{"_id":"6ab41092c4daaf78a5051ea5","slug":"dispute-on-temporary-court-sirsa-news-c-128-1-svns1027-165521-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: रामबाग कॉम्प्लेक्स में अस्थायी कोर्ट के मामले पर दो पक्ष आमने-सामने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: रामबाग कॉम्प्लेक्स में अस्थायी कोर्ट के मामले पर दो पक्ष आमने-सामने
Wed, 23 Sep 2026 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:16 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। रामबाग कॉम्प्लेक्स में अस्थायी कोर्ट शुरू करने को लेकर मतभेद सामने आए हैं। इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। एक पक्ष कोर्ट शुरू करने के समर्थन में है जबकि दूसरा पक्ष धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का हवाला देकर विरोध कर रहा है।
जिला न्यायाधीश और जिला प्रशासन सभी पहलुओं पर विचार कर अंतिम निर्णय लेंगे। अस्थायी कोर्ट के लिए कालांवाली में स्थान तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। इसी दौरान रामबाग कॉम्प्लेक्स में कोर्ट शुरू करने का विरोध सामने आया।
बार एसोसिएशन कालांवाली, नगरपालिका प्रधान महेश झोरड़, कई व्यापारी और पार्षद कोर्ट के समर्थन में हैं। वहीं, रामबाग प्रबंधक कमेटी, भाजपा नेता सुनील गर्ग टीशू, कई व्यापारी और पार्षद विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
सेशन जज पुनीश जिंदिया ने कालांवाली और ओढ़ां में कई स्थानों का निरीक्षण किया था। बार एसोसिएशन ने कालांवाली में ही कोर्ट शुरू करने की मांग की। उन्होंने सिरसा जाकर सेशन जज से मुलाकात की।
18 अगस्त को भी प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर जल्द कोर्ट शुरू करने का आश्वासन मिलने का दावा किया। प्रशासन ने रामबाग कॉम्प्लेक्स में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जिससे विरोध सामने आने पर बार एसोसिएशन में नाराजगी है।
बार एसोसिएशन का तर्क : बार एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि रामबाग कॉम्प्लेक्स में अस्थायी कोर्ट से धार्मिक गतिविधियों पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। रामबाग और कॉम्प्लेक्स के बीच दीवार है। कॉम्प्लेक्स में रामबाग के अलावा दो अन्य प्रवेश द्वार भी हैं।
इससे अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक गतिविधियों में कोई बाधा नहीं आएगी। तर्क है कि कालांवाली में कोर्ट शुरू होने से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए डबवाली और सिरसा जाने से राहत मिलेगी।
विज्ञापन
कालांवाली। रामबाग कॉम्प्लेक्स में अस्थायी कोर्ट शुरू करने को लेकर मतभेद सामने आए हैं। इस मुद्दे पर सियासत गरमा गई है। एक पक्ष कोर्ट शुरू करने के समर्थन में है जबकि दूसरा पक्ष धार्मिक और सामाजिक भावनाओं का हवाला देकर विरोध कर रहा है।
जिला न्यायाधीश और जिला प्रशासन सभी पहलुओं पर विचार कर अंतिम निर्णय लेंगे। अस्थायी कोर्ट के लिए कालांवाली में स्थान तय करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में थी। इसी दौरान रामबाग कॉम्प्लेक्स में कोर्ट शुरू करने का विरोध सामने आया।
विज्ञापन
बार एसोसिएशन कालांवाली, नगरपालिका प्रधान महेश झोरड़, कई व्यापारी और पार्षद कोर्ट के समर्थन में हैं। वहीं, रामबाग प्रबंधक कमेटी, भाजपा नेता सुनील गर्ग टीशू, कई व्यापारी और पार्षद विरोध कर रहे हैं।
विज्ञापन
सेशन जज पुनीश जिंदिया ने कालांवाली और ओढ़ां में कई स्थानों का निरीक्षण किया था। बार एसोसिएशन ने कालांवाली में ही कोर्ट शुरू करने की मांग की। उन्होंने सिरसा जाकर सेशन जज से मुलाकात की।
18 अगस्त को भी प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर जल्द कोर्ट शुरू करने का आश्वासन मिलने का दावा किया। प्रशासन ने रामबाग कॉम्प्लेक्स में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जिससे विरोध सामने आने पर बार एसोसिएशन में नाराजगी है।
बार एसोसिएशन का तर्क : बार एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है कि रामबाग कॉम्प्लेक्स में अस्थायी कोर्ट से धार्मिक गतिविधियों पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। रामबाग और कॉम्प्लेक्स के बीच दीवार है। कॉम्प्लेक्स में रामबाग के अलावा दो अन्य प्रवेश द्वार भी हैं।
इससे अंतिम संस्कार और अन्य धार्मिक गतिविधियों में कोई बाधा नहीं आएगी। तर्क है कि कालांवाली में कोर्ट शुरू होने से आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को न्यायिक कार्यों के लिए डबवाली और सिरसा जाने से राहत मिलेगी।