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वोल्टेज कम होने से ऑक्सीजन की शुद्धता में आई कमी, स्टेबलाइजर के लिए पीडब्ल्यूडी को लिखा पत्र
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नागरिक अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट ।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। नागरिक अस्पताल में लगाए गए प्लांट में पहुंचने वाली बिजली की वोल्टेज कम अधिक होने के कारण ऑक्सीजन की शुद्धता में कमी पाई गई है। जिसके बाद विभाग ने अब स्टेबलाइजर दिए जाने को लेकर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर को पत्र लिखा है।
नागरिक अस्पताल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट में आई तकनीकी खामी को जांचने के लिए तीन सदस्यीय इंजीनियर की टीम सिरसा पहुंची। विशेषज्ञ टीम ने जांच में पाया कि वोल्टेज कम ज्यादा होने के कारण ऑक्सीजन की शुद्धता में अंतर आ रहा है। ऑक्सीजन प्लांट में तीन चैंबर है, जिनमें वातावरण में हवा से ऑक्सीजन बनाई जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऑक्सीजन की शुद्धता का लेवल 90 से ऊपर होना चाहिए परंतु वोल्टेज कम ज्यादा होने के कारण लेवल 86 तक चला जाता है। ऑक्सीजन प्लांट में लगातार शुद्धता का लेवल 90 ही रहना चाहिए।
ऑक्सीजन प्लांट के लिए लगाया 500 केवीए का ट्रांसफार्मर
ऑक्सीजन प्लांट के लिए अस्पताल में अलग से 500 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है ताकि प्लांट के लिए अपेक्षित बिजली सुचारू मिल सके। ट्रांसफार्मर न लगाए जाने से पहले ऑक्सीजन प्लांट को जेनरेटर सेट से चलाया गया परंतु यह बहुत अधिक महंगा था। लगातार जेनरेटर चलाने से हर घंटे हजारों रुपये के डीजल की खपत हो जाती थी। ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद बिजली आपूर्ति की समस्या का तो समाधान हो गया परंतु कम ज्यादा वोल्टेज होने के कारण ऑक्सीजन की शुद्धता में अंतर आ रहा था।
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ऑक्सीजन प्लांट की जांच के लिए विशेषज्ञों ने वोल्टेज को एक समान रखने के लिए स्टेबलाइजर लगाने का सुझाव दिया है। यलिरे लगाए जाने के बाद एक समान वोल्टेज की आपूर्ति होगी, जिसके बाद प्लांट की ऑक्सीजन की शुद्धता में फर्क नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने स्टेबलाइजर स्थापित करने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है।
- महेश कुमार, इंजीनियर, नागरिक अस्पताल
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नागरिक अस्पताल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट में आई तकनीकी खामी को जांचने के लिए तीन सदस्यीय इंजीनियर की टीम सिरसा पहुंची। विशेषज्ञ टीम ने जांच में पाया कि वोल्टेज कम ज्यादा होने के कारण ऑक्सीजन की शुद्धता में अंतर आ रहा है। ऑक्सीजन प्लांट में तीन चैंबर है, जिनमें वातावरण में हवा से ऑक्सीजन बनाई जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऑक्सीजन की शुद्धता का लेवल 90 से ऊपर होना चाहिए परंतु वोल्टेज कम ज्यादा होने के कारण लेवल 86 तक चला जाता है। ऑक्सीजन प्लांट में लगातार शुद्धता का लेवल 90 ही रहना चाहिए।
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ऑक्सीजन प्लांट के लिए लगाया 500 केवीए का ट्रांसफार्मर
ऑक्सीजन प्लांट के लिए अस्पताल में अलग से 500 केवीए का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है ताकि प्लांट के लिए अपेक्षित बिजली सुचारू मिल सके। ट्रांसफार्मर न लगाए जाने से पहले ऑक्सीजन प्लांट को जेनरेटर सेट से चलाया गया परंतु यह बहुत अधिक महंगा था। लगातार जेनरेटर चलाने से हर घंटे हजारों रुपये के डीजल की खपत हो जाती थी। ट्रांसफार्मर लगाए जाने के बाद बिजली आपूर्ति की समस्या का तो समाधान हो गया परंतु कम ज्यादा वोल्टेज होने के कारण ऑक्सीजन की शुद्धता में अंतर आ रहा था।
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ऑक्सीजन प्लांट की जांच के लिए विशेषज्ञों ने वोल्टेज को एक समान रखने के लिए स्टेबलाइजर लगाने का सुझाव दिया है। यलिरे लगाए जाने के बाद एक समान वोल्टेज की आपूर्ति होगी, जिसके बाद प्लांट की ऑक्सीजन की शुद्धता में फर्क नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने स्टेबलाइजर स्थापित करने के लिए पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा है।
- महेश कुमार, इंजीनियर, नागरिक अस्पताल