फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   33 meat shops sealed

Sirsa News: मीट की 33 दुकानें सील, दुकानदारों ने चेयरमैन पर लगाया भेदभाव का आरोप

Wed, 28 Oct 2026 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 28 Oct 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
33 meat shops sealed
सिरसा। मछली मार्केट को किया गया सील। संवाद
- हाईकोर्ट के आदेशों पर नगर परिषद की टीम ने की कार्रवाई, दुकानदारों ने चेयरमैन और प्रशासन को लेकर जताई नाराजगी
विज्ञापन

फोटो ---- 50 से 53
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बुधवार को वाल्मीकि चौक पर नगर परिषद की टीम ने भारी पुलिस बल के साथ मीट की दुकानों पर सीलिंग की कार्रवाई की। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेशों पर की गई थी। अधिकारियों के अनुसार, मौके पर कुल 33 दुकानों को सील किया गया। हालांकि, पांच दुकानों को रियायत दिए जाने पर अन्य दुकानदारों ने रोष व्यक्त किया।
दुकानदारों ने आरोप लगाया कि चेयरमैन के रिश्तेदारों की दुकानों को सील नहीं किया गया। कुछ दुकानदारों ने दावा किया कि उन्होंने किरायेदार से दुकान खाली करवा ली थी। या उनकी दुकान में अब किराना या फास्ट फूड का काम होता है।
विज्ञापन

नगर परिषद ने इन सभी दुकानों को पहले ही नोटिस जारी किए थे। हाईकोर्ट ने भी सभी दुकानों को सील करने के आदेश दिए थे। नाराज दुकानदारों ने उपायुक्त और जिला नगर आयुक्त से मुलाकात करने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने प्रशासन से त्योहारी सीजन में उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की। ताकि उनके परिवार का गुजर-बसर हो सके। ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित चोपड़ा, सचिव नरेश लोहचब और सीएसआई जयवीर सिंह कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। कार्रवाई दोपहर तीन बजे तक चली।
मछली मार्केट का खुलासा
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान एक खुलासा सामने आया। एक मकान मालिक ने अपने घर के आगे के आंगन में पूरी मछली मार्केट चला रखी थी। सिरसा में बड़े स्तर पर मछली का कारोबार इसी स्थान से संचालित होता था। यहां 10 से अधिक दुकानें दोनों ओर बनी हुई थीं। मार्केट के आगे के गलियारे से घर को रास्ता जाता था। इसी प्रकार, यह भी सामने आया कि नगर परिषद के एक या दो नियमित सफाई कर्मचारी, अनुबंधित सफाई कर्मचारी शाम के समय यहां मीट का व्यवसाय करते थे। यह अवैध गतिविधि लंबे समय से चल रही थी।
चेयरमैन और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी
दुकानदारों की प्रशासन और नगर परिषद चेयरमैन के खिलाफ नाराजगी साफ नजर आई। लोगों ने बताया कि वे अपनी समस्या लेकर कई बार चेयरमैन के पास गए थे मगर चेयरमैन ने कोर्ट का हवाला देते हुए कोई कार्रवाई नहीं की। दुकानदारों का कहना था कि चेयरमैन को उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए थी। लोगों ने यहां तक कहा कि उन्होंने कांडा बंधुओं का समर्थन किया। अब उनका रोजगार छिन गया है। उन्होंने घोषणा की कि अब वे कांडा बंधुओं और चेयरमैन का कोई समर्थन नहीं करेंगे। दुकानदारों ने प्रशासन से भी उनकी सुनवाई करने की अपील की।
कार्रवाई से बचने के तरीके
यह भी सामने आया कि कुछ दुकानदारों को नगर परिषद की कार्रवाई से बचने के तरीके पहले ही पता चल गए थे। ऐसे में जब नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची तो मीट की दुकानों पर किराना और फास्ट फूड के बोर्ड लगे थे। सामने के काउंटर और पक्के हिस्से उसी प्रकार बने हुए थे। प्रथम मंजिल पर चिकन कार्नर के बोर्ड भी लगे हुए थे। अधिकारियों ने इन दुकानों पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्हें सील किए बिना ही छोड़ दिया गया। यह असमान कार्रवाई अन्य दुकानदारों की नाराजगी का प्रमुख कारण बनी।

अवैध मीट व्यापार पर आगे भी कार्रवाई
वाल्मीकि चौक की दुकानों पर कार्रवाई के बाद अब शहर में अवैध मीट व्यापार पर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। नगर पालिका अधिनियम के तहत आज तक किसी को कोई लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। 22 नियमों का पालन करना किसी के लिए भी संभव नहीं है। ऐसे में बड़े स्तर पर चल रहीं दुकानों पर कार्रवाई की योजना परिषद ने बनाई है। आंकड़ों के अनुसार, चिकन और मीट कार्नर के अलावा। दुकानों पर बिकने वाले मीट या चिकन की करीब 300 दुकानें हैं। शहर में रेहड़ी और खोखों की भी कमी नहीं है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित चोपड़ा ने पुष्टि की कि हाईकोर्ट के आदेशों पर सभी दुकानें सील की जा रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed