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Sirsa News: लू के थपेड़ों ने बढ़ाई परेशानी
Tue, 26 May 2026 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 26 May 2026 11:21 PM IST
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खेतों में जल ज्वार की फसल
जिले में तापमान 46 डिग्री पहुंचा, न्यूनतम तापमान 29 डिग्री
फोटो - 22,23
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। लू और गर्मी के कारण आमजन के साथ पशु-पक्षियों व जानवरों की परेशानी बढ़ गई है। तेज धूप के चलते लोग घरों में कूलर व एसी के नीचे बैठे रहते हैं। इस कारण बिजली की खपत भी कई गुना बढ़ गई है।
स्कूलों की छुट्टियां होने के बावजूद गांव की गलियों में बच्चे नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि गर्मी के चलते उनका बाहर निकला मुश्किल हो गया है। कुछ ऐसे ही हालात शहरों में बाजारों के भी हो गए हैं। सुबह 11 बजे भी बाजारों में रौनक नजर नहीं आती है। शाम के सात बजे बाद बाजारों में कुछ रौनक होती है। इस कारण बाजार रात के 10 बजे व उसके बाद बंद होने लगे हैं।
गांवों में चौपाल से लेकर गलियां सूनी
गांवों में सुबह 10 बजे के बाद से ही चौपाल और गलियां बिलकुल सुनसान नजर आने लगती हैं। किसान धूप और गर्मी से बचने के लिए कृषि संबंधी कार्य सुबह 3 बजे से 8 बजे तक करते हैं। शाम को बहुत जरूरी होने पर ही कृषि कार्य करते हैं। रानियां क्षेत्र का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तो जिले में 46 डिग्री दर्ज किया गया। आमजन के साथ खेतों में घूमने वाले जानवरों, पशुओं और पक्षियों के लिए मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सूखे मौसम और बारिश न होने के कारण खेतों में दूर-दूर तक कहीं भी हरा चारा और अपनी नजर नहीं आता। इससे खेतों के जानवर पूरे दिन पेड़ों की धुंधली छांव और हरे चारे और पानी की तलाश में भटकते रहते हैं।
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नहरबंदी पशुओं व किसानों के लिए परेशानी
किसानों ने बताया कि इन दोनों भाखड़ा और घग्गर दोनों नहरों की बंदी चल रही है। इससे खेतों में खड़ी नरमा, कपास और मूंग की फसल पानी के बिना सूखने लगी है। ग्वार की फसल की बिजाई भी प्रभावित हो रही है। इसके साथ खेतों में खड़ा हरा चारा अब जलने लगा है। इससे पशुपालकों के लिए नई परेशानी खड़ी हो रही है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो खेतों में लगे नरमा और कपास के पौधे जलकर नष्ट हो जाएंगे। ग्वार और बाजरे की बिजाई में देरी होगी। इससे किसानों को फसलों की पैदावार में गिरावट और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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फोटो - 22,23
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। लू और गर्मी के कारण आमजन के साथ पशु-पक्षियों व जानवरों की परेशानी बढ़ गई है। तेज धूप के चलते लोग घरों में कूलर व एसी के नीचे बैठे रहते हैं। इस कारण बिजली की खपत भी कई गुना बढ़ गई है।
स्कूलों की छुट्टियां होने के बावजूद गांव की गलियों में बच्चे नजर नहीं आ रहे हैं क्योंकि गर्मी के चलते उनका बाहर निकला मुश्किल हो गया है। कुछ ऐसे ही हालात शहरों में बाजारों के भी हो गए हैं। सुबह 11 बजे भी बाजारों में रौनक नजर नहीं आती है। शाम के सात बजे बाद बाजारों में कुछ रौनक होती है। इस कारण बाजार रात के 10 बजे व उसके बाद बंद होने लगे हैं।
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गांवों में चौपाल से लेकर गलियां सूनी
गांवों में सुबह 10 बजे के बाद से ही चौपाल और गलियां बिलकुल सुनसान नजर आने लगती हैं। किसान धूप और गर्मी से बचने के लिए कृषि संबंधी कार्य सुबह 3 बजे से 8 बजे तक करते हैं। शाम को बहुत जरूरी होने पर ही कृषि कार्य करते हैं। रानियां क्षेत्र का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तो जिले में 46 डिग्री दर्ज किया गया। आमजन के साथ खेतों में घूमने वाले जानवरों, पशुओं और पक्षियों के लिए मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। सूखे मौसम और बारिश न होने के कारण खेतों में दूर-दूर तक कहीं भी हरा चारा और अपनी नजर नहीं आता। इससे खेतों के जानवर पूरे दिन पेड़ों की धुंधली छांव और हरे चारे और पानी की तलाश में भटकते रहते हैं।
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नहरबंदी पशुओं व किसानों के लिए परेशानी
किसानों ने बताया कि इन दोनों भाखड़ा और घग्गर दोनों नहरों की बंदी चल रही है। इससे खेतों में खड़ी नरमा, कपास और मूंग की फसल पानी के बिना सूखने लगी है। ग्वार की फसल की बिजाई भी प्रभावित हो रही है। इसके साथ खेतों में खड़ा हरा चारा अब जलने लगा है। इससे पशुपालकों के लिए नई परेशानी खड़ी हो रही है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए किसानों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश नहीं होती है तो खेतों में लगे नरमा और कपास के पौधे जलकर नष्ट हो जाएंगे। ग्वार और बाजरे की बिजाई में देरी होगी। इससे किसानों को फसलों की पैदावार में गिरावट और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।