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Sirsa News: पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग के पुनर्गठन के विरोध में 8 से 10 तक हड़ताल का एलान

Tue, 25 Aug 2026 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Tue, 25 Aug 2026 11:29 PM IST
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panchayatiraj engineering wing protest on 8 to 10 september
 हरियाणा पंचायती राज इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदा​धिकारी व सदस्य विधायक शीशपाल केहरवाला को ज्ञापन
विधायकों व जिलाध्यक्षों को सौंपा ज्ञापन, सरकार से प्रस्ताव पर पुनर्विचार की मांग
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फोटो - 29
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा पंचायती राज इंजीनियर्स एसोसिएशन ने सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन का एलान किया है। यह आंदोलन पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग के प्रस्तावित युक्तिकरण और पुनर्गठन के विरोध में है। मंगलवार को एसोसिएशन ने जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं को ज्ञापन सौंपे।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो 8 से 10 सितंबर तक प्रदेशव्यापी सांकेतिक हड़ताल होगी। यदि मांगें नहीं मानी गईं तो संगठन अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने का निर्णय लेगा।
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जिला प्रधान सुनील छापौला के नेतृत्व में कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला और सिरसा विधायक गोकुल सेतिया को ज्ञापन दिए गए। भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह, भाजपा डबवाली जिलाध्यक्ष रेणु शर्मा और भाजपा नेता गोबिंद कांडा को भी ज्ञापन सौंपे गए।
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ओडिशा के पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेशीलाल को भी ज्ञापन सौंपकर सरकार से प्रस्तावित पुनर्गठन पर पुनर्विचार की मांग की गई। सुनील छापौला ने कहा कि प्रस्तावित युक्तिकरण और पुनर्गठन को लेकर इंजीनियरों में भारी रोष है।
सुनील ने बताया कि इससे इंजीनियरिंग विंग की तकनीकी कमान, गुणवत्ता नियंत्रण और कार्यों के प्रभावी निष्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। एसोसिएशन ने इंजीनियरिंग विंग को लोक निर्माण विभाग की तर्ज पर स्वतंत्र, सुदृढ़ और पूर्ण तकनीकी विंग के रूप में विकसित करने की मांग की।

विंग की भूमिका और मांगें
प्रदेश प्रधान महेंद्र सिंह और वरिष्ठ महासचिव विनोद मलिक ने बताया कि पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग ग्रामीण विकास से जुड़ीं करीब 60 योजनाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह लगभग 9500 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट से संबंधित कार्यों का निष्पादन, तकनीकी पर्यवेक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी करती है। उन्होंने कहा कि तकनीकी पदों और मानव संसाधन में कमी किए जाने से ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता प्रभावित होने की आशंका है।

तकनीकी क्षमता बढ़ाने पर जोर
महेंद्र सिंह और विनोद मलिक ने सरकार से पंचायती राज इंजीनियरिंग विंग की तकनीकी क्षमता बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने ग्रामीण विकास से जुड़े निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों की व्यवस्था करने पर जोर दिया। एसोसिएशन ने इंजीनियरिंग विंग में इंजीनियर-इन-चीफ, मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यकारी अभियंता, एसडीई तथा जेई/पर्यवेक्षक की स्पष्ट तकनीकी कमान श्रृंखला बनाए रखने की भी मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने 8 से 10 सितंबर की सांकेतिक हड़ताल के दौरान सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदला जाएगा।
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