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Sirsa News: कालांवाली के पंकज गर्ग बने न्यायाधीश, परिवार तीन पीढ़ियों से कर रहा वकालत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Oct 2023 11:49 PM IST
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Pankaj Garg of Kalanwali becomes judge, family has been practicing law for three generations.
कालांवाली में अपने परिवार के साथ जज बने पंकज गर्ग। परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
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कालांवाली (सिरसा)। पंजाब सिविल सर्विस 2023 में 30वां रैंक हासिल कर कालांवाली के पंकज गर्ग न्यायाधीश बने हैं। इनका परिवार तीन पीढि़यों से वकालत कर रहा है। इनमें दादा ओम प्रकाश डबवाली में वकालत कर चुके हैं, जबकि पिता सुरेंद्र गर्ग हैप्पी व माता अनिता रानी भी इसी पेश में हैं। इनके छोटे भाई भी एलएलबी फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहे हैं।



सुरेंद्र गर्ग ने बताया कि पंकज गर्ग ने माता पुन्ना देवी डीएवी पब्लिक स्कूल में दसवीं व राजकीय माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कालांवाली में 12वीं पास की। वर्ष 2020 में बठिंडा काॅलेज ऑफ लाॅ से बीएएलएलबी की परीक्षा पास की। इसके बाद वह ज्यूडिशियल की कोचिंग लेने के लिए चंडीगढ़ चला गया। तब कोरोना महामारी के कारण वे घर वापस आ गए और ऑनलाइन पढ़ाई करने लगे। प्री एग्जाम क्लीयर होने व कोरोना के बाद अदालत शुरू होने पर वे डबवाली कोर्ट में प्रैक्टिस करने लगे। पीसीएस के लिए उन्होंने 22 जून को पहली परीक्षा दी। इसके बाद 2,3,4 जुलाई को एग्जाम दिए। इसके बाद दो अक्तूबर को इंटरव्यू दिया। पंकज गर्ग ने बताया कि उन्हें तो पता ही नहीं थी कि वह जज बन गए हैं। उनके पिता एडवोकेट सुरेंद्र गर्ग ने देर शाम को करीब साढे 8 बजे उन्हें खुशखबरी सुनाई। तब पूरे परिवार ने मिलकर खुशी मनाई।
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अपनी मेहनत से पाया यह मुकाम



पंकज गर्ग ने बताया कि वे सुबह 7 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक पढ़ाई करते थे। इसमें वे करीब 8 घंटे तक ऑनलाइन कक्षा लगाते थे। बीच में खाना खाने के लिए एक घंटे का ब्रेक लेते थे। इससे पहले वे हरियाणा में भी वर्ष 2021 में परीक्षा पास कर चुके हैं, लेकिन वह इंटरव्यू क्लीयर नहीं कर पाए थे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। गर्ग ने कहा कि वे पूरी ईमानदारी से अपने दायित्व को निभाएंगे और आमजन को न्याय दिलाएंगे।
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दादा 40 वर्ष तक कर चुके हैं वकालत

पंकज गर्ग के दादा एडवोकेट ओपी गर्ग डबवाली में 40 वर्षो तक वकालत कर चुके हैं। उनके पिता एडवोकेट सुरेंद्र गर्ग हैप्पी भी 1989 से डबवाली में वकालत कर रहे हैं। इनकी मां अनिता रानी 1997 से वकालत कर रही हैं। छोटी उम्र से ही उन्हें अपने परिवार से अदालत संबंधी जानकारियां मिलने लगी थीं। इनके पिता के साथी सीनियर वकीलों, जजों और शिक्षकों ने भी उन्हें ज्यूडिशियल परीक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए। इनकी बदौलत पंकज गर्ग जज बन पाए हैं।
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