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Sirsa News: रात में बिना पंखा लगाए बोरियों में भरा जा रहा धान, जिम्मेदारी से बच रहे अधिकारी
Sat, 07 Nov 2026 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 07 Nov 2026 11:09 PM IST
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रोड़ी । रोड़ी अनाज मंडी में अलग अलग जगह पर रात के समय बिना पंखा लगाए बोरियों में भरा जा रहा धान
संवाद न्यूज एजेंसी
रोड़ी। रोड़ी अनाज मंडी में धान की खरीद और भराई प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंडी में शेलर मालिकों की ओर से रात के अंधेरे में बिना पंखा लगाए धान को सीधे बोरियों में भरा जा रहा है।
इस दौरान धान के साथ मौजूद मिट्टी, अपशिष्ट और अन्य अवांछित पदार्थ भी बोरियों में जा रहे हैं। वहीं, इस मामले में जिम्मेदारी अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए है।
एक महीने से मंडी में धान की खरीद का कार्य जारी है। इसके बावजूद इस अनियमितता पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही। मामले में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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आरोप है कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते यह पूरा खेल लगातार चल रहा है। जब इस व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तय करने की बात आती है तो अधिकारी एक-दूसरे विभाग का हवाला देकर कार्रवाई से पल्ला झाड़ते नजर आते हैं।
कोई इसे दूसरे विभाग की जिम्मेदारी बताता है तो कोई कार्रवाई का अधिकार किसी अन्य विभाग के पास होने की बात कहता है। धान की भराई के दौरान पंखे का इस्तेमाल नहीं होने से उसकी सफाई प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धान में मौजूद मिट्टी और अपशिष्ट के बोरियों में जाने से न केवल सरकारी खरीद और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है बल्कि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ भी खिलवाड़ हो सकता है।
हैरानी की बात यह है कि रात के समय चल रही इस प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए विभागीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही। अब सवाल यह है कि मार्केट कमेटी और संबंधित विभाग के अधिकारी कब मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे।
कोट्स
खाली भरी के दौरान 3 किलो प्रति क्विंटल धान की काट किसान से ली जाती है। ऐसे में धान की सफाई करके ही उसे आगे भेजना व्यापारियों की जिम्मेदारी है। जो कि जवाबदेही तय होनी आवश्यक है।
-प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख, भारतीय किसान एकता।
कोट्स
अगर दिन में कोई भी व्यापारी इस तरह से बिना पंखे के धान भर रहा है तो हमारा काम दिन में उसके खिलाफ कार्रवाई करना है लेकिन रात के समय हम कुछ नहीं कर सकते। ऐसे में विभागीय कार्रवाई की संपूर्ण जिम्मेदारी डीएफएससी प्रोक्योरर की है।
-तरसेम सिंह भीमां, मंडी सुपरवाइजर, मार्केट कमेटी रोड़ी।
कोट्स
मंडी में सारा कुछ ठीक है। अगर पंखे का मामला है तो पंखा लगवाकर भरवाना मार्केट कमेटी का काम है। इसके खिलाफ मार्केट कमेटी के अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं।
- प्रोक्योरर कुलदीप, फूड सप्लाई विभाग।
कोट्स
यह सरकार की अव्यवस्था है और खरीद व भराई की ओर सरकारी अधिकारियों का इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है। आनन-फानन बिना सफाई के धान को भरा जा रहा है जो कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है।
-शीशपाल केहरवाल, विधायक
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रोड़ी। रोड़ी अनाज मंडी में धान की खरीद और भराई प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंडी में शेलर मालिकों की ओर से रात के अंधेरे में बिना पंखा लगाए धान को सीधे बोरियों में भरा जा रहा है।
इस दौरान धान के साथ मौजूद मिट्टी, अपशिष्ट और अन्य अवांछित पदार्थ भी बोरियों में जा रहे हैं। वहीं, इस मामले में जिम्मेदारी अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए है।
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एक महीने से मंडी में धान की खरीद का कार्य जारी है। इसके बावजूद इस अनियमितता पर अंकुश लगाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही। मामले में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
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आरोप है कि अधिकारियों की कथित मिलीभगत के चलते यह पूरा खेल लगातार चल रहा है। जब इस व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारी तय करने की बात आती है तो अधिकारी एक-दूसरे विभाग का हवाला देकर कार्रवाई से पल्ला झाड़ते नजर आते हैं।
कोई इसे दूसरे विभाग की जिम्मेदारी बताता है तो कोई कार्रवाई का अधिकार किसी अन्य विभाग के पास होने की बात कहता है। धान की भराई के दौरान पंखे का इस्तेमाल नहीं होने से उसकी सफाई प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
धान में मौजूद मिट्टी और अपशिष्ट के बोरियों में जाने से न केवल सरकारी खरीद और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है बल्कि उपभोक्ताओं की सेहत के साथ भी खिलवाड़ हो सकता है।
हैरानी की बात यह है कि रात के समय चल रही इस प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए विभागीय स्तर पर कोई ठोस व्यवस्था नजर नहीं आ रही। अब सवाल यह है कि मार्केट कमेटी और संबंधित विभाग के अधिकारी कब मौके पर पहुंचकर जांच करेंगे।
कोट्स
खाली भरी के दौरान 3 किलो प्रति क्विंटल धान की काट किसान से ली जाती है। ऐसे में धान की सफाई करके ही उसे आगे भेजना व्यापारियों की जिम्मेदारी है। जो कि जवाबदेही तय होनी आवश्यक है।
-प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख, भारतीय किसान एकता।
कोट्स
अगर दिन में कोई भी व्यापारी इस तरह से बिना पंखे के धान भर रहा है तो हमारा काम दिन में उसके खिलाफ कार्रवाई करना है लेकिन रात के समय हम कुछ नहीं कर सकते। ऐसे में विभागीय कार्रवाई की संपूर्ण जिम्मेदारी डीएफएससी प्रोक्योरर की है।
-तरसेम सिंह भीमां, मंडी सुपरवाइजर, मार्केट कमेटी रोड़ी।
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मंडी में सारा कुछ ठीक है। अगर पंखे का मामला है तो पंखा लगवाकर भरवाना मार्केट कमेटी का काम है। इसके खिलाफ मार्केट कमेटी के अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं।
- प्रोक्योरर कुलदीप, फूड सप्लाई विभाग।
कोट्स
यह सरकार की अव्यवस्था है और खरीद व भराई की ओर सरकारी अधिकारियों का इसकी ओर कोई ध्यान नहीं है। आनन-फानन बिना सफाई के धान को भरा जा रहा है जो कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ भी खिलवाड़ है।
-शीशपाल केहरवाल, विधायक