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असम से खरीदकार लाई गई नाबालिग को बाल कल्याण समिति ने जोधकां के जमींदार के चुंगल से छुड़वाया
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सिरसा। जिले के गांव जोधका में मानव तस्करी करके लाई गई नाबालिग के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। गांव का जमींदार पिछले 6 महीने पहले उसे खरीदकर लाया और दुष्कर्म करता रहा। नाबालिग तीन महीने की गर्भवती है। सिरसा बाल कल्याण समिति को असम बाल संरक्षण इकाई ने फोन करके मामले की सूचना दी। इसके बाद समिति ने शुक्रवार रात को उसे अपनी कस्टडी में लिया। समिति ने परिजनों को सिरसा आने के लिए कह दिया है, ताकि नाबालिग को उसे सुपुर्द किया जा सके।
जानकारी के अनुसार असम के शहर बंगाईगांव से 16 फरवरी 2020 को एक नाबालिग लापता हो गई थी। 17 फरवरी को परिजनों ने बंगाईगांव थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। कुछ दिन पहले नाबालिग की मां के पास एक कॉल आई, अपनी बेटी की आवाज सुनकर मां हैरान रह गई। नाबालिग ने मां को बताया कि वह सिरसा के जोधकां गांव में एक जमींदार के कब्जे में पिछले 6 महीने से है। उसने दुष्कर्म और गर्भवती होने की जानकारी मां को दी। इसके बाद मां ने पुलिस व असम बाल संरक्षण इकाई को यह बात बताई। असम पुलिस ने मोबाइल नंबर को ट्रेस किया और पता लगा लिया कि बच्ची सिरसा के गांव जोधकां में एक व्यक्ति की कैद में है। असम बाल संरक्षण समिति ने सिरसा समिति को पत्र लिखकर घटना के बारे में सूचित किया। इसके बाद सिरसा बाल संरक्षण समिति ने बाल कल्याण समिति असम को बताया कि असम की रहने वाली एक नाबालिग को सिरसा के जोधकां में बेचा गया है।
नाबालिग के हाथ लग गया था मोबाइल
नाबालिग ने बताया है कि 16 फरवरी 2020 को उसे एक व्यक्ति ने अगवा कर लिया था। उक्त व्यक्ति ने उसे अपनी कैद में रखा और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे सिरसा के गांव जोधकां में रहने वाले एक जमींदार को बेच दिया। जमींदार ने उसे अपने घर कैद में रखा और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। नाबालिग का कहना है कि कुछ दिन पहले उसके हाथ में जमीदार का मोबाइल लग गया। उसे अपनी मां का मोबाइल नंबर याद था। उसने मां को कॉल करके बताया कि वह हरियाणा के सिरसा जिले में है और एक व्यक्ति ने उसे कैद करके रखा है। नाबालिग को तस्करों से खरीदकर लाने वाले व्यक्ति की आयु करीब 40 वर्ष है। असम पुलिस में पहले से ही दर्ज रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ नाबालिग के बयान पर वहां की पुलिस कार्रवाई करेगी। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए असम पुलिस की एक टीम जल्द ही सिरसा आएगी।
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पीड़िता की करवाई परिजनों से बातचीत
बाल कल्याण समित ने डिंग थाना पुलिस के सहयोग से पीड़ित नाबालिग को जोधकां के जमींदार की कैद से रिहा करवाया। इसके पश्चात पुलिस ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति समक्ष पेश किया। शनिवार को समिति अध्यक्ष अनिता वर्मा, सदस्य रेखा रानी व पूर्णिमा मोंगा ने नाबालिग से बातचीत कर उसकी काउंसिलिंग की। समिति अध्यक्ष अनित वर्मा ने नाबालिग की उसके परिजनों से फोन पर बात करवाई। कैद से रिहा होकर और मां-बाप से बात करके नाबालिग बहुत खुश हुई। नाबालिग का मेडिकल करवाया गया। जिसमें कि उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
निगरानी में रहेगी पीड़िता
बाल कल्याण समिति के पास एक मामला आया है। असम में रहने वाली नाबालिग को जोधकां निवासी एक व्यक्ति मानव तस्कर से खरीदकर लाया था। समिति ने डिंग पुलिस के सहयोग से नाबालिग को व्यक्ति के चंगुल से छुड़वा लिया है। नाबालिग की उसके परिजनों से फोन पर बातचीत करवाई गई है। जब तक परिजन सिरसा नहीं आते तब तक नाबालिग बाल कल्याण समिति की निगरानी में रहेगी। इससे पहले झारखंड की रहने वाली एक युवती को भी व्यक्ति के चंगुल से छुड़वाया गया था।
-अनिता वर्मा, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सिरसा।
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जानकारी के अनुसार असम के शहर बंगाईगांव से 16 फरवरी 2020 को एक नाबालिग लापता हो गई थी। 17 फरवरी को परिजनों ने बंगाईगांव थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। कुछ दिन पहले नाबालिग की मां के पास एक कॉल आई, अपनी बेटी की आवाज सुनकर मां हैरान रह गई। नाबालिग ने मां को बताया कि वह सिरसा के जोधकां गांव में एक जमींदार के कब्जे में पिछले 6 महीने से है। उसने दुष्कर्म और गर्भवती होने की जानकारी मां को दी। इसके बाद मां ने पुलिस व असम बाल संरक्षण इकाई को यह बात बताई। असम पुलिस ने मोबाइल नंबर को ट्रेस किया और पता लगा लिया कि बच्ची सिरसा के गांव जोधकां में एक व्यक्ति की कैद में है। असम बाल संरक्षण समिति ने सिरसा समिति को पत्र लिखकर घटना के बारे में सूचित किया। इसके बाद सिरसा बाल संरक्षण समिति ने बाल कल्याण समिति असम को बताया कि असम की रहने वाली एक नाबालिग को सिरसा के जोधकां में बेचा गया है।
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नाबालिग के हाथ लग गया था मोबाइल
नाबालिग ने बताया है कि 16 फरवरी 2020 को उसे एक व्यक्ति ने अगवा कर लिया था। उक्त व्यक्ति ने उसे अपनी कैद में रखा और जबरन उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसे सिरसा के गांव जोधकां में रहने वाले एक जमींदार को बेच दिया। जमींदार ने उसे अपने घर कैद में रखा और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जिससे वह गर्भवती हो गई। नाबालिग का कहना है कि कुछ दिन पहले उसके हाथ में जमीदार का मोबाइल लग गया। उसे अपनी मां का मोबाइल नंबर याद था। उसने मां को कॉल करके बताया कि वह हरियाणा के सिरसा जिले में है और एक व्यक्ति ने उसे कैद करके रखा है। नाबालिग को तस्करों से खरीदकर लाने वाले व्यक्ति की आयु करीब 40 वर्ष है। असम पुलिस में पहले से ही दर्ज रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ नाबालिग के बयान पर वहां की पुलिस कार्रवाई करेगी। आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए असम पुलिस की एक टीम जल्द ही सिरसा आएगी।
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पीड़िता की करवाई परिजनों से बातचीत
बाल कल्याण समित ने डिंग थाना पुलिस के सहयोग से पीड़ित नाबालिग को जोधकां के जमींदार की कैद से रिहा करवाया। इसके पश्चात पुलिस ने नाबालिग को बाल कल्याण समिति समक्ष पेश किया। शनिवार को समिति अध्यक्ष अनिता वर्मा, सदस्य रेखा रानी व पूर्णिमा मोंगा ने नाबालिग से बातचीत कर उसकी काउंसिलिंग की। समिति अध्यक्ष अनित वर्मा ने नाबालिग की उसके परिजनों से फोन पर बात करवाई। कैद से रिहा होकर और मां-बाप से बात करके नाबालिग बहुत खुश हुई। नाबालिग का मेडिकल करवाया गया। जिसमें कि उसके गर्भवती होने की पुष्टि हुई।
निगरानी में रहेगी पीड़िता
बाल कल्याण समिति के पास एक मामला आया है। असम में रहने वाली नाबालिग को जोधकां निवासी एक व्यक्ति मानव तस्कर से खरीदकर लाया था। समिति ने डिंग पुलिस के सहयोग से नाबालिग को व्यक्ति के चंगुल से छुड़वा लिया है। नाबालिग की उसके परिजनों से फोन पर बातचीत करवाई गई है। जब तक परिजन सिरसा नहीं आते तब तक नाबालिग बाल कल्याण समिति की निगरानी में रहेगी। इससे पहले झारखंड की रहने वाली एक युवती को भी व्यक्ति के चंगुल से छुड़वाया गया था।
-अनिता वर्मा, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सिरसा।