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पाक विस्थापित 66 परिवार बोले - पुन: सर्वेक्षण करवा सूची की जाए तैयार
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रीडर को ज्ञापन सौंपते सदस्य।
- फोटो : Sirsa
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ऐलनाबाद में रह रहे पाक विस्थापित नागरिकों ने शुक्रवार को अपने मुखिया सुरता राम के नेतृत्व में इकट्ठे होकर एसडीएम कार्यालय में रीडर देवीलाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने अपील की है कि पाकिस्तान द्वारा धार्मिक प्रताड़ना से तंग आकर करीब 25 वर्ष पूर्व हम 66 परिवार एलटीवी (लॉंग टर्म वीजा) पर भारत आकर ऐलनाबाद क्षेत्र में शरणार्थी के तौर पर रहने लगे। यहां हमें नागरिकता ना होने के कारण काम भी नहीं मिल रहा था, जिसके चलते हमारे इन परिवारों के कुछ लोग एक उम्मीद के साथ काम व नागरिकता के लिए वर्ष 2011-12 में राजस्थान चले गए थे। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांग की है कि ऐलनाबाद क्षेत्र में रह रहे इन पाक विस्थापित परिवारों का पुन: सर्वेक्षण करवाकर सूची तैयार की जाए, ताकि हम सभी परिवारों भारत की नागरिकता मिल सकें।
राजस्थान के जोधपुर व श्रीगंगानगर में काम व नागरिकता न मिलने से वे यहां आकर पुन: रहने लगे। अब उन्हें संदेह है कि इस अवधि के दौरान क्षेत्र में रह रहे पाक विस्थापित नागरिकों की सर्वेक्षण सूची में से उनका नाम काट दिया गया है। इस अवसर पर सुरता राम, बिषण राम, कबीरा राम, बीरबल राम, प्रेमचंद, नानक राम, गुरमुख, पोकर राम, नंदलाल, मुकेश व चेतनराम मौजूद थे।
बोले - मदरसों में दूसरी कक्षा के बाद झेलनी पड़ती थी धार्मिक प्रताड़ना
नागरिकता संशोधन एक्ट विधेयक के लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों से पास होते ही देशभर के राजनीतिक दल आमने-सामने आए हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ सिरसा के ऐलनाबाद क्षेत्र में रह रहे पाक विस्थापित 66 परिवारों में खुशी का माहौल है, वहीं आंखों में आंसू भी हैं। इन परिवारों का कहना है कि यदि आज हमें नागरिकता संशोधन एक्ट के तहत नागरिकता मिलने वाली है तो इस पर जो विरोध प्रदर्शन हो रहा है, उससे मन दुखी है। वह करीब 25 वर्ष पूर्व एलटीवी (लॉग टर्म बीमा) पर पाकिस्तान से अपने असली वतन भारत लौटे थे। हिंदू शरणार्थियों का कहना है कि पाकिस्तान में हिंदुओं के वोट लेने के बाद कहा जाता है कि अपना मजहब छोड़ दो। मदरसों में दूसरी कक्षा के बाद जबरदस्त धार्मिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी।
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पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी सुरता राम और विषणराम का कहना है कि हमारा असली वतन और हमारे पूर्वज तो भारत के ही हैं, लेकिन देश के विभाजन समय हम पाकिस्तान की तरफ चले गए। उन्होंने हमें उस समय विश्वास दिलाया था कि तुम यहीं रहो, तुम्हारे साथ कुछ गलत नहीं होगा। हमने भी उनकी बात मान ली। कुछ समय बाद पाकिस्तान के हुकमरानों का असली चेहरा सामने आया। वहां पर हिंदुओं का उत्पीड़न शुरू हो गया। जब भी चुनाव आते तो हम स्थानीय जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते कि मूलभूत सुविधाएं दी जाएं। वे नेता भी तुरंत यह भरोसा देते थे कि हम मंदिर बनवा देंगे। तुम्हें नौकरियां भी दिलाएंगे। बाद में ऐसा कुछ नहीं होता था।
जिले में शांति का माहौल
भारत में शरणार्थियों के रूप में रह रहे पाक विस्थापित परिवारों को नागरिकता देने के लिए हाल ही में पास हुए नागरिकता संशोधन विधेयक के परिणामस्वरूप ऐलनाबद सहित जिले में शांति का माहौल है। वर्तमान में ऐलनाबाद क्षेत्र में 66 परिवार एटीवी (लॉग टर्म वीजा) पर पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर यहां शरणार्थी के रूप में पिछले कई वर्षों से रह रहे हैं। इन परिवारों की वर्ष 2009-10 के दौरान नागरिकता एवं सर्वेक्षण के लिए वीडियोग्राफी की गई थी।
- कालू राम, पुलिस उपनिरीक्षक, थाना ऐलनाबाद
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राजस्थान के जोधपुर व श्रीगंगानगर में काम व नागरिकता न मिलने से वे यहां आकर पुन: रहने लगे। अब उन्हें संदेह है कि इस अवधि के दौरान क्षेत्र में रह रहे पाक विस्थापित नागरिकों की सर्वेक्षण सूची में से उनका नाम काट दिया गया है। इस अवसर पर सुरता राम, बिषण राम, कबीरा राम, बीरबल राम, प्रेमचंद, नानक राम, गुरमुख, पोकर राम, नंदलाल, मुकेश व चेतनराम मौजूद थे।
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बोले - मदरसों में दूसरी कक्षा के बाद झेलनी पड़ती थी धार्मिक प्रताड़ना
नागरिकता संशोधन एक्ट विधेयक के लोकसभा व राज्यसभा दोनों सदनों से पास होते ही देशभर के राजनीतिक दल आमने-सामने आए हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ सिरसा के ऐलनाबाद क्षेत्र में रह रहे पाक विस्थापित 66 परिवारों में खुशी का माहौल है, वहीं आंखों में आंसू भी हैं। इन परिवारों का कहना है कि यदि आज हमें नागरिकता संशोधन एक्ट के तहत नागरिकता मिलने वाली है तो इस पर जो विरोध प्रदर्शन हो रहा है, उससे मन दुखी है। वह करीब 25 वर्ष पूर्व एलटीवी (लॉग टर्म बीमा) पर पाकिस्तान से अपने असली वतन भारत लौटे थे। हिंदू शरणार्थियों का कहना है कि पाकिस्तान में हिंदुओं के वोट लेने के बाद कहा जाता है कि अपना मजहब छोड़ दो। मदरसों में दूसरी कक्षा के बाद जबरदस्त धार्मिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती थी।
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पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी सुरता राम और विषणराम का कहना है कि हमारा असली वतन और हमारे पूर्वज तो भारत के ही हैं, लेकिन देश के विभाजन समय हम पाकिस्तान की तरफ चले गए। उन्होंने हमें उस समय विश्वास दिलाया था कि तुम यहीं रहो, तुम्हारे साथ कुछ गलत नहीं होगा। हमने भी उनकी बात मान ली। कुछ समय बाद पाकिस्तान के हुकमरानों का असली चेहरा सामने आया। वहां पर हिंदुओं का उत्पीड़न शुरू हो गया। जब भी चुनाव आते तो हम स्थानीय जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते कि मूलभूत सुविधाएं दी जाएं। वे नेता भी तुरंत यह भरोसा देते थे कि हम मंदिर बनवा देंगे। तुम्हें नौकरियां भी दिलाएंगे। बाद में ऐसा कुछ नहीं होता था।
जिले में शांति का माहौल
भारत में शरणार्थियों के रूप में रह रहे पाक विस्थापित परिवारों को नागरिकता देने के लिए हाल ही में पास हुए नागरिकता संशोधन विधेयक के परिणामस्वरूप ऐलनाबद सहित जिले में शांति का माहौल है। वर्तमान में ऐलनाबाद क्षेत्र में 66 परिवार एटीवी (लॉग टर्म वीजा) पर पाकिस्तान से प्रताड़ित होकर यहां शरणार्थी के रूप में पिछले कई वर्षों से रह रहे हैं। इन परिवारों की वर्ष 2009-10 के दौरान नागरिकता एवं सर्वेक्षण के लिए वीडियोग्राफी की गई थी।
- कालू राम, पुलिस उपनिरीक्षक, थाना ऐलनाबाद