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परिजन बोले- हमारे बच्चों ने नहीं फेंके पत्थर, एसपी बोले- वीडियो फुटेज के आधार पर गिरफ्तार किए

Fri, 16 Jul 2021 12:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 16 Jul 2021 12:18 AM IST
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our children did not throw stones, said parents front of sp
सिरसा। डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर पत्थर फेंकने और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित देशद्रोह के आरोप में पकड़े गए पांच युवा किसानों के घरों पर वीरवार अलसुबह साढ़े चार बजे से लेकर 6 बजे तक पुलिस ने दबिश दी थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए करीब दस टीमें बनाई थीं। गिरफ्तार युवा किसानों के परिजन वीरवार को एसपी अर्पित जैन से मिले। वहीं किसान शुक्रवार को शहर में पुलिस प्रशासन के पुतले जलाएंगे।
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गिरफ्तार युवा किसान साहिब सिंह के पिता गुरविंद्र सिंह घुम्मन, दलजीत सिंह के परिजन व किसान नेता लखविंद्र सिंह लखा ने एसपी से मुलाकात की। गुरविंद्र सिंह ने एसपी से कहा कि उनका बेटा उस दिन घटनास्थल पर किसान आंदोलन में रोष प्रदर्शन में भाग लेने गए थे, परंतु उन्होंने पथराव नहीं किया। परिजनों ने कहा कि उनके बच्चे निर्दोष हैं। एसपी ने उन्हें कहा कि उनके पास वीडियो फुटेज है, जिसके आधार पर ही पांचों को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें बाद में ये वीडियो दिखा भी दी जाएगी। परिजनों ने अपने बच्चों से मुलाकात करने की मांग की। इस पर एसपी ने जेल अधीक्षक से बातचीत करके उन्हें मिलने की अनुमति दिलाई।
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करीब 15 मिनट हुई मुलाकात
साहिब सिंह के पिता गुरविंद्र सिंह, लखविंद्र सिंह व दलजीत सिंह के पिता ने पांचों युवाओं से जेल में मुलाकात की। मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि पुलिस ने उनके साथ कोई मारपीट नहीं की। परिजनों ने उन्हें कपड़े उपलब्ध करवाए। खैरपुर निवासी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि सुबह साढ़े चार बजे करीब 14 पुलिस कर्मचारी उनके घर पर आए और बोले कि आपका बेटे ने डिप्टी स्पीकर की गाड़ी पर पत्थर फेंके हैं। किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि डीएसपी के सुरक्षा कर्मचारी वीरप्रताप सिंह ने मल्लेका के गुरी सेखों के साथ मारपीट की है। सभी किसानों से उसका बहिष्कार करने के लिए कहा गया है।
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दो फाड़ चल रहे किसान संगठन हुए एकजुट
किसान आंदोलन की शुरुआत अक्तूबर 2020 में हुई थी। शुरुआत में सभी किसान संगठन एक थे। परंतु बाद में मतभेद होने के बाद किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने शहीद भगत सिंह स्टेडियम में पक्का मोर्चा स्थापित किया। जबकि कामरेड और दूसरे किसान संगठन जसबीर सिंह भाटी, लखविंद्र सिंह लखा, प्रकाश ममेरां ने पक्का मोर्चा से दूरी बना ली। सभी किसान संगठनों को एकजुट करने के लिए कई बार प्रयास किए, परंतु असफल रहे। पांच युवाओं की गिरफ्तारी के बाद सभी किसान संगठन एकजुट हो गए। किसान संगठनों को एकजुट करने के लिए टोहाना के किसान नेता मंदीप नथवान ने भूमिका निभाई। एसपी कार्यालय पर रोष जताने पहुंचे सभी किसान संगठनों ने एकजुट होने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की ज्यादती के खिलाफ सभी किसान संगठन मिलकर लड़ेंगे। किसान नेताओं के खिलाफ अब तक सिरसा में तीन एफआईआर दर्ज की गई है।
कोट
जिन किसानों को गिरफ्तार किया गया, उनपर देशद्रोह की धारा सहित अन्य मामलों में गिरफ्तार किया गया है।
- रामनिवास, सिरसा सिविल लाइन थाना प्रभारी
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