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Sirsa News: बीमा कंपनी को पांच लाख रुपये देने का आदेश
Sun, 28 Sep 2025 03:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 28 Sep 2025 03:04 AM IST
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सिरसा। जिला उपभोक्ता विवाद आयोग ने पीड़ित विधवा महिला को बड़ी राहत देते हुए शुक्रवार को एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस कंपनी को पांच लाख रुपये बीमा राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। आयोग अध्यक्ष पदम सिंह ठाकुर ने आदेश में कहा कि पीड़ित उपभोक्ता को 45 दिन के भीतर उक्त राशि का भुगतान किया जाए।
ऐसा न करने पर शिकायतकर्ता इस आदेश की तिथि से वास्तविक वसूली तक छह प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज सहित उक्त राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। इसके अलावा शिकायतकर्ता को मुकदमेबाजी व्यय के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान करना होगा। पीड़ित उपभोक्ता ने इस मामले में दो जनवरी 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी।
17 वर्ष की अवधि के लिए बीमा पॉलिसी खरीदी थी
आयोग में दी शिकायत में फ्रेंड्स कॉलोनी, मंडी डबवाली निवासी बलविंदर कौर (62) ने बताया था कि उसके पति मलकियत सिंह मान ने आठ मार्च 2021 से 17 वर्ष की अवधि के लिए एचडीएफसी लाइफ क्लिक टू प्रोटेक्ट जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी थी। इसकी अंतिम प्रीमियम देय तिथि आठ फरवरी 2038 है। जीवन बीमा की कुल राशि पांच लाख रुपये थी। प्रति माह प्रीमियम के रूप में 2,996 रुपये और प्रीमियम भुगतान की प्रत्येक आवृत्ति पर अंडरराइटिंग अतिरिक्त प्रीमियम के रूप में 1,198 रुपये देय थे। कुल प्रीमियम 4,194 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाना था। जोखिम प्रारंभ होने की तिथि आठ मार्च 2021 निर्धारित की गई थी।
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पति ने पत्नी को किया था नामित
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे पति मलकियत सिंह की ओर से नामित किया गया था। यह भी कहा गया कि पॉलिसी जारी करने से पहले, शिकायतकर्ता के पति की उनके अनुमोदित डॉक्टरों के पैनल के माध्यम से कंपनी की ओर से मेडिकल जांच की गई थी और बीमा कंपनी के मेडिकल मापदंडों से संतुष्ट होने के बाद उन्हें उपरोक्त पॉलिसी जारी की गई। उन्होंने बीमा प्रीमियम का भुगतान जारी रखा।
16 जनवरी 2023 को पति की हो गई थी मृत्यु
13 जनवरी 2023 को शिकायतकर्ता के पति को उल्टी व खांसी हुई और उन्हें दयानंद मेडिकल कॉलेज लुधियाना ले जाया गया, जहां उन्हें एक इनडोर रोगी के रूप में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 16 जनवरी 2023 को उनकी मृत्यु हो गई। बीमित व्यक्ति की मृत्यु के बाद, शिकायतकर्ता ने नामित और कानूनी उत्तराधिकारी होने के नाते बीमा कंपनी में अपना दावा दायर किया। उन्होंने अपने दावे के निपटारे के लिए सभी प्रासंगिक और आवश्यक दस्तावेज प्रदान किए, लेकिन 22 फरवरी 2023 के पत्र के माध्यम से बीमा कंपनी ने गुमराह करने की बात कहकर उनके दावे को खारिज कर दिया। इसके बाद बलविंदर कौर ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता विवाद आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
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ऐसा न करने पर शिकायतकर्ता इस आदेश की तिथि से वास्तविक वसूली तक छह प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज सहित उक्त राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। इसके अलावा शिकायतकर्ता को मुकदमेबाजी व्यय के रूप में 10,000 रुपये का भुगतान करना होगा। पीड़ित उपभोक्ता ने इस मामले में दो जनवरी 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी।
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17 वर्ष की अवधि के लिए बीमा पॉलिसी खरीदी थी
आयोग में दी शिकायत में फ्रेंड्स कॉलोनी, मंडी डबवाली निवासी बलविंदर कौर (62) ने बताया था कि उसके पति मलकियत सिंह मान ने आठ मार्च 2021 से 17 वर्ष की अवधि के लिए एचडीएफसी लाइफ क्लिक टू प्रोटेक्ट जीवन बीमा पॉलिसी खरीदी थी। इसकी अंतिम प्रीमियम देय तिथि आठ फरवरी 2038 है। जीवन बीमा की कुल राशि पांच लाख रुपये थी। प्रति माह प्रीमियम के रूप में 2,996 रुपये और प्रीमियम भुगतान की प्रत्येक आवृत्ति पर अंडरराइटिंग अतिरिक्त प्रीमियम के रूप में 1,198 रुपये देय थे। कुल प्रीमियम 4,194 रुपये प्रति माह का भुगतान किया जाना था। जोखिम प्रारंभ होने की तिथि आठ मार्च 2021 निर्धारित की गई थी।
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पति ने पत्नी को किया था नामित
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे पति मलकियत सिंह की ओर से नामित किया गया था। यह भी कहा गया कि पॉलिसी जारी करने से पहले, शिकायतकर्ता के पति की उनके अनुमोदित डॉक्टरों के पैनल के माध्यम से कंपनी की ओर से मेडिकल जांच की गई थी और बीमा कंपनी के मेडिकल मापदंडों से संतुष्ट होने के बाद उन्हें उपरोक्त पॉलिसी जारी की गई। उन्होंने बीमा प्रीमियम का भुगतान जारी रखा।
16 जनवरी 2023 को पति की हो गई थी मृत्यु
13 जनवरी 2023 को शिकायतकर्ता के पति को उल्टी व खांसी हुई और उन्हें दयानंद मेडिकल कॉलेज लुधियाना ले जाया गया, जहां उन्हें एक इनडोर रोगी के रूप में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान 16 जनवरी 2023 को उनकी मृत्यु हो गई। बीमित व्यक्ति की मृत्यु के बाद, शिकायतकर्ता ने नामित और कानूनी उत्तराधिकारी होने के नाते बीमा कंपनी में अपना दावा दायर किया। उन्होंने अपने दावे के निपटारे के लिए सभी प्रासंगिक और आवश्यक दस्तावेज प्रदान किए, लेकिन 22 फरवरी 2023 के पत्र के माध्यम से बीमा कंपनी ने गुमराह करने की बात कहकर उनके दावे को खारिज कर दिया। इसके बाद बलविंदर कौर ने न्याय के लिए जिला उपभोक्ता विवाद आयोग में शिकायत दर्ज कराई।