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Sirsa News: तापमान में गिरावट आने से नागरिक अस्पताल में बढ़ने लगी मरीजों की भीड़
Wed, 14 Jan 2026 11:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 14 Jan 2026 11:43 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
डबवाली। तापमान में लगातार गिरावट का असर लोगों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। डबवाली नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सामान्य दिनों में जहां अस्पताल की ओपीडी में करीब 300 तक मरीज आते थे, वहीं, अब रोजाना 400 से 450 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सर्दी, खांसी, बुखार, एलर्जी और सांस की तकलीफ से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों में इन बीमारियों के मामले बढ़े हैं। नागरिक अस्पताल के सहायक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरसिमरन सिंह ने बताया कि अस्पताल में सभी तरह की दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की देखभाल में जुटी हुई है।
डॉ. सिंह ने कहा कि लोगों को इस मौसम में साफ-सफाई, खानपान और पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि लोग गुनगुना पानी पीएं, ठंडी चीजों से बचें और गर्म कपड़े पहनें। खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
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बुजुर्गों और पुराने रोगियों की बढ़ीं परेशानियां : डॉ. हरसिमरन सिंह ने बताया कि ओपीडी में अधिकतर मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार, बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं। ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर और सांस से जुड़ीं बीमारियों के मरीजों को दिक्कत ज्यादा होती है। ऐसे मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नमी और प्रदूषण के कारण सीने में संक्रमण, बुखार, डायरिया और सांस की दिक्कतों के मामले भी बढ़े हैं।
वहीं, अस्थमा और पुराने श्वसन रोगों से पीड़ित मरीजों को अपने चिकित्सकों से सलाह व जांच करवानी चाहिए। क्योंकि यह मौसम उनके लिए खतरनाक होता है। डॉ. हरसिमरन ने कहा कि प्रदूषित वातावरण में न जाएं, घर और आसपास की सफाई रखें। धूल-मिट्टी से बचें, कई बार धूल के कण शरीर में जाने से सांस की नली सिकुड़ जाती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ बढ़ जाती है।
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डबवाली। तापमान में लगातार गिरावट का असर लोगों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। डबवाली नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सामान्य दिनों में जहां अस्पताल की ओपीडी में करीब 300 तक मरीज आते थे, वहीं, अब रोजाना 400 से 450 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सर्दी, खांसी, बुखार, एलर्जी और सांस की तकलीफ से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों में इन बीमारियों के मामले बढ़े हैं। नागरिक अस्पताल के सहायक वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरसिमरन सिंह ने बताया कि अस्पताल में सभी तरह की दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। चिकित्सकों की टीम लगातार मरीजों की देखभाल में जुटी हुई है।
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डॉ. सिंह ने कहा कि लोगों को इस मौसम में साफ-सफाई, खानपान और पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि लोग गुनगुना पानी पीएं, ठंडी चीजों से बचें और गर्म कपड़े पहनें। खासकर बुजुर्गों और छोटे बच्चों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
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बुजुर्गों और पुराने रोगियों की बढ़ीं परेशानियां : डॉ. हरसिमरन सिंह ने बताया कि ओपीडी में अधिकतर मरीज सर्दी-जुकाम, बुखार, बीपी और शुगर जैसी बीमारियों से पीड़ित आ रहे हैं। ठंड के मौसम में ब्लड प्रेशर और सांस से जुड़ीं बीमारियों के मरीजों को दिक्कत ज्यादा होती है। ऐसे मरीजों को विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नमी और प्रदूषण के कारण सीने में संक्रमण, बुखार, डायरिया और सांस की दिक्कतों के मामले भी बढ़े हैं।
वहीं, अस्थमा और पुराने श्वसन रोगों से पीड़ित मरीजों को अपने चिकित्सकों से सलाह व जांच करवानी चाहिए। क्योंकि यह मौसम उनके लिए खतरनाक होता है। डॉ. हरसिमरन ने कहा कि प्रदूषित वातावरण में न जाएं, घर और आसपास की सफाई रखें। धूल-मिट्टी से बचें, कई बार धूल के कण शरीर में जाने से सांस की नली सिकुड़ जाती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ बढ़ जाती है।