कुदरत का करिश्मा: सिरसा में रज्जो बाई ने दो बेटे व दो बेटियों को दिया जन्म, सिविल अस्पताल में हुई डिलीवरी
रज्जों की उम्र 24 साल के करीब है। ऐसे में पहली डिलिवरी चार बच्चों की होना जोखिम से कम नहीं था। सोनू ने बताया कि चार जून को अस्पताल से सभी को छुट्टी मिली है। बच्चों में दो बेटे और दो बेटियां है।
विस्तार
जुड़वा और तीन बच्चों के जन्म के किस्से निरंतर सुनने को मिलते है। चार स्वस्थ बच्चों को जन्म बहुत कम होता है। सालों में कभी ऐसा मौका आता है , जब कोई महिला चार बच्चों को जन्म देती है। सिरसा में भी गांव टीटू खेड़ा की रज्जोबाई ने चार बच्चों को जन्म दिया है। दो बेटी और दो बेटियों का जन्म हुआ है और चारों स्वस्थ है। बच्चों के लालन पालन में ससुसाल पक्ष के साथ साथ ननिहाल पक्ष भी बच्चों की देखरेख कर रहा है। रज्जो के मायके से लेकर पूरे ससुराल में चार बच्चों के जन्म की चर्चा है।
बच्चों के पिता टीटू खेड़ा निवासी सोनू का खुशी का ठिकाना नहीं है। उसे यकीन नहीं हो रहा है कि चारों बच्चों का सुरक्षित जन्म हो गया है। बच्चों को देखने के लिए गांव के लोगों को तांता लगा हुआ है। परिवार के सभी लोग दिन व रात बच्चों को संभालने में लगे हुए है। सोनू की सास भी बच्चों की देखभाल में उनकी मदद कर रही है। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों के लिए यह केस चुनौती से कम नहीं था। चिकित्सकों ने पहली बार चार बच्चों की एक साथ डिलिवरी की थी। हर किसी के बीच सैकेंडों का फर्क है। पहली बार की गई डिलिवरी में सभी बच्चों का सुरक्षित और स्वस्थ होना नागरिक अस्पताल में मिल रही सुविधाओं की गुणवत्ता और चिकित्सकों के अनुभव को दर्शाता है।
गर्मी के मौसम में विशेष देखभाल कर रहे परिजन
बच्चों के छोटे होने पर चार से पांच लोगों को हर दम उनका ख्याल रखना पड़ता है। बच्चों के भूख का समय अलग अलग होता है। एक के रोने से दूसरा उठा जाता है। इस तरह से दिन रात बच्चों को संभालने में परिजन लगे हुए है। बच्चों की देखरेख में ही परिजनों के दिन रात निकल रहे है। बता दें कि एक साल पहले रज्जो बाई की शादी टीटू खेड़ा के सोनू के साथ हुई थी। सोनू खेतीबाड़ी और मजदूरी का काम करता है।
रज्जों की उम्र 24 साल के करीब है। ऐसे में पहली डिलिवरी चार बच्चों की होना जोखिम से कम नहीं था। सोनू ने बताया कि चार जून को अस्पताल से सभी को छुट्टी मिली है। बच्चों में दो बेटे और दो बेटियां है। पूरा परिवार उनकी देखभाल कर रहा है। रज्जो की डिलिवरी 14 मई को नागरिक अस्पताल में हुई थी। उस दौरान बच्चों को चिकित्सकों ने अपनी मॉनिटरिंग में निकू में रखा था। ताकि बच्चों की जान को कोई खतरा न हो। हालांकि नागरिक अस्पताल में ऑपरेशन से बच्चों के होने पर रज्जो को भी कुछ दिक्कत हुए थी। नागरिक अस्पताल के चिकित्सकों ने उसे भी बेहतर उपचार दिया।
नागरिक अस्पताल में बेहतर सुविधा
सोनू ने बताया कि रज्जो के गर्भवती होने पर दो बार नागरिक अस्पताल में जांच करवाई थी। चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी। अल्ट्रासाउंड में तीन बच्चों की पुष्टि हुई।साथ ही उन्होंने आशंका जताई की चार बच्चे भी हो सकते है। इसके बाद निजी अस्पताल में जांच करवाई और अल्ट्रासाउंड करवाए। जिसके बाद चार बच्चों की पुष्टि हई। इतना पता चलने के बाद रज्जो का काम करना पूरी तरह से बंद कर दिया गया। हर वक्त उसकी देखभाल में मां और परिवार के लोग लगे रहते। सोनू ने बताया कि उसके परिवार में उसकी मां राज रानी, भाई कर्ण, बहन सुनीता और परदादी गुड्डी देवी है।
अस्पताल में हर किसी को था बच्चों का इंतजार
चिकित्सक राहुल गर्ग के अनुसार अस्पताल में हर कोई रज्जो की डिलिवरी का इंतजार कर रहा था। अस्पताल स्टॉफ से लेकर वहां पर एडमिशन महिलाएं और उनके परिजन सभी ऑपरेशन पर नजरें जमाए हुए थे। इसलिए ऑपरेशन हमारे लिए है चैलेंज बन गया था। ऑपरेशन थियेटर के बाद लोगों का जमावड़ा था। ऑपरेशन थियेटर में एक बच्चें के लिए दो नर्सरों को तैनात किया गया था। बच्चों के स्वस्थ्य जन्म लेने की सूचना जैसे ही ऑपरेशन थियेटर के बाहर पहुंची तो लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था।
अधिकारी के अनुसार
नागरिक अस्पताल के गायनोकॉलोजिस्ट डा राहुल गर्ग ने बताया कि चार बच्चों का जन्म के दौरान मां और बच्चों दोनों की जान को खतरा होता है। जब गर्भ में दो से तीन बच्चे होते है तो समय से पहले डिलिवरी होने का खतरा बना रहता है। रज्जो के गर्भ में चार बच्चे थे। 31-32 सप्ताह का गर्भ था। इस दौरान खून का रिसाव ज्यादा होने का खतरा बढ़ जाता है । जिससे मां के अंदर खून की कमी होती है। रज्जो ने जांच बच्चों को जन्म दिया था। उनका वजन 1.200 से 1.300 ग्राम था। सभी को नर्सरी में रखा गया था। रज्जो को छुट्टी दे दी थी। बाद में ऑपरेशन को लेकर कुछ दिक्कत हो गई थी। बाद में उसका उपचार किया गया और वह स्वस्थ्य हो गई। -डा. राहुल गर्ग, गायनोकॉलोजिस्ट, सिविल अस्पताल सिरसा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.