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Sirsa News: पानीपत के जेल वार्डन से पांच लाख रुपये ठगे, दो पर मामला दर्ज
Mon, 18 Nov 2024 10:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 18 Nov 2024 10:49 PM IST
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सिरसा। पुलिस अधीक्षक व डीएसपी के नाम पर दो शातिरों ने पानीपत के जेल वार्डन से पांच लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित व्यक्ति आदमपुर की ढाणी मोहब्बतपुर का निवासी है। डीएसपी ऐलनाबाद की जांच व सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।
ढाणी मोहब्बतपुर निवासी आत्माराम पुत्र नरसी राम जेल विभाग में वार्डन के पद पर कार्यरत है। उसकी ड्यूटी पानीपत जेल में है। आत्माराम का कहना है कि उसके 29 वर्षीय बेटे पवन उर्फ विक्रम के खिलाफ वर्ष 2020 में पुलिस थाना भट्टू कलां, जिला फतेहाबाद में एक केस दर्ज हो गया था। इस मामले में उसका बेटा जेल चला गया। आत्माराम ने शिकायत में बताया कि बेटे के जेल जाने के बाद वह मानसिक तनाव में आ गया। इस दौरान उसका साला छोटू राम निवासी गांव गुसाईयाना, जिला सिरसा के पास सत्यवान पुत्र जय सिंह निवासी गांव बांसड़ा तहसील भादरा राजस्थान आया।
सत्यवान ने छोटूराम से कहा कि आपका भांजा बेकसूर है, उसका मुकदमे से नाम निकलवा दूंगा। छोटूराम ने सत्यवान से कहा कि तुम पवन के पिता आत्माराम से बात कर लो। इसके बाद सत्यवान अपनी गाड़ी लेकर मंडी आदमपुर आया। उसने आत्माराम से कहा कि वह पैसे का प्रबंध कर ले, मेरा एक जानकार कालूराम भी है जो सिरसा के गांव चाहरवाला में रहता है। उसके व मेरे पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद से अच्छे संबंध हैं। कई अन्य पुलिस अफसर से भी अच्छी जानकारी है। तुम्हारा काम करवा देंगे। आत्माराम का कहना है कि उसने लोगों से उधार मांगकर पांच लाख रुपये का प्रबंध किया। इसके बाद वह अपने दोस्त गांव रंगड़ी के पूर्व सरपंच चंद्रशेखर के साथ उसकी गाड़ी में बैठ गया। सत्यवान भी इसी गाड़ी में बैठ गया। इसके बाद वे तीनों गांव चाहरवाला में कालू के घर गए। वहां पर कालू घर पर नहीं मिला। उसके पिता गोपाल घर पर थे। सत्यवान ने पांच लाख रुपये उससे लेकर गोपाल को दे दिए। गोपाल ने ये राशि अपनी पत्नी को दे दी। इसके बाद सत्यवान ने कहा कि उसकी व कालू की डीएसपी से बात हो गई है, तुम्हारा काम जल्द हो जाएगा। पवन जल्द ही जेल से बाहर आ जाएगा।
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डीएसपी ऐलनाबाद की जांच में सही मिला आरोप
आत्माराम का कहना है इसके बाद सत्यवान टालमटोल करता रहा तो आत्माराम को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। आत्माराम ने इसकी शिकायत एडीजीपी हिसार से की तो ऐलनाबाद डीएसपी जगत सिंह को जांच सौंपी गई। डीएसपी जगत सिंह ने प्राथमिक जांच में कॉल रिकॉडिंर्ग व अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोप सही मिले। इसके बाद थाना नाथूसरी चोपटा पुलिस ने आरोपी कालू व सत्यवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। नाथूसरी चोपटा के थाना प्रभारी राजाराम ने बताया कि डीएसपी की जांच रिपोर्ट व शिकायत के आधार पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें नियमानुसार आगामी कार्रवाई जाएगी। दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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ढाणी मोहब्बतपुर निवासी आत्माराम पुत्र नरसी राम जेल विभाग में वार्डन के पद पर कार्यरत है। उसकी ड्यूटी पानीपत जेल में है। आत्माराम का कहना है कि उसके 29 वर्षीय बेटे पवन उर्फ विक्रम के खिलाफ वर्ष 2020 में पुलिस थाना भट्टू कलां, जिला फतेहाबाद में एक केस दर्ज हो गया था। इस मामले में उसका बेटा जेल चला गया। आत्माराम ने शिकायत में बताया कि बेटे के जेल जाने के बाद वह मानसिक तनाव में आ गया। इस दौरान उसका साला छोटू राम निवासी गांव गुसाईयाना, जिला सिरसा के पास सत्यवान पुत्र जय सिंह निवासी गांव बांसड़ा तहसील भादरा राजस्थान आया।
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सत्यवान ने छोटूराम से कहा कि आपका भांजा बेकसूर है, उसका मुकदमे से नाम निकलवा दूंगा। छोटूराम ने सत्यवान से कहा कि तुम पवन के पिता आत्माराम से बात कर लो। इसके बाद सत्यवान अपनी गाड़ी लेकर मंडी आदमपुर आया। उसने आत्माराम से कहा कि वह पैसे का प्रबंध कर ले, मेरा एक जानकार कालूराम भी है जो सिरसा के गांव चाहरवाला में रहता है। उसके व मेरे पुलिस अधीक्षक फतेहाबाद से अच्छे संबंध हैं। कई अन्य पुलिस अफसर से भी अच्छी जानकारी है। तुम्हारा काम करवा देंगे। आत्माराम का कहना है कि उसने लोगों से उधार मांगकर पांच लाख रुपये का प्रबंध किया। इसके बाद वह अपने दोस्त गांव रंगड़ी के पूर्व सरपंच चंद्रशेखर के साथ उसकी गाड़ी में बैठ गया। सत्यवान भी इसी गाड़ी में बैठ गया। इसके बाद वे तीनों गांव चाहरवाला में कालू के घर गए। वहां पर कालू घर पर नहीं मिला। उसके पिता गोपाल घर पर थे। सत्यवान ने पांच लाख रुपये उससे लेकर गोपाल को दे दिए। गोपाल ने ये राशि अपनी पत्नी को दे दी। इसके बाद सत्यवान ने कहा कि उसकी व कालू की डीएसपी से बात हो गई है, तुम्हारा काम जल्द हो जाएगा। पवन जल्द ही जेल से बाहर आ जाएगा।
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डीएसपी ऐलनाबाद की जांच में सही मिला आरोप
आत्माराम का कहना है इसके बाद सत्यवान टालमटोल करता रहा तो आत्माराम को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। आत्माराम ने इसकी शिकायत एडीजीपी हिसार से की तो ऐलनाबाद डीएसपी जगत सिंह को जांच सौंपी गई। डीएसपी जगत सिंह ने प्राथमिक जांच में कॉल रिकॉडिंर्ग व अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोप सही मिले। इसके बाद थाना नाथूसरी चोपटा पुलिस ने आरोपी कालू व सत्यवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। नाथूसरी चोपटा के थाना प्रभारी राजाराम ने बताया कि डीएसपी की जांच रिपोर्ट व शिकायत के आधार पर दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इसमें नियमानुसार आगामी कार्रवाई जाएगी। दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।