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Sirsa News: प्राचार्य सीखेंगे प्रभावी प्रबंधन और नेतृत्व के गुर
Wed, 21 Oct 2026 11:01 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 21 Oct 2026 11:01 PM IST
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सिरसा। जिला समग्र शिक्षा के तत्वावधान में बुधवार को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, मेला ग्राउंड में विद्यालय प्राचार्यों के लिए पांच दिवसीय नेतृत्व विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। पहले दिन विशेषज्ञों ने शैक्षणिक नेतृत्व, विद्यालय प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य, राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, विद्यालय सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
डाइट डिंग के विषय विशेषज्ञ डॉ. राजेश खुराना ने कहा कि विद्यालय की प्रगति और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्राचार्य की भूमिका महत्वपूर्ण है। कुशल प्राचार्य शिक्षकों को प्रेरित करने और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाने के साथ विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में योगदान देता है। उन्होंने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नई शैक्षिक नीतियों के अनुरूप समय-समय पर प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता पर बल दिया।
हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान, गुरुग्राम के मुख्य प्रशिक्षक गौरव मिगलानी और कर्ण अरोड़ा ने गतिविधियों के माध्यम से योग, श्वास तकनीक, सजगता, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक कल्याण और मानसिक दृढ़ता की जानकारी दी। इन सत्रों का उद्देश्य प्राचार्यों को कार्यस्थल के तनाव से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करना रहा।
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कालुआना स्थित राजकीय आरोही मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या डॉ. नीता नागपाल ने शैक्षणिक नेतृत्व पर विचार साझा किए। एससीईआरटी हरियाणा से प्रशिक्षित एवं डाइट प्रवक्ता राकेश मोहन गोयल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में विद्यालय प्रमुखों की भूमिका समझाई।
डॉ. राजेश खुराना ने सुरक्षित विद्यालय नेतृत्व और डॉ. विनोद कुमार ने विद्यालय सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन पर जानकारी दी। पांच दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राचार्यों की नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल और निर्णय लेने की दक्षता बढ़ाकर विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
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डाइट डिंग के विषय विशेषज्ञ डॉ. राजेश खुराना ने कहा कि विद्यालय की प्रगति और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में प्राचार्य की भूमिका महत्वपूर्ण है। कुशल प्राचार्य शिक्षकों को प्रेरित करने और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाने के साथ विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में योगदान देता है। उन्होंने आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और नई शैक्षिक नीतियों के अनुरूप समय-समय पर प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता पर बल दिया।
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हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान, गुरुग्राम के मुख्य प्रशिक्षक गौरव मिगलानी और कर्ण अरोड़ा ने गतिविधियों के माध्यम से योग, श्वास तकनीक, सजगता, तनाव प्रबंधन, भावनात्मक कल्याण और मानसिक दृढ़ता की जानकारी दी। इन सत्रों का उद्देश्य प्राचार्यों को कार्यस्थल के तनाव से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करना रहा।
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कालुआना स्थित राजकीय आरोही मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्या डॉ. नीता नागपाल ने शैक्षणिक नेतृत्व पर विचार साझा किए। एससीईआरटी हरियाणा से प्रशिक्षित एवं डाइट प्रवक्ता राकेश मोहन गोयल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में विद्यालय प्रमुखों की भूमिका समझाई।
डॉ. राजेश खुराना ने सुरक्षित विद्यालय नेतृत्व और डॉ. विनोद कुमार ने विद्यालय सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन पर जानकारी दी। पांच दिवसीय प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राचार्यों की नेतृत्व क्षमता, प्रबंधन कौशल और निर्णय लेने की दक्षता बढ़ाकर विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।