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Sirsa News: विद्यार्थियों को टैबलेट पर होमवर्क देने के आदेश, विद्यार्थी व शिक्षक असमंजस में
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शहर के राजकीय स्कूल में कक्षा लगाते विद्यार्थी। संवाद
- फोटो : Sirsa
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शिक्षा विभाग की ओर से शीतकालीन अवकाश में 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इसका शिक्षक संगठन लगातार विरोध कर रहा है। अब शिक्षा विभाग ने एक ओर नए आदेश ने शिक्षकों व विद्यार्थियों को असमंजस में डाल दिया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में विद्यार्थियों को अब टैबलेट पर काम देने का आदेश दिया गया है। इस पर शिक्षकों ने कहना है कि जब स्कूल में कक्षाएं लगाई जा रही हैं तो विद्यार्थियों को टैबलेट पर छुट्टियों का होमवर्क देने का क्या मतलब।
शिक्षा विभाग द्वारा दो दिन पहले पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में 10वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को ऑनलाइन टैबलेट पर गृहकार्य देने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक क्लास को हर विषय में पांच असाइनमेंट देने अनिवार्य किए गए हैं। इस संबंध में शिक्षकों का कहना है कि जब विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से कक्षाओं में आ रहे हैं, तो उन्हें इसी समय में होमवर्क दिया जा सकता। टैबलेट पर होमवर्क देने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर टैबलेट पर ही विद्यार्थियों को होमवर्क देना है, तो अवकाश के दौरान कक्षाएं लगाने का क्या तुक बनता है। विभाग के इस आदेश के बाद विद्यार्थी भी असमंजस है कि टैबलेट पर काम करें या फिर ऑफलाइन कक्षाओं में आएं।
ऑफलाइन कक्षाओं से विद्यार्थी खुश, तो शिक्षकों में नाराजगी
शिक्षा विभाग की ओर से शीतकालीन अवकाश के दौरान लगाई जा रही ऑफलाइन कक्षाओं के एक तरफ विद्यार्थी खुश नजर आ रहे है, तो वहीं दूसरी ओर शिक्षक इस फैसले पर नाराजगी जता रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि फरवरी - मार्च से बोर्ड की परीक्षाएं हैं। सीबीएसई बोर्ड यानी मॉडल संस्कृति स्कूलों की तो डेटशीट भी आ गई है। ऐसे में अगर शीतकालीन अवकाश हो जाते, तो तैयारी अच्छे से नहीं हो पाती। इन 15 दिनों के अवकाश में कक्षाएं लगने से बोर्ड की परीक्षाओं की अच्छी तैयारी हो जाएगी। राजकीय स्कूल के शिक्षक शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की कक्षाएं लेने के दौरान गैर शैक्षणिक कार्य करवाने को लेकर रोष जाहिर कर रहे हैं।
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जब स्कूल में जाते थे तो उस समय कहते थे टैबलेट्स से पढ़ाओ। लेकिन अब छुट्टियों के दौरान टैबलेट्स से पढ़ाने का ऑप्शन क्यों नहीं रखा गया। अब जब विद्यार्थियों को स्कूलों में बुला ही लिया है तो अब ये टैबलेट वाला फरमान जारी कर दिया गया। स्कूलों में आ रहे विद्यार्थियों को टैबलेट्स पर होमवर्क देने का क्या मतलब है।- अमित मनहर, राज्य महासचिव, हसला।
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सिरसा। शिक्षा विभाग की ओर से शीतकालीन अवकाश में 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाई जा रही हैं। इसका शिक्षक संगठन लगातार विरोध कर रहा है। अब शिक्षा विभाग ने एक ओर नए आदेश ने शिक्षकों व विद्यार्थियों को असमंजस में डाल दिया है। विभाग की ओर से जारी पत्र में विद्यार्थियों को अब टैबलेट पर काम देने का आदेश दिया गया है। इस पर शिक्षकों ने कहना है कि जब स्कूल में कक्षाएं लगाई जा रही हैं तो विद्यार्थियों को टैबलेट पर छुट्टियों का होमवर्क देने का क्या मतलब।
शिक्षा विभाग द्वारा दो दिन पहले पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में 10वीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को ऑनलाइन टैबलेट पर गृहकार्य देने के आदेश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक क्लास को हर विषय में पांच असाइनमेंट देने अनिवार्य किए गए हैं। इस संबंध में शिक्षकों का कहना है कि जब विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से कक्षाओं में आ रहे हैं, तो उन्हें इसी समय में होमवर्क दिया जा सकता। टैबलेट पर होमवर्क देने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर टैबलेट पर ही विद्यार्थियों को होमवर्क देना है, तो अवकाश के दौरान कक्षाएं लगाने का क्या तुक बनता है। विभाग के इस आदेश के बाद विद्यार्थी भी असमंजस है कि टैबलेट पर काम करें या फिर ऑफलाइन कक्षाओं में आएं।
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ऑफलाइन कक्षाओं से विद्यार्थी खुश, तो शिक्षकों में नाराजगी
शिक्षा विभाग की ओर से शीतकालीन अवकाश के दौरान लगाई जा रही ऑफलाइन कक्षाओं के एक तरफ विद्यार्थी खुश नजर आ रहे है, तो वहीं दूसरी ओर शिक्षक इस फैसले पर नाराजगी जता रहे हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि फरवरी - मार्च से बोर्ड की परीक्षाएं हैं। सीबीएसई बोर्ड यानी मॉडल संस्कृति स्कूलों की तो डेटशीट भी आ गई है। ऐसे में अगर शीतकालीन अवकाश हो जाते, तो तैयारी अच्छे से नहीं हो पाती। इन 15 दिनों के अवकाश में कक्षाएं लगने से बोर्ड की परीक्षाओं की अच्छी तैयारी हो जाएगी। राजकीय स्कूल के शिक्षक शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों की कक्षाएं लेने के दौरान गैर शैक्षणिक कार्य करवाने को लेकर रोष जाहिर कर रहे हैं।
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जब स्कूल में जाते थे तो उस समय कहते थे टैबलेट्स से पढ़ाओ। लेकिन अब छुट्टियों के दौरान टैबलेट्स से पढ़ाने का ऑप्शन क्यों नहीं रखा गया। अब जब विद्यार्थियों को स्कूलों में बुला ही लिया है तो अब ये टैबलेट वाला फरमान जारी कर दिया गया। स्कूलों में आ रहे विद्यार्थियों को टैबलेट्स पर होमवर्क देने का क्या मतलब है।- अमित मनहर, राज्य महासचिव, हसला।