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Sirsa News: गुलाबी सुंडी ने बिगाड़ी नरमे की सूरत, एमएसपी से एक हजार कम दाम पर नरमा बेचने को मजबूर किसान
Sat, 07 Oct 2023 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 07 Oct 2023 10:34 PM IST
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सिरसा।
गुलाबी सुंडी ने नरमे की गुणवत्ता को बिगाड़कर रख दिया है। जिस कारण मंडी में नरमा लेकर पहुंचने वाले किसानों को बेहद कम दाम मिल रहे हैं। मंडी में नरमे का अधिकतम भाव 7100 रुपये तक है जबकि न्यूनतम 6 हजार रुपये के करीब है। मंडी में पहुंचने वाली कुल ट्राॅलियों में से 10 फीसदी ही किसान एमएमसपी से अधिक भाव ले पा रहे है। जबकि अन्य किसानों को 6000 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल ही दाम मिल पा रहा है। इसके चलते अब किसान सीसीआई (कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) की तरफ से नरमे की एमएसपी पर खरीद शुरू किए जाने की मांग उठा रहे है। ताकि उन्हें सही भाव मिल पाए।
इस बार जिले में दो लाख हेक्टेयर के करीब नरमे की बिजाई की गई है। इस बार गुलाबी सुंडी और सफेद मच्छर के कारण नरमे की फसल काफी प्रभावित हुई है। नरमे में अब चुगाई का काम चल रहा है। जिले में हर रोज 11 हजार क्विंटल से अधिक नरमे की आवक हो रही है। मंडी में व्यापारी बोली शुरू होने के बाद कुछ ट्राॅलियों को ही अच्छा भाव देकर अधिकतम रेट तय कर देते है। जिसके बाद छह हजार रुपये प्रति क्विंटल के आसपास ही नरमे की खरीद की जाती है।
बता दें कि सरकार की ओर से इस बार मीडियम साइज के नरमे की 6620 रुपये और लंबे साइज के नरमे की 7020 रुपये एमएसपी तय की गई है। अब लगातार नरमे का भाव गिर रहा है, लेकिन सरकार की ओर से एमएसपी पर खरीद प्रक्रिया शुरू करने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई है। सरकार की ओर से सुध न लिए जाने के कारण किसानों को प्रति क्विंटल 1000 से दो हजार रुपये तक को नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि अब किसान नेता सीसीआई की कॉमर्शियल और एमएसपी पर खरीद शुरू किए जाने की मांग भी उठा रहे है। ताकि किसानों को उपज का सही भाव मिल पाए।
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अब तक दो लाख 40 हजार की क्विंटल की हो चुकी है खरीद
मंडियों में अब किसानों नरमा लेकर पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक कुल दो लाख 40 हजार क्विंटल नरमे की खरीद निजी व्यापारियों की तरफ से की जा चुकी है। हालांकि बीते वर्ष की बात करें तो बीते वर्ष बारिश के कारण नरमे की फसल काफी प्रभावित हुई थी। जिसके कारण बीते वर्ष 07 अक्तूबर तक केवल 75,520 क्विंटल नरमे की आवक हुई थी। लेकिन इस बार नरमे की गुणवत्ता कम होने के कारण किसानों को इसका सही भाव लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीसीआई की तरफ से शुरू की जाए खरीद, किसानों को नहीं मिल रहे सही दाम
इस बार नरमे की गुणवत्ता में कुछ कमी आई है। व्यापारी मंडी से नरमे की गुणवत्ता को देखकर उसका भाव लगाते हैं। लेकिन नाममात्र ही नरमा एमएसपी से अधिक पर बिक पाता है। जबकि शेष नरमा छह हजार से 6200 रुपये प्रति क्विंटल पर ही बिक रहा है। सीसीआई की तरफ से कॉमर्शियल तौर पर इसकी खरीद शुरू की जानी चाहिए। ताकि व्यापारी बोली लगाते समय मनमानी न कर पाए और किसानों को इसका लाभ मिल पाए।
-लखविंद्र सिंह औलख , बीकेई के अध्यक्ष
सीसीआई की तरफ से अभी तक खरीद शुरू नहीं की गई है। हालांकि सीसीआई ने इस संबंध में बैठक की है। उनकी तरफ से ही खरीद की जानी है।
-वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी सिरसा।
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गुलाबी सुंडी ने नरमे की गुणवत्ता को बिगाड़कर रख दिया है। जिस कारण मंडी में नरमा लेकर पहुंचने वाले किसानों को बेहद कम दाम मिल रहे हैं। मंडी में नरमे का अधिकतम भाव 7100 रुपये तक है जबकि न्यूनतम 6 हजार रुपये के करीब है। मंडी में पहुंचने वाली कुल ट्राॅलियों में से 10 फीसदी ही किसान एमएमसपी से अधिक भाव ले पा रहे है। जबकि अन्य किसानों को 6000 से 6200 रुपये प्रति क्विंटल ही दाम मिल पा रहा है। इसके चलते अब किसान सीसीआई (कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया) की तरफ से नरमे की एमएसपी पर खरीद शुरू किए जाने की मांग उठा रहे है। ताकि उन्हें सही भाव मिल पाए।
इस बार जिले में दो लाख हेक्टेयर के करीब नरमे की बिजाई की गई है। इस बार गुलाबी सुंडी और सफेद मच्छर के कारण नरमे की फसल काफी प्रभावित हुई है। नरमे में अब चुगाई का काम चल रहा है। जिले में हर रोज 11 हजार क्विंटल से अधिक नरमे की आवक हो रही है। मंडी में व्यापारी बोली शुरू होने के बाद कुछ ट्राॅलियों को ही अच्छा भाव देकर अधिकतम रेट तय कर देते है। जिसके बाद छह हजार रुपये प्रति क्विंटल के आसपास ही नरमे की खरीद की जाती है।
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बता दें कि सरकार की ओर से इस बार मीडियम साइज के नरमे की 6620 रुपये और लंबे साइज के नरमे की 7020 रुपये एमएसपी तय की गई है। अब लगातार नरमे का भाव गिर रहा है, लेकिन सरकार की ओर से एमएसपी पर खरीद प्रक्रिया शुरू करने को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई है। सरकार की ओर से सुध न लिए जाने के कारण किसानों को प्रति क्विंटल 1000 से दो हजार रुपये तक को नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि अब किसान नेता सीसीआई की कॉमर्शियल और एमएसपी पर खरीद शुरू किए जाने की मांग भी उठा रहे है। ताकि किसानों को उपज का सही भाव मिल पाए।
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अब तक दो लाख 40 हजार की क्विंटल की हो चुकी है खरीद
मंडियों में अब किसानों नरमा लेकर पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक कुल दो लाख 40 हजार क्विंटल नरमे की खरीद निजी व्यापारियों की तरफ से की जा चुकी है। हालांकि बीते वर्ष की बात करें तो बीते वर्ष बारिश के कारण नरमे की फसल काफी प्रभावित हुई थी। जिसके कारण बीते वर्ष 07 अक्तूबर तक केवल 75,520 क्विंटल नरमे की आवक हुई थी। लेकिन इस बार नरमे की गुणवत्ता कम होने के कारण किसानों को इसका सही भाव लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीसीआई की तरफ से शुरू की जाए खरीद, किसानों को नहीं मिल रहे सही दाम
इस बार नरमे की गुणवत्ता में कुछ कमी आई है। व्यापारी मंडी से नरमे की गुणवत्ता को देखकर उसका भाव लगाते हैं। लेकिन नाममात्र ही नरमा एमएसपी से अधिक पर बिक पाता है। जबकि शेष नरमा छह हजार से 6200 रुपये प्रति क्विंटल पर ही बिक रहा है। सीसीआई की तरफ से कॉमर्शियल तौर पर इसकी खरीद शुरू की जानी चाहिए। ताकि व्यापारी बोली लगाते समय मनमानी न कर पाए और किसानों को इसका लाभ मिल पाए।
-लखविंद्र सिंह औलख , बीकेई के अध्यक्ष
सीसीआई की तरफ से अभी तक खरीद शुरू नहीं की गई है। हालांकि सीसीआई ने इस संबंध में बैठक की है। उनकी तरफ से ही खरीद की जानी है।
-वीरेंद्र मेहता, सचिव, मार्केट कमेटी सिरसा।