार
मुख्यमंत्री ने नाईवाला खरीफ चैनल का विस्तार करवाने, रत्ताखेड़ा चैनल को पूरा करवाने, विभिन्न गांवों में सात खालों का निर्माण करवाने, जीवननगर से नाईवाला, खारिया से रिसालिया खेड़ा, पन्नीवाला मोटा से रामनगर, साहुवाला-प्रथम से खुईयां नेपालपुर तक सडक़ का निर्माण करवाने, बणी से बचेर को चौड़ा करवाने की मांगें स्वीकार करते हुए 11 गांवों में पंचायती जमीन पर खेल स्टेडियम बनवाने की भी बात कही।
सात नई व्यायामशालाएं खुलेंगी
उन्होंने विभिन्न गांवों में नए पशु अस्पताल बनवाने तथा स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि विधानसभा क्षेत्र में आठ व्यायामशालाएं पहले से हैं जिनके अलावा सात नई व्यायामशालाएं भी बनवाई जाएंगी। उन्होंने 4.5 करोड़ रुपये से कई डिस्ट्रिब्यूटरियों के पुनर्निर्माण करवाने की भी घोषणा की। रानियां में कॉलेज की मांग के संबंध में उन्होंने कहा कि इसके लिए वे पहले ही घोषणा कर चुके हैं लेकिन नगर पालिका द्वारा भूमि हस्तांतरण में आ रही तकनीकी दिक्कतों के कारण अभी तक इसका शिलान्यास नहीं हो सका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि एक माह के अंदर कॉलेज का शिलान्यास किया जाएगा। उन्होंने 12 गांवों में ग्राम सचिवालय खोलने की घोषणा की।
ओडीएफ के लिए डीसी की सराहना की
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा जिले ने विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या के मामले में सिरसा पहले से ही अच्छी स्थिति में है और यहां का लिंगानुपात सराहनीय है। इसी प्रकार स्वच्छता अभियान के तहत सिरसा जिला प्रदेश का पहला ओडीएफ जिला बना जिसके लिए उन्होंने जिला उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ तथा जिलावासियों के प्रयासों की सराहना की।
कैशलेस के लिए की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरसा का गांव नीलांवाली पूर्णरूप से कैशलेस गांव बना है जो ऐसा करने वाला प्रदेश का पहला गांव है। इसके लिए उन्होंने ग्रामीणों को बधाई देते हुए अन्य गांवों को भी नकद लेनदेन छोड़कर कैशलेस प्रणाली को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि नीलांवाली गांव में कुल परिवार 340 हैं तथा जनसंख्या 1811 है जिसमें से सभी ग्रामीणों के बैंक में खाते हैं। गांव के 610 व्यक्तियों के पास डेबिट व क्रेडिट कार्ड हैं तथा गांव में दो पीओएस मशीनें स्थापित की गई हैं। गांव के सभी दुकानदार कैशलेस लेनदेन करते हैं तथा हर घर में कैशलेस लेनदेन का माध्यम उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में सिरसा जिला में 11773 व्यक्तियों ने कैशलेस लेनदेन रिकॉर्ड करवाए हैं जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है।
प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों को रैली स्थल से पहले दबोचा
अनाजमंडी रानियां में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की विकास रैली में बिजली बिलों को लेकर रोष व्यक्त करने जा रहे लोगों को पुलिस ने रैली स्थल में पहुंचने से पहले उठा लिया। पुलिस द्वारा रोष व्यक्त करने वाले लोगों को मुख्यमंत्री से मिलाने का आश्वासन दिया जिस पर वे सहमत हो गए रैली के बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया।
गौरतलब हो कि जबसे रानियां बिजली घर का निजीकरण हुआ है तब से रानियां शहर में उपभोक्ताओं का बिजली का बिल काफी ज्यादा आ रहा है। इससे गुस्साए उपभोक्ता कई बार निगम के अधिकारियों व ठेकेदार के विरुद्ध प्रदर्शन भी कर चुके हैं लेकिन उपभोक्ताओं की समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके नगर के वार्ड नंबर 2, 3, 14, 15 के लोगों में भारी रोष है। इस कारण बीते शाम पार्षद जसवंत सिंह, गुरविंद्र सिंह, पूर्व पार्षद गुरनाम सिंह झब्बर, सोनू सरदाना, पार्षद पति गोबिंद, छोटूनाथ सहित कई वार्ड वाडियों ने बैठक की। वार्ड वासियों का कहना है कि जब रानियां बिजलीघर का निजीकरण नहीं हुआ था तब लेड लास 44.44 था लेकिन बिजली का निजीकरण होने के बाद तीन महीन बाद ही यह 71.70 पहुंच गया।
उन्होंने कहा कि बिजली का निजीकरण होने के बाद शहर के उपभोक्ताओं के बिजली बिल दो गुणा से ज्यादा आने लगे हैं जो कि बहुत ज्यादा है। इस बारे में अधिकारी उनकी एक बात भी नहीं सुनते।
शनिवार को रानियां में सीएम मनोहर लाल की रैली में उपभोक्ताओं ने अपनी समस्या का समाधान करने के लिए अपनी बात रखना तय किया। शनिवार को उक्त वार्डों के अनेक महिला व पुरुष एकत्रित होकर बिजली निगम के विरुद्ध रोष व्यक्त करने के लिए हाथों में अपने बिजली के बिल लेकर मुख्यमंत्री रैली स्थल की तरफ चल पड़े। वार्ड वासी नगर के एक पेट्रोल पंप के पास ही पहुंचे थे कि इसकी भनक पुलिस प्रशासन को लग गई। भनक लगते हुए उप पुलिस अधीक्षक देवेंद्र कुमार, रानियां थाना के प्रभारी जगदीश जोशी मौके पर पहुंचे और इस रोष प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे लगभग छह लोगों को उठा लिया।
इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने रोष व्यक्त करने वाले लोगों को कमेटी बनाकर शांतिप्रिय ढंग से मुख्यमंत्री को मिलाने की बात कही और निगम के बड़े अधिकारी ने बिजली के बिलों की समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन भी दिया। अपनी समस्या को लेकर कमेटी के रूप में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को मिलने वाले व्यक्ति एक स्थान पर बैठे मुख्यमंत्री के मिलने का इंतजार करते रहे। लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया गया। हताश व परेशान उपभोक्ता इसके बाद वापस लौट गए।
आत्मदाह की चेतावनी देने वाली महिला को रैली में जाते दबोचा
रानियां। आत्मदाह करने की धमकी देने वाली महिला को रैली स्थल में पहुंचने से पहले ही पुलिस ने धर लिया और उसे पुलिस थाने ले गई। गांव ढुढियांवाली की एक महिला जमीन के विवाद को लेकर सीएम से मिलना चाहती थी। जानकारी के अनुसार महिला पिछले कुछ दिनों से पुलिस थाना व प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रही थी लेकिन उसे न्याय नहीं मिल रहा था। इसी से परेशान होकर वे मुख्यमंत्री की रैली में आत्मदाह करने की धमकी दे रखी थी। रैली में पहुंचने से पहले ही पुलिस को इसकी भनक लग गई और पुलिस ने उक्त महिला को रैली में जाने से पहले मुख्य मार्ग पर ही धर दबोचा। उधर थाना प्रभारी जगदीश जोशी ने बताया कि उक्त महिला का राजस्थान में जमीन विवाद है। शिकायत कर्ता महिला झूठा केस दर्ज करवाना चाहती है।
ओए कुछ काम भी कर लिया करो...
रानियां। जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल भाषण दे रहे थे तो मुख्य शैड से बाहर डाली गई कुर्सी पर बैठा एक बुजुर्ग अचानक उठा और सीएम की ओर मुखातिब होकर चिल्लाने लगा क्या बेटी बचाओ बेटी पढाओ कहते रहते हो ओए कुछ काम भी कर लिया करो, लोग बहुत परेशान है। इस बीच मौके पर खडे पुलिसकर्मी उसके मुंह पर हाथ रखकर उसे पंडाल से बाहर ले गए। सीएम की दूसरी रैलियों की अपेक्षा इस रैली में काफी पुलिस बल तैनात था और डी में सीआईडी के अनेक जवान तैनात थे।