सिरसा: रोड जाम करने के आरोप में 525 किसानों पर केस दर्ज, पांच साथियों की रिहाई के लिए रोका था रास्ता
पांच किसानों की रिहाई को लेकर 21 जुलाई को किसानों ने जाम लगाया था। किसानों पर डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर हमला करने के मामले में देशद्रोह और गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
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डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा की गाड़ी पर पथराव के मामले में गिरफ्तार पांच किसानों की रिहाई की मांग को लेकर सिरसा में नेशनल हाईवे नंबर नौ पर तीन जगहों पर किसानों ने दो घंटे के लिए जाम लगाया था। जाम लगाने पर 22 जुलाई को सिरसा पुलिस ने कुल 525 किसानों के खिलाफ रोड जाम करने व धारा 188 का उल्लंघन करने का मामला दर्ज किया है। इसमें तीन किसान मुखपाल, गुरप्रेम व सुखदीप को नामजद किया गया है। हालांकि किसानों पर मामला दर्ज करने पर किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा व अन्य किसानों ने प्रशासन की आलोचना की है।
गुरुवार को डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर पथराव करने वाले किसानों को अदालत से जमानत मिल गई। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने 21 जुलाई को इन किसानों की रिहाई के लिए नेशनल हाईवे नंबर नौ पर भावदीन टोल प्लाजा पर नौ से 11 बजे तक जाम लगाने पर 150 अज्ञात किसानों के खिलाफ रोड जाम करने व धारा 188 का उल्लंघन करने पर मामला दर्ज किया। यह मामला कश्मीरी लाल की शिकायत पर दर्ज किया गया।
दूसरा मामला पंजुआना नहर के पास किसानों द्वारा रोड जाम करने पर बडागुढा थाने में दर्ज किया गया। पुलिस ने ईएचसी गुरविंद्र पाल की शिकायत पर 250 किसानों के खिलाफ रोड जाम करने का मामला दर्ज किया। जबकि डबवाली सदर पुलिस ने एसए इंद्रपाल की शिकायत पर मुखपाल, गुरप्रेम, सुखदीप सहित 125 अज्ञात किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया। एसपी अर्पित जैन ने बताया कि जाम लगाने से आम जनता को परेशानी हुई है। कानून व्यवस्था भंग करने की इजाजत किसी भी व्यक्ति को नहीं है। जाम लगाना कानूनी रूप से गलत है, इसलिए मामले दर्ज किए गए हैं।
किसान नेताओं में पैदा हुए मतभेद
पांच किसानों को जमानत मिलने पर व 525 किसानों पर रोड जाम करने पर शुक्रवार को किसान नेताओं में मतभेद पैदा हो गए। वैदवाला के किसान नेता भूपेंद्र सिंह टिन्ना ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर दो किसान नेताओं पर प्रशासन से सांठगांठ करने और किसानों को गुमराह करने के आरोप लगाए। किसान नेता भूपेंद्र सिंह ने दो किसान नेताओं को चंदा चोर की संज्ञा दी और कहा कि प्रशासन के साथ हुए गुप्त समझौते में दोनों किसान नेताओं ने चढूनी ग्रुप के किसानों को दरकिनार किया। किसान नेता ने जगजीत सिंह डलेवाल को गुरुवार सुबह प्रशासन के साथ हुए समझौते की जानकारी दी थी।
लघु सचिवालय के बाहर लगे बैरिकेड को जल्द ही हटा दिया जाएगा। आंदोलन के चलते अभी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दस कंपनियां तैनात हैं। - अर्पित जैन, एसपी सिरसा।