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Sirsa News: गिंदड़ां वासियों ने जलघर पर दिया धरना, विभाग के खिलाफ की नारेबाजी
Mon, 01 Jun 2026 11:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 01 Jun 2026 11:13 PM IST
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रानियां जलघर के बाहर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : 1
जलघर की टैंकों की सफाई, कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले की रखी मांग
फोटो-- 22,23
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। गांव गिंदड़ां के लोगों ने सोमवार को जलघर के समक्ष धरना देकर रोष प्रदर्शन किया और जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जेई और एसडीओ पर सरपंच व ग्रामीणों के फोन न उठाने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने करीब 4 घंटे तक धरना दिया। सूचना मिलने पर जन स्वास्थ्य विभाग के जेई सुरेंद्र भाटिया मौके पर पहुंचे और एक सप्ताह के अंदर सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन देकर धरना खत्म करवाया।
ग्रामीण विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, नोरंग लाल, दूनी राम सहित अन्य ने बताया कि जलघर में कार्यरत कर्मचारी सही से कार्य नहीं कर रहे। गांव में जगह-जगह पाइपलाइन से रिसाव हो रहा है। इससे लोगों के घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। बार-बार बोलने के बाद भी पाइपों का रिसाव ठीक नहीं किया जा रहा और न ही सभी वार्डों में समान रूप से पानी की आपूर्ति दी जा रही।
ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय जेई सुरेंद्र भाटिया और एसडीओ रामरख पर सरपंच व ग्रामीणों के फोन नहीं उठाते। कार्यरत कर्मचारियों के साथ जेई और एसडीओ के तबादले की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि जलघर से गांव को पानी की आपूर्ति देने वाली मोटर पिछले 6 महीनों से खराब पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से न तो जलघर के टैंकों की सफाई करवाई गई है न ही खराब मोटरों को समय पर ठीक करवाने का कार्य किया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि जलघर के पानी भंडारण की डिग्गियों में काई, घास, मरीजों के लगने वाले सांस की गंदी नलियां, शराब की बोतलें और बड़ी मात्रा में कचरा पड़ा है। इसकी सफाई तक नहीं की जाती है। इससे बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर विभाग ने एक सप्ताह में दोनों डिग्गियों की सफाई नहीं करवाई तो वे फिर से प्रदर्शन करेंगे और अपनी समस्या को जिला उपायुक्त के समक्ष रखेंगे।
ये हैं मुख्य मांगें
- कर्मचारी टूटीं लाइनों को दुरुस्त नहीं कर रहे।
- गांव के सभी वार्डों में समान रूप से सप्लाई पहुंचाने की मांग उठाई।
- टैंकों की सफाई न करवाई जाए।
- फिल्टर टैंकों को दुरुस्त किया जाए।
- खराब मोटरों की दुरुस्त किया जाए।
कोटस
विभाग की ओर से गांव के जलघर के बड़े टैंकों की सफाई लंबे समय से नहीं करवाई गई है। विभाग के एसडीओ और जेई फोन ही उठाते। कई बार विभाग के अधिकारियों को डिग्गियों की सफाई करवाने के लिए बोला गया लेकिन ग्रामीणों को आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। अगर एक सप्ताह तक विभाग उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो पूरा गांव एकत्रित होकर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेगा और जिला उपायुक्त के समक्ष पेश होंगे।
- जसवंत घोड़ेला, सरपंच गिंदड़ा।
कई बार विभागीय मीटिंग होने के चलते ग्रामीणों का फोन नहीं उठाया जाता। धरनास्थल पर पहुंचकर जलघर का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्या को सुना। विभाग की ओर से अगले सात दिनों में दोनों टैंकों की सफाई करवा दी जाएगी और ग्रामीणों की मांग के अनुसार एक कर्मचारी का तबादला मौके पर कर दिया गया है।
- सुरेंद्र भाटिया, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग।
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फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। गांव गिंदड़ां के लोगों ने सोमवार को जलघर के समक्ष धरना देकर रोष प्रदर्शन किया और जन स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जेई और एसडीओ पर सरपंच व ग्रामीणों के फोन न उठाने के आरोप लगाए। ग्रामीणों ने करीब 4 घंटे तक धरना दिया। सूचना मिलने पर जन स्वास्थ्य विभाग के जेई सुरेंद्र भाटिया मौके पर पहुंचे और एक सप्ताह के अंदर सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन देकर धरना खत्म करवाया।
ग्रामीण विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, नोरंग लाल, दूनी राम सहित अन्य ने बताया कि जलघर में कार्यरत कर्मचारी सही से कार्य नहीं कर रहे। गांव में जगह-जगह पाइपलाइन से रिसाव हो रहा है। इससे लोगों के घरों में गंदा पानी पहुंच रहा है। बार-बार बोलने के बाद भी पाइपों का रिसाव ठीक नहीं किया जा रहा और न ही सभी वार्डों में समान रूप से पानी की आपूर्ति दी जा रही।
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ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय जेई सुरेंद्र भाटिया और एसडीओ रामरख पर सरपंच व ग्रामीणों के फोन नहीं उठाते। कार्यरत कर्मचारियों के साथ जेई और एसडीओ के तबादले की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि जलघर से गांव को पानी की आपूर्ति देने वाली मोटर पिछले 6 महीनों से खराब पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की ओर से न तो जलघर के टैंकों की सफाई करवाई गई है न ही खराब मोटरों को समय पर ठीक करवाने का कार्य किया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि जलघर के पानी भंडारण की डिग्गियों में काई, घास, मरीजों के लगने वाले सांस की गंदी नलियां, शराब की बोतलें और बड़ी मात्रा में कचरा पड़ा है। इसकी सफाई तक नहीं की जाती है। इससे बीमारियां फैल रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि अगर विभाग ने एक सप्ताह में दोनों डिग्गियों की सफाई नहीं करवाई तो वे फिर से प्रदर्शन करेंगे और अपनी समस्या को जिला उपायुक्त के समक्ष रखेंगे।
ये हैं मुख्य मांगें
- कर्मचारी टूटीं लाइनों को दुरुस्त नहीं कर रहे।
- गांव के सभी वार्डों में समान रूप से सप्लाई पहुंचाने की मांग उठाई।
- टैंकों की सफाई न करवाई जाए।
- फिल्टर टैंकों को दुरुस्त किया जाए।
- खराब मोटरों की दुरुस्त किया जाए।
कोटस
विभाग की ओर से गांव के जलघर के बड़े टैंकों की सफाई लंबे समय से नहीं करवाई गई है। विभाग के एसडीओ और जेई फोन ही उठाते। कई बार विभाग के अधिकारियों को डिग्गियों की सफाई करवाने के लिए बोला गया लेकिन ग्रामीणों को आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। अगर एक सप्ताह तक विभाग उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो पूरा गांव एकत्रित होकर विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करेगा और जिला उपायुक्त के समक्ष पेश होंगे।
- जसवंत घोड़ेला, सरपंच गिंदड़ा।
कई बार विभागीय मीटिंग होने के चलते ग्रामीणों का फोन नहीं उठाया जाता। धरनास्थल पर पहुंचकर जलघर का निरीक्षण किया और ग्रामीणों की समस्या को सुना। विभाग की ओर से अगले सात दिनों में दोनों टैंकों की सफाई करवा दी जाएगी और ग्रामीणों की मांग के अनुसार एक कर्मचारी का तबादला मौके पर कर दिया गया है।
- सुरेंद्र भाटिया, जेई, जन स्वास्थ्य विभाग।