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Sirsa News: नहीं करवाई जा सकी गड्ढों की मरम्मत
Sat, 07 Sep 2024 06:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 07 Sep 2024 06:25 AM IST
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सिरसा। वार्ड नंबर-19 की पार्षद नीतू सोनी ने नगर परिषद प्रशासन पर उनके वार्ड की विभिन्न गलियों में एक गैस कंपनी की ओर से गड्ढों की मरम्मत के लिए मिली राशि को अन्य वार्डों में खर्च करने का आरोप लगाया है। जारी बयान में पार्षद नीतू ने कहा कि उन्होंने अपने प्रयासों से अपने वार्ड में गलियों की मरम्मत के लिए करीब 25 लाख रुपये की राशि मंजूर कराई थी। इनकी निविदा भी कराई गई थी लेकिन नगरपरिषद प्रशासन ने गहरी साजिश के कारण इस राशि को किसी अन्य वार्ड में खर्च कर दिया।
गैस कंपनी के कारण बने गड्ढों की होनी थी मरम्मत
पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि उनके वार्ड की विभिन्न गलियों में निजी गैस कंपनी की ओर से भूमिगत पाइप इन डाली गई थी जिससे वार्ड की विभिन्न गलियों में गहरे गड्ढे हो गए थे। वार्डवासियों के आग्रह पर उन्होंने समाधान शिविर के जरिये वार्ड की इस प्रमुख समस्या को उठाया था। इसलिए जिला नगर आयुक्त की पहल पर वार्ड नंबर 19 की विभिन्न गलियों की मरम्मत के लिए करीब 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके बावजूद गड्ढे नहीं पाटे जा सके। ऐसे में जब नगर पार्षद ने नगरपरिषद प्रशासन से पूछा तो पता चला कि इस राशि को अन्य वार्डों में खर्च कर दिया गया है जबकि सड़कों पर हो रहे गड्ढों पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं।
नगरपरिषद अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व इस कार्य की निविदा लगाई गई थी। नगरपरिषद प्रशासन को कई बार कहने के बावजूद जब कार्य शुरू नहीं हुआ तो स्वीकृत राशि खर्च होने का पता चला। उन्होंने कहा कि इस मामले में नगरपरिषद प्रशासन के अधिकारियों की चुप्पी संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी शहर के विभिन्न वार्डों में गड्ढों की मरम्मत के लिए 25-25 लाख रुपये की दो निविदा कराई गई थी। बाद में यह मुद्दा मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के पास पहुंचा था। तब से शुरू हुई उसकी जांच लंबित है। पार्षद नीतू ने अब मुख्यमंत्री, स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते समेत अन्य जांच एजेंसियों को लिखित में शिकायत भेजकर मामले की जांच का आग्रह किया है।
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गैस कंपनी के कारण बने गड्ढों की होनी थी मरम्मत
पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि उनके वार्ड की विभिन्न गलियों में निजी गैस कंपनी की ओर से भूमिगत पाइप इन डाली गई थी जिससे वार्ड की विभिन्न गलियों में गहरे गड्ढे हो गए थे। वार्डवासियों के आग्रह पर उन्होंने समाधान शिविर के जरिये वार्ड की इस प्रमुख समस्या को उठाया था। इसलिए जिला नगर आयुक्त की पहल पर वार्ड नंबर 19 की विभिन्न गलियों की मरम्मत के लिए करीब 25 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई। इसके बावजूद गड्ढे नहीं पाटे जा सके। ऐसे में जब नगर पार्षद ने नगरपरिषद प्रशासन से पूछा तो पता चला कि इस राशि को अन्य वार्डों में खर्च कर दिया गया है जबकि सड़कों पर हो रहे गड्ढों पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रहीं हैं।
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नगरपरिषद अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
पार्षद नीतू सोनी ने बताया कि करीब दो माह पूर्व इस कार्य की निविदा लगाई गई थी। नगरपरिषद प्रशासन को कई बार कहने के बावजूद जब कार्य शुरू नहीं हुआ तो स्वीकृत राशि खर्च होने का पता चला। उन्होंने कहा कि इस मामले में नगरपरिषद प्रशासन के अधिकारियों की चुप्पी संदिग्ध है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी शहर के विभिन्न वार्डों में गड्ढों की मरम्मत के लिए 25-25 लाख रुपये की दो निविदा कराई गई थी। बाद में यह मुद्दा मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के पास पहुंचा था। तब से शुरू हुई उसकी जांच लंबित है। पार्षद नीतू ने अब मुख्यमंत्री, स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक, मुख्यमंत्री उड़नदस्ते समेत अन्य जांच एजेंसियों को लिखित में शिकायत भेजकर मामले की जांच का आग्रह किया है।
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