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खतरे में डाली मरीज की जान
सिरसा ब्यूरो
Updated Fri, 04 Apr 2014 12:03 AM IST
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सामान्य अस्पताल में वीरवार सुबह स्टाफ की लापरवाही की वजह से एक अज्ञात घायल की जान पर बन आई। पहले तो ड्यूटी डॉक्टर ने इलाज में लापरवाही बरती फिर बिना मेडिकल सुपरिंटेंडेंट (एमएस) की मंजूरी के उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
एमएस को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने न केवल डॉक्टर को लताड़ लगाई बल्कि मरीज को वापस बुलाने के लिए भी फोन कर दिया। हालांकि मरीज को लेकर एंबुलेंस काफी दूर निकल गई थी, इस वजह से उसे रोहतक पीजीआई जाने दिया गया, लेकिन इस लापरवाही से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। वहीं, इस पूरी घटना पर अधिकारी कार्रवाई करने की बजाय हल्के में ले रहे हैं।
डबवाली क्षेत्र में किसी हादसे में घायल हुए एक अज्ञात व्यक्ति को एंबुलेंस से बृहस्पतिवार सुबह करीब 10.50 पर सिरसा के सामान्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर लाया गया। घायल के सिर पर गंभीर चोट लगी थी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर दीपक ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिनी को बुलाया।
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एमएस ने घायल की स्थिति जांची और ड्यूटी डॉक्टर को रोगी की पूरी निगरानी रखने को कहा, लेकिन इसके बाद घायल को नर्सों के सहारे छोड़ दिया गया। स्टॉफ नर्सों ने रोगी को ऑक्सीजन लगाई और बेड नंबर एक पर लेटाकर चली गई। घायल के मुंह और सिर से खून बहता रहा और उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई, लेकिन उसकी कोई संभाल नहीं हुई।
अमर उजाला संवाददाता ने जब मौके का जायजा लिया तो पाया कि घायल बेड पर पड़ा कहरा रहा है, लेकिन उसे कोई नहीं देख रहा। जब स्टॉफ नर्स को उसे संभालने के लिए कहा गया तो वो उपचार में जुट गई। इसी दौरान वहां खड़ा चतुर्थश्रेणी कर्मचारी बोला कि ‘घायल कहराता है तो तुमको क्या दिक्कत है, इसका जाना तो निश्चित है’। चतुर्थश्रेणी कर्मचारी के बोेल सुन नर्सें हैरान हुई। ड्यूटी डॉक्टर ने भी कहने के बावजूद उस ओर ध्यान नहीं दिया।
पांच मिनट में कर दिया रेफर
जैसे ही मीडियाकर्मी मौके पर आए तो ड्यूटी डॉक्टर ने घायल को लगभग 11.48 बजे रेफर कर दिया। जब डॉक्टर से पूछा गया कि घायल बेड पर नहीं है तो उन्होंने कहा कि ‘चिकित्सा अधीक्षक ने घायल को रेफर करने के लिए कहा था और मैंने कर दिया। बिना खून चढ़ाए घायल को रेफर करने के बारे में डॉक्टर दीपक ने कहा कि चलती एंबुलेंस में घायल को खून चढ़ा दिया जाएगा। इतने में डॉक्टर के पास वाली कुर्सी पर विराजमान चतुर्थ श्रेणी कर्मी बोला ‘खून तो चढ़ा दिया है’।
किससे पूछकर रेफर किया
दोपहर एक बजकर आठ मिनट पर सीनियर सर्जन एवं सामान्य अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिणी के पास जाकर जब घायल के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ड्यूटी डॉक्टर दीपक की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। जब एमएस को बताया कि घायल तो बेड पर नहीं तो उन्हें यकीन नहीं हुआ और तुरंत ड्यूटी डॉक्टर को फोन लगाया। एमएस ने डॉक्टर से कहा कि ‘किससे पूछकर आपने घायल को रेफर किया, आपको पता है कि उसको ब्रेन इंज्यूरी है और हालत बेहद नाजुक। उन्होंने एंबुलेंस को वापस बुलाने के आदेश दिए, लेकिन तब तक वह काफी आगे निकल चुकी थी।
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एमएस को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने न केवल डॉक्टर को लताड़ लगाई बल्कि मरीज को वापस बुलाने के लिए भी फोन कर दिया। हालांकि मरीज को लेकर एंबुलेंस काफी दूर निकल गई थी, इस वजह से उसे रोहतक पीजीआई जाने दिया गया, लेकिन इस लापरवाही से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। वहीं, इस पूरी घटना पर अधिकारी कार्रवाई करने की बजाय हल्के में ले रहे हैं।
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डबवाली क्षेत्र में किसी हादसे में घायल हुए एक अज्ञात व्यक्ति को एंबुलेंस से बृहस्पतिवार सुबह करीब 10.50 पर सिरसा के सामान्य अस्पताल के ट्रामा सेंटर लाया गया। घायल के सिर पर गंभीर चोट लगी थी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर दीपक ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिनी को बुलाया।
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एमएस ने घायल की स्थिति जांची और ड्यूटी डॉक्टर को रोगी की पूरी निगरानी रखने को कहा, लेकिन इसके बाद घायल को नर्सों के सहारे छोड़ दिया गया। स्टॉफ नर्सों ने रोगी को ऑक्सीजन लगाई और बेड नंबर एक पर लेटाकर चली गई। घायल के मुंह और सिर से खून बहता रहा और उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई, लेकिन उसकी कोई संभाल नहीं हुई।
अमर उजाला संवाददाता ने जब मौके का जायजा लिया तो पाया कि घायल बेड पर पड़ा कहरा रहा है, लेकिन उसे कोई नहीं देख रहा। जब स्टॉफ नर्स को उसे संभालने के लिए कहा गया तो वो उपचार में जुट गई। इसी दौरान वहां खड़ा चतुर्थश्रेणी कर्मचारी बोला कि ‘घायल कहराता है तो तुमको क्या दिक्कत है, इसका जाना तो निश्चित है’। चतुर्थश्रेणी कर्मचारी के बोेल सुन नर्सें हैरान हुई। ड्यूटी डॉक्टर ने भी कहने के बावजूद उस ओर ध्यान नहीं दिया।
पांच मिनट में कर दिया रेफर
जैसे ही मीडियाकर्मी मौके पर आए तो ड्यूटी डॉक्टर ने घायल को लगभग 11.48 बजे रेफर कर दिया। जब डॉक्टर से पूछा गया कि घायल बेड पर नहीं है तो उन्होंने कहा कि ‘चिकित्सा अधीक्षक ने घायल को रेफर करने के लिए कहा था और मैंने कर दिया। बिना खून चढ़ाए घायल को रेफर करने के बारे में डॉक्टर दीपक ने कहा कि चलती एंबुलेंस में घायल को खून चढ़ा दिया जाएगा। इतने में डॉक्टर के पास वाली कुर्सी पर विराजमान चतुर्थ श्रेणी कर्मी बोला ‘खून तो चढ़ा दिया है’।
किससे पूछकर रेफर किया
दोपहर एक बजकर आठ मिनट पर सीनियर सर्जन एवं सामान्य अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिणी के पास जाकर जब घायल के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ड्यूटी डॉक्टर दीपक की देखरेख में उसका उपचार चल रहा है। जब एमएस को बताया कि घायल तो बेड पर नहीं तो उन्हें यकीन नहीं हुआ और तुरंत ड्यूटी डॉक्टर को फोन लगाया। एमएस ने डॉक्टर से कहा कि ‘किससे पूछकर आपने घायल को रेफर किया, आपको पता है कि उसको ब्रेन इंज्यूरी है और हालत बेहद नाजुक। उन्होंने एंबुलेंस को वापस बुलाने के आदेश दिए, लेकिन तब तक वह काफी आगे निकल चुकी थी।