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एक सप्ताह में शुरू होगा अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट, सेंटर लाइन से बेड तक पहुंचेगी ऑक्सीजन
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नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की मशीनों को इंस्टाल करते कर्मचारी
- फोटो : Sirsa
सिरसा। नागरिक अस्पताल में एक सप्ताह में ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएगा। मशीनें अस्पताल में पहुंचने के बाद उसे इंस्टॉल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मशीनें इंस्टॉल करने के बाद प्लांट का एक दिन के लिए ट्रायल लिया जाएगा। ट्रायल में ऑक्सीजन के मापदंड पूरे होने के बाद सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। विभाग की ओर से पहले ही 130 बेडों पर ऑक्सीजन पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है।
नागरिक अस्पताल में एक मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन बनाने के लिए प्लांट को मंजूरी मिली थी। इसके लिए अस्पताल में 30 बाई 50 फुट का शेड तैयार किया था। मशीनें देरी से पहुंचने के कारण प्लांट लगने में दो माह की देरी हो गई। हालांकि एक माह से शेड बनकर तैयार है। पीएम केयर फंड से अब गुजरात से मशीनें अस्पताल में पहुंची है। प्लांट लगाने के लिए एनएचएआई को इसका टेंडर मिला था। प्लांट शुरू होने के बाद कोरोना की आशंकित तीसरी लहर में मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। इससे पहले कोरोना काल की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
ऑक्सीजन लाइन से जोड़े गए है 130 बेड
नागरिक अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल के 130 बेडों को ऑक्सीजन सेंटर लाइन से जोड़ा गया है। सभी बेडों के साथ ऑक्सीजन को नियंत्रण रखने के लिए उपकरण भी लगाए गए हैं। जोकि जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की सप्लाई मरीज तक कम या अधिक करने के लिए काम करेंगे। प्लांट शुरू होने के बाद ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत बहुत कम होगी।
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प्लांट के लिए लगाया जाएगा अलग से जेनरेटर
ऑक्सीजन प्लांट के लिए अलग से जेनरेटर लगाया जाएगा। अस्पताल में बिजली गुल होने की स्थिति में जेनरेटर से ऑक्सीजन प्लांट को शुरू रखा जा सकेगा। प्लांट को निरंतर चालू अवस्था में रखना जरूरी है। जिससे बनने होने वाली ऑक्सीजन की शुद्धता अधिक बनी रहे। बीमारी से प्रभावित मरीजों को 93.6 फीसदी ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन प्लांट से 95 फीसदी ऑक्सीजन पर्यावरण से जरनेट करता है।
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की मशीनें पहुंच चुकी है। एक सप्ताह में प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट का पहले ट्रायल लिया जाएगा और ऑक्सीजन फीसदी जांची जाएगी। जिसके बाद ही मरीजों तक ऑक्सीजन पाइप लाइन से सप्लाई की जाएगी।
-डॉ. बुधराम, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सिरसा
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नागरिक अस्पताल में एक मिनट में एक हजार लीटर ऑक्सीजन बनाने के लिए प्लांट को मंजूरी मिली थी। इसके लिए अस्पताल में 30 बाई 50 फुट का शेड तैयार किया था। मशीनें देरी से पहुंचने के कारण प्लांट लगने में दो माह की देरी हो गई। हालांकि एक माह से शेड बनकर तैयार है। पीएम केयर फंड से अब गुजरात से मशीनें अस्पताल में पहुंची है। प्लांट लगाने के लिए एनएचएआई को इसका टेंडर मिला था। प्लांट शुरू होने के बाद कोरोना की आशंकित तीसरी लहर में मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। इससे पहले कोरोना काल की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
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ऑक्सीजन लाइन से जोड़े गए है 130 बेड
नागरिक अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल के 130 बेडों को ऑक्सीजन सेंटर लाइन से जोड़ा गया है। सभी बेडों के साथ ऑक्सीजन को नियंत्रण रखने के लिए उपकरण भी लगाए गए हैं। जोकि जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन की सप्लाई मरीज तक कम या अधिक करने के लिए काम करेंगे। प्लांट शुरू होने के बाद ऑक्सीजन सिलिंडर की जरूरत बहुत कम होगी।
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प्लांट के लिए लगाया जाएगा अलग से जेनरेटर
ऑक्सीजन प्लांट के लिए अलग से जेनरेटर लगाया जाएगा। अस्पताल में बिजली गुल होने की स्थिति में जेनरेटर से ऑक्सीजन प्लांट को शुरू रखा जा सकेगा। प्लांट को निरंतर चालू अवस्था में रखना जरूरी है। जिससे बनने होने वाली ऑक्सीजन की शुद्धता अधिक बनी रहे। बीमारी से प्रभावित मरीजों को 93.6 फीसदी ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है। ऑक्सीजन प्लांट से 95 फीसदी ऑक्सीजन पर्यावरण से जरनेट करता है।
अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट की मशीनें पहुंच चुकी है। एक सप्ताह में प्लांट शुरू कर दिया जाएगा। प्लांट का पहले ट्रायल लिया जाएगा और ऑक्सीजन फीसदी जांची जाएगी। जिसके बाद ही मरीजों तक ऑक्सीजन पाइप लाइन से सप्लाई की जाएगी।
-डॉ. बुधराम, डिप्टी सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल सिरसा