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वाटर ड्रेनेज के नाम पर जल्दबाजी के चक्कर में बिना अनुमति शहर की सड़कों को उखाड़ने की तैयारी
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शहर की ऑटो मार्केट में वाटर ड्रेनेज की लाइन बिछाने के लिए चल रहा काम।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। शहरी क्षेत्र से बारिश के पानी निकासी के लिए करीब 38 करोड़ रुपये की लागत से अमृत योजना के तहत वाटर ड्रेनेज का काम शुरू हो गया है। लेकिन खास बात ये है कि इस प्रोजेक्ट को अभी दूसरे विभागों से एनओसी ही नहीं मिली है। जबकि नगर परिषद का कार्यकाल अक्टूबर में खत्म होने वाला है। इसलिए काम का श्रेय लेने के चक्कर में इस प्रोजेक्ट को अधूरी तैयारियों के साथ शुरू कर दिया गया। एनओसी के चक्कर में यदि प्रोजेक्ट बीच में अटका तो शहरवासियों की परेशानियों में इजाफा होना लाजिमी है। जहां एक ओर पीडब्ल्यूडी ने एनओसी देने से इनकार कर दिया है। वहीं दूसरी ओर एनएचआई से अभी तक एनओसी के लिए नगर परिषद ने आवेदन ही नहीं किया है।
अमृत योजना के तहत प्लानिंग बनी है कि शहर के बाजारों से बारिश के पानी निकासी के लिए वाटर ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी। नगर परिषद ने इस पर काम किया है। करीब 38 करोड़ का बजट इसके लिए निर्धारित कर दिया गया है। योजना है कि ऑटो मार्केट से पाइप लाइन बिछनी शुरू होगी और आंबेडकर चौक से होते हुए परशुराम चौक, हिसारिया बाजार, भगत सिंह चौक, चांदनी चौक बाजार, घंटाघर चौक, रानियां बाजार, सूरतगढ़िया बाजार, रोड़ी बाजार, सुभाष चौक, भादरा बाजार, लक्कड़ मंडी, सदर बाजार, रोडी गेट, जनता भवन रोड, अनाज मंडी रोड, शिव चौक बेगू रोड से होते हुए पाइपलाइन को अरोड़वंश चौक से डबवाली रोड पर चढ़ाया जाएगा। डबवाली रोड से होते हुए बरसाती पानी को घग्घर तक पहुंचाया जाएगा ताकि बारिश के पानी को घग्घर में छोड़ा जा सके। इसके लिए नगर परिषद को वन विभाग, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों से एनओसी की जरूरत है।
पीडब्ल्यूडी एनओसी देने को राजी नहीं, एनएचएआई के पास अभी आवेदन ही नहीं
किसी भी प्रोजेक्ट का नियम है कि पहले सभी विभागों से एनओसी ले ली जाए, ताकि काम बीच में ना रुके। यदि बाद में एनओसी के चक्कर में ऑब्जेक्शन लग जाए तो प्रोजेक्ट बीच में रुकने से आम जनता से ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि शहर के बाजार उखाड़ दिए और पाइपलाइन बिछा दी गई लेकिन लाइन चालू ना हो तो बारिश के पानी की दिक्कत तो होगी ही, साथ ही गड्ढों के कारण परेशानी बढ़ेगी। सूत्र बताते हैं कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने एनओसी देने से मना कर दिया है। हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लेकिन उच्च प्रशासनिक अधिकारियों ने मध्यस्थ करके इस विवाद को सुलझाने का प्रयास किया है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी एनओसी देगा तो भी सशर्त एनओसी मिलेगी। इसमें कई शर्तें शामिल होंगी। दूसरी ओर एनएचएआई के पास अभी तक एनओसी के लिए नगर परिषद अधिकारियों ने प्रक्रिया ही शुरू नहीं की है।
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एक्सपर्ट के अनुसार ये है समाधान और काम का सही रास्ता
पाइपलाइन बिछाने का ये काम ऑटो मार्केट से शुरू होकर बाजारों से होते हुए डबवाली रोड और घग्घर तक जाएगा। लेकिन यदि काम बीच में अटका तो पूरा हो चुका सारा काम बेकार साबित होगा। इसलिए ये काम अंतिम छोर यानी घग्घर से वापस बाजार की ओर शुरू किया जाए तो सही रहेगा। मान लो घग्घर से पाइपलाइन अरोड़वंश चौक तक बिछ जाए और काम रुक जाए, तो उस स्थिति में भी अरोड़वंश चौक तक का पानी पाइप के माध्यम से घग्घर तक आसानी से निकाला जा सकता है। लेकिन ऑटो मार्केट और बाजारों में पाइपलाइन बिछाने के बावजूद काम रुक जाए तो पानी नहीं निकल सकेगा।
आधे से ज्यादा पार्षद जता चुके विरोध, अब पीआईएल डालने की तैयारी
शहर में 31 वार्ड हैं, इनमें से 14 पार्षदों हस्ताक्षरयुक्त पत्र डीसी को भेजकर इस प्रोजेक्ट पर ऐतराज जताया है। विरोध जताने वालों में भाजपा समर्थित, कांग्रेस समर्थित और अन्य पार्षद भी शामिल हैं। पार्षद विकास जैन, विकास गुज्जर, जगजीत सिंह, शीला सहगल, रणधीर सिंह, कौशल्या वर्मा, संगीता सचदेवा, सुमन लता, वैशाली रातुसरिया ने डीसी को पत्र भेजकर कहा था कि यहां बरसात कम होती है, इसलिए इतने बड़े प्रोजेक्ट की जरूरत नहीं है। 38 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के बदले में शहर में 50 से ज्यादा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जाना चाहिए। इस पर 2 करोड़ रुपये से भी कम खर्चा होगा। पार्षद विकास जैन ने कहा कि यदि इस प्रोजेक्ट पर रोक नहीं लगाई गई तो वे न्यायालय में पीआईएल डालेंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
रेन वाटर ड्रेनेज के लिए काम शुरू कर दिया गया है। ऑटो मार्केट में पाइपलाइन बिछाई जा रही है। यहां से पाइपलाइन आंबेडकर चौक होते हुए बाजार की ओर जाएगी। बाजारों में पाइपलाइन बिछाने के बाद डबवाली रोड और फिर घग्घर तक पहुंचाई जाएगी। डबवाली रोड पाइप लाइन बिछाने के लिए तब तक काम वहां पहुंचेगा, तब तक एनएचएआई की एनओसी ले ली जाएगी।
-अजय पंघाल, एक्सईएन, नगर परिषद।
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अमृत योजना के तहत प्लानिंग बनी है कि शहर के बाजारों से बारिश के पानी निकासी के लिए वाटर ड्रेनेज लाइन बिछाई जाएगी। नगर परिषद ने इस पर काम किया है। करीब 38 करोड़ का बजट इसके लिए निर्धारित कर दिया गया है। योजना है कि ऑटो मार्केट से पाइप लाइन बिछनी शुरू होगी और आंबेडकर चौक से होते हुए परशुराम चौक, हिसारिया बाजार, भगत सिंह चौक, चांदनी चौक बाजार, घंटाघर चौक, रानियां बाजार, सूरतगढ़िया बाजार, रोड़ी बाजार, सुभाष चौक, भादरा बाजार, लक्कड़ मंडी, सदर बाजार, रोडी गेट, जनता भवन रोड, अनाज मंडी रोड, शिव चौक बेगू रोड से होते हुए पाइपलाइन को अरोड़वंश चौक से डबवाली रोड पर चढ़ाया जाएगा। डबवाली रोड से होते हुए बरसाती पानी को घग्घर तक पहुंचाया जाएगा ताकि बारिश के पानी को घग्घर में छोड़ा जा सके। इसके लिए नगर परिषद को वन विभाग, एनएचएआई, पीडब्ल्यूडी, जन स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों से एनओसी की जरूरत है।
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पीडब्ल्यूडी एनओसी देने को राजी नहीं, एनएचएआई के पास अभी आवेदन ही नहीं
किसी भी प्रोजेक्ट का नियम है कि पहले सभी विभागों से एनओसी ले ली जाए, ताकि काम बीच में ना रुके। यदि बाद में एनओसी के चक्कर में ऑब्जेक्शन लग जाए तो प्रोजेक्ट बीच में रुकने से आम जनता से ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि शहर के बाजार उखाड़ दिए और पाइपलाइन बिछा दी गई लेकिन लाइन चालू ना हो तो बारिश के पानी की दिक्कत तो होगी ही, साथ ही गड्ढों के कारण परेशानी बढ़ेगी। सूत्र बताते हैं कि पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने एनओसी देने से मना कर दिया है। हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लेकिन उच्च प्रशासनिक अधिकारियों ने मध्यस्थ करके इस विवाद को सुलझाने का प्रयास किया है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी एनओसी देगा तो भी सशर्त एनओसी मिलेगी। इसमें कई शर्तें शामिल होंगी। दूसरी ओर एनएचएआई के पास अभी तक एनओसी के लिए नगर परिषद अधिकारियों ने प्रक्रिया ही शुरू नहीं की है।
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पाइपलाइन बिछाने का ये काम ऑटो मार्केट से शुरू होकर बाजारों से होते हुए डबवाली रोड और घग्घर तक जाएगा। लेकिन यदि काम बीच में अटका तो पूरा हो चुका सारा काम बेकार साबित होगा। इसलिए ये काम अंतिम छोर यानी घग्घर से वापस बाजार की ओर शुरू किया जाए तो सही रहेगा। मान लो घग्घर से पाइपलाइन अरोड़वंश चौक तक बिछ जाए और काम रुक जाए, तो उस स्थिति में भी अरोड़वंश चौक तक का पानी पाइप के माध्यम से घग्घर तक आसानी से निकाला जा सकता है। लेकिन ऑटो मार्केट और बाजारों में पाइपलाइन बिछाने के बावजूद काम रुक जाए तो पानी नहीं निकल सकेगा।
आधे से ज्यादा पार्षद जता चुके विरोध, अब पीआईएल डालने की तैयारी
शहर में 31 वार्ड हैं, इनमें से 14 पार्षदों हस्ताक्षरयुक्त पत्र डीसी को भेजकर इस प्रोजेक्ट पर ऐतराज जताया है। विरोध जताने वालों में भाजपा समर्थित, कांग्रेस समर्थित और अन्य पार्षद भी शामिल हैं। पार्षद विकास जैन, विकास गुज्जर, जगजीत सिंह, शीला सहगल, रणधीर सिंह, कौशल्या वर्मा, संगीता सचदेवा, सुमन लता, वैशाली रातुसरिया ने डीसी को पत्र भेजकर कहा था कि यहां बरसात कम होती है, इसलिए इतने बड़े प्रोजेक्ट की जरूरत नहीं है। 38 करोड़ के इस प्रोजेक्ट के बदले में शहर में 50 से ज्यादा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जाना चाहिए। इस पर 2 करोड़ रुपये से भी कम खर्चा होगा। पार्षद विकास जैन ने कहा कि यदि इस प्रोजेक्ट पर रोक नहीं लगाई गई तो वे न्यायालय में पीआईएल डालेंगे। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
रेन वाटर ड्रेनेज के लिए काम शुरू कर दिया गया है। ऑटो मार्केट में पाइपलाइन बिछाई जा रही है। यहां से पाइपलाइन आंबेडकर चौक होते हुए बाजार की ओर जाएगी। बाजारों में पाइपलाइन बिछाने के बाद डबवाली रोड और फिर घग्घर तक पहुंचाई जाएगी। डबवाली रोड पाइप लाइन बिछाने के लिए तब तक काम वहां पहुंचेगा, तब तक एनएचएआई की एनओसी ले ली जाएगी।
-अजय पंघाल, एक्सईएन, नगर परिषद।

वाटर ड्रेनेज की लाइन बिछाने के लिए चल रहा काम।- फोटो : Sirsa

ऑटो मार्केट में वाटर ड्रेनेज की लाइन बिछाने के लिए चल रहा काम।- फोटो : Sirsa