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रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड : बेटे अंशुल ने कहा- सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से जारी रखेंगे लड़ाई
Tue, 11 Aug 2026 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:39 PM IST
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सिरसा। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करने के बाद बेटे अंशुल ने कहा कि वे गुरमीत राम रहीम के खिलाफ मजबूती से लड़ाई जारी रखेंगे। राम रहीम को इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बरी करने के फैसले के विरोध में दायर याचिका पर सुनवाई की तारीख 16 नवंबर 2026 तय की गईब है।
रामचंद्र छत्रपति के बड़े पुत्र अंशुल छत्रपति ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि हाईकोर्ट ने 7 मार्च 2026 को राम रहीम को बरी कर दिया था जबकि अन्य तीन दोषियों की सजा को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने सीबीआई की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की प्रमुख जांच एजेंसी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अभी तक सुप्रीम कोर्ट का रुख क्यों नहीं किया। इस मामले में सीबीआई की साख भी दांव पर लगी है। पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ राम रहीम ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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रामचंद्र छत्रपति के बड़े पुत्र अंशुल छत्रपति ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि हाईकोर्ट ने 7 मार्च 2026 को राम रहीम को बरी कर दिया था जबकि अन्य तीन दोषियों की सजा को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। उन्होंने सीबीआई की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश की प्रमुख जांच एजेंसी ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अभी तक सुप्रीम कोर्ट का रुख क्यों नहीं किया। इस मामले में सीबीआई की साख भी दांव पर लगी है। पंचकूला स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ राम रहीम ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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