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Sirsa News: ई-खरीद मोबाइल एप में किसानों के लिए क्यूआर कोड आधारित गेट पास प्रणाली लागू
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सिरसा। क्यूआर कोड । सूचना विभाग
सिरसा। हरियाणा सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग की ओर से किसानों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड आधारित गेट पास प्रणाली को तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया है। इस संबंध में निदेशालय की ओर से सभी संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। अब किसान स्वयं अपने मोबाइल से ई-खरीद मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से गेट पास बना सकेंगे।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि यह क्यूआर कोड तभी सक्रिय होगा जब किसान उस मंडी परिसर में शारीरिक रूप से उपस्थित होंगे। इसके लिए गेट पास जारी किया गया है। इसके साथ ही पहले प्रचलित वेब-आधारित गेट पास मॉड्यूल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि मंडी में तैनात गेटकीपर किसान के क्यूआर कोड को स्कैन कर गेट पास को सत्यापित करेंगे। सिस्टम अपने आप उस गेटकीपर के मोबाइल डिवाइस की जानकारी भी दर्ज करेगा, जिससे स्कैनिंग की गई है। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गेटकीपर, नीलामी रिकार्डर और निरीक्षक को सिस्टम में ओटीपी-आधारित लॉगिन प्रमाणीकरण के माध्यम से लॉगिन करना अनिवार्य होगा।
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साथ ही हर उपयोगकर्ता एक समय में केवल एक ही डिवाइस पर लॉगिन रह सकेगा। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य डिवाइस से लॉगिन करता है, तो पिछला सत्र अपने आप समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से मंडियों में प्रवेश प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और गेट पास प्रक्रिया में तेजी आए।
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जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने बताया कि यह क्यूआर कोड तभी सक्रिय होगा जब किसान उस मंडी परिसर में शारीरिक रूप से उपस्थित होंगे। इसके लिए गेट पास जारी किया गया है। इसके साथ ही पहले प्रचलित वेब-आधारित गेट पास मॉड्यूल को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है।
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उन्होंने बताया कि मंडी में तैनात गेटकीपर किसान के क्यूआर कोड को स्कैन कर गेट पास को सत्यापित करेंगे। सिस्टम अपने आप उस गेटकीपर के मोबाइल डिवाइस की जानकारी भी दर्ज करेगा, जिससे स्कैनिंग की गई है। सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए गेटकीपर, नीलामी रिकार्डर और निरीक्षक को सिस्टम में ओटीपी-आधारित लॉगिन प्रमाणीकरण के माध्यम से लॉगिन करना अनिवार्य होगा।
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साथ ही हर उपयोगकर्ता एक समय में केवल एक ही डिवाइस पर लॉगिन रह सकेगा। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य डिवाइस से लॉगिन करता है, तो पिछला सत्र अपने आप समाप्त हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रणाली के माध्यम से मंडियों में प्रवेश प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और गेट पास प्रक्रिया में तेजी आए।