{"_id":"1def89d63be485012b9fe9717359416d","slug":"once-harvested-organically-water-supply-line-todeh","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेयजल आपूर्ति लाइन तोडे़ जाने पर काटा बवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेयजल आपूर्ति लाइन तोडे़ जाने पर काटा बवाल
sirsa
Updated Mon, 07 Jul 2014 11:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खैरपुर में रविवार रात नौ बजे लोगाें ने अतिक्रमण हटाते समय क्षतिग्रस्त हुई सीवर और पेयजल आपूर्ति पाइप लाइन ठीक नहीं करवाएं जाने के विरोधस्वरूप बस स्टैंड के समीप नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम के कारण दोनों और वाहनों की कतारें लग गईं और वाहन चालकों को लगभग डेढ़ घंटे तक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी का तबादला किए जाने की मांग की। अनेक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियाें को समर्थन देते हुए प्रशासन को चेतावनी दी। डेढ़ घंटे बाद तहसीलदार के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया और बाद में प्रशासन की ओर से मौके पर पानी के टैंकर भेजे गए। अदालत के आदेश पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने पुलिस बल की मौजूदगी में खैरपुर में गांधी नर्सिंग होम वाली गली में अवैध कब्जे हटवाए थे। थडे़ तोड़ते समय अधिकतर मकानों की सीवर और पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे जलापूर्ति बाधित हो गई थी।
इसे लेकर लोगों ने रोष व्यक्त किया था। बाद में कार्यकारी अधिकारी से लोगों ने लिखित में ले लिया था कि रविवार शाम तक जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी और सीवर लाइन भी ठीक करवा दी जाएगी पर ऐसा नहीं हुआ और लोग पानी के लिए भटकने लगे। लोगों ने प्रशासन तक से गुहार की पर कोई सुनवाई न हुई। रविवार रात करीब नौ बजे महिलाओं और पुरुषों ने बस स्टैंड के समीप नेशनल हाईवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही थाना शहर प्रभारी मौजीराम पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। स्थिति तनावपूर्ण देख अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया।
विज्ञापन
खूब सेंकी राजनीतिक रोटियां
जाम के दौरान राजनेताओं ने भी अपनी रोटियां जमकर सेंकी। पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भरत सिंह बैनीवाल भी जाम में फंस गए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। बाद में कांग्रेस नेता एवं पंजाबी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सेतिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने वार्ड की पार्षद संगीता के साथ लोगों से बातचीत की और उनके समर्थन में धरने पर बैठने की बात कही।
इस बीच कांग्रेस नेता नवीन केडिया, होशियारी लाल शर्मा मौके पर पहुंचे और सड़क के बीच बने डिवाइडर पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज न किया जाए, पानी की आपूर्ति चालू की जाए और सीवर लाइन ठीक जाए और इसके साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उधर, हलोपा नेता गोबिंद कांडा मौके पर पहुंचे। उन्होंने शिल्पा वर्मा और पार्षद गुरनाम सिंह के साथ लोगों से बातचीत की। हर नेता प्रदर्शनकारियों को समर्थन देता हुआ दिखा। इस बीच वाहनों को बाईपास से होकर निकाला गया।
आपस में उलझते दिखे प्रदर्शनकारी
मौके पर मौजूद तहसीलदार ओपी बिशभनोई की एक भी बात मानने का प्रदर्शनकारी तैयार नहीं थे। लोग अपने-अपने नेता के जिंदाबाद के नारे लगाने लगे तो एक बार तो प्रदर्शनकारी ही आपस में उलझते हुए दिखे। बाद में तहसीलदार ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत शुरू की। तहसीलदार ने मांगें मानते हुए राहुल सेतिया और नवीन केडिया आदि से यातायात बहाल करवाने को कहा। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि पेयजल किल्लत झेल रहे लोगों को पानी के टैंकर भेजकर उनकी समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर चेतावनी दी कि अगर प्रशासन अपनी बात से पीछे हटा तो फिर से नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा। इसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया।
विज्ञापन
प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी का तबादला किए जाने की मांग की। अनेक राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियाें को समर्थन देते हुए प्रशासन को चेतावनी दी। डेढ़ घंटे बाद तहसीलदार के आश्वासन पर प्रदर्शनकारियों ने जाम खोल दिया और बाद में प्रशासन की ओर से मौके पर पानी के टैंकर भेजे गए। अदालत के आदेश पर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीएन भारती ने पुलिस बल की मौजूदगी में खैरपुर में गांधी नर्सिंग होम वाली गली में अवैध कब्जे हटवाए थे। थडे़ तोड़ते समय अधिकतर मकानों की सीवर और पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे जलापूर्ति बाधित हो गई थी।
विज्ञापन
इसे लेकर लोगों ने रोष व्यक्त किया था। बाद में कार्यकारी अधिकारी से लोगों ने लिखित में ले लिया था कि रविवार शाम तक जलापूर्ति बहाल कर दी जाएगी और सीवर लाइन भी ठीक करवा दी जाएगी पर ऐसा नहीं हुआ और लोग पानी के लिए भटकने लगे। लोगों ने प्रशासन तक से गुहार की पर कोई सुनवाई न हुई। रविवार रात करीब नौ बजे महिलाओं और पुरुषों ने बस स्टैंड के समीप नेशनल हाईवे जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही थाना शहर प्रभारी मौजीराम पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। स्थिति तनावपूर्ण देख अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर बुला लिया गया।
विज्ञापन
खूब सेंकी राजनीतिक रोटियां
जाम के दौरान राजनेताओं ने भी अपनी रोटियां जमकर सेंकी। पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भरत सिंह बैनीवाल भी जाम में फंस गए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। बाद में कांग्रेस नेता एवं पंजाबी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सेतिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने वार्ड की पार्षद संगीता के साथ लोगों से बातचीत की और उनके समर्थन में धरने पर बैठने की बात कही।
इस बीच कांग्रेस नेता नवीन केडिया, होशियारी लाल शर्मा मौके पर पहुंचे और सड़क के बीच बने डिवाइडर पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज न किया जाए, पानी की आपूर्ति चालू की जाए और सीवर लाइन ठीक जाए और इसके साथ ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उधर, हलोपा नेता गोबिंद कांडा मौके पर पहुंचे। उन्होंने शिल्पा वर्मा और पार्षद गुरनाम सिंह के साथ लोगों से बातचीत की। हर नेता प्रदर्शनकारियों को समर्थन देता हुआ दिखा। इस बीच वाहनों को बाईपास से होकर निकाला गया।
आपस में उलझते दिखे प्रदर्शनकारी
मौके पर मौजूद तहसीलदार ओपी बिशभनोई की एक भी बात मानने का प्रदर्शनकारी तैयार नहीं थे। लोग अपने-अपने नेता के जिंदाबाद के नारे लगाने लगे तो एक बार तो प्रदर्शनकारी ही आपस में उलझते हुए दिखे। बाद में तहसीलदार ने कांग्रेस नेताओं से बातचीत शुरू की। तहसीलदार ने मांगें मानते हुए राहुल सेतिया और नवीन केडिया आदि से यातायात बहाल करवाने को कहा। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि पेयजल किल्लत झेल रहे लोगों को पानी के टैंकर भेजकर उनकी समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर चेतावनी दी कि अगर प्रशासन अपनी बात से पीछे हटा तो फिर से नेशनल हाईवे जाम किया जाएगा। इसके बाद यातायात बहाल कर दिया गया।