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Sirsa News: वृद्धाश्रम को बनाया महिला चौपाल, बुजुर्गों ने किया बवाल
Sun, 03 May 2026 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 03 May 2026 12:03 AM IST
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वृद्धाश्रम के सामने खड़े होकर विरोध करते ग्रामीण बुजुर्ग। संवाद।
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गुरप्रेम सिंह दंदीवाल
रोड़ी। रोड़ी में सुरतिया रोड पर पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने वर्ष 2002 में बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम का निर्माण करवाया था। चार माह पहले बुजुर्गों को वृद्धाश्रम की मरम्मत का भरोसा दिलाकर पंचायती राज विभाग ने काम शुरू किया था। अब अधिकारियों ने इसे महिला चौपाल बना दिया है। इससे बुजुर्गों में गुस्सा है।
शनिवार को जब पंचायती राज विभाग के कर्मचारी भवन में महिला चौपाल का सामान रखने के लिए आए तो बुजुर्गों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए वृद्धाश्रम पर ताला जड़ दिया। उन्होंने कहा कि हमारा वृद्धाश्रम लौटाओ, तभी ताला खुलेगा। वहीं, इनेलो के जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सा ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया है।
जस्सा ने कहा है कि यदि सोमवार तक शिलान्यास का पत्थर और वृद्धाश्रम पुन: नहीं बनाया जाता है तो महापंचायत होगी। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। बुजुर्गों को उनका हक दिलाया जाएगा।
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बुजुर्गों ने बताया कि चार महीने पहले पंचायती राज विभाग ने उनसे कहा था कि आपके वृद्धाश्रम को दुरुस्त किया जा रहा है। धीरे-धीरे आश्रम की पहचान मिटाकर उसे गुलाबी रंग कर दिया। आश्रम को महिला चौपाल में तब्दील कर दिया। इतना ही नहीं, विवाद तब और भड़क गया जब निर्माण के समय लगाए पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पत्थर को तोड़कर मलबे में फेंक दिया गया।
बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने शिलान्यास के पत्थर को जान-बूझकर फेंका है ताकि इतिहास को खत्म कर दिया जाए। यह गांव के इतिहास के साथ छेड़छाड़ है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवाद
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रोड़ी। रोड़ी में सुरतिया रोड पर पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने वर्ष 2002 में बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम का निर्माण करवाया था। चार माह पहले बुजुर्गों को वृद्धाश्रम की मरम्मत का भरोसा दिलाकर पंचायती राज विभाग ने काम शुरू किया था। अब अधिकारियों ने इसे महिला चौपाल बना दिया है। इससे बुजुर्गों में गुस्सा है।
शनिवार को जब पंचायती राज विभाग के कर्मचारी भवन में महिला चौपाल का सामान रखने के लिए आए तो बुजुर्गों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए वृद्धाश्रम पर ताला जड़ दिया। उन्होंने कहा कि हमारा वृद्धाश्रम लौटाओ, तभी ताला खुलेगा। वहीं, इनेलो के जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सा ने इस मामले में नाराजगी जताते हुए प्रशासन को सोमवार तक का समय दिया है।
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जस्सा ने कहा है कि यदि सोमवार तक शिलान्यास का पत्थर और वृद्धाश्रम पुन: नहीं बनाया जाता है तो महापंचायत होगी। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। बुजुर्गों को उनका हक दिलाया जाएगा।
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बुजुर्गों ने बताया कि चार महीने पहले पंचायती राज विभाग ने उनसे कहा था कि आपके वृद्धाश्रम को दुरुस्त किया जा रहा है। धीरे-धीरे आश्रम की पहचान मिटाकर उसे गुलाबी रंग कर दिया। आश्रम को महिला चौपाल में तब्दील कर दिया। इतना ही नहीं, विवाद तब और भड़क गया जब निर्माण के समय लगाए पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के पत्थर को तोड़कर मलबे में फेंक दिया गया।
बुजुर्गों ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने शिलान्यास के पत्थर को जान-बूझकर फेंका है ताकि इतिहास को खत्म कर दिया जाए। यह गांव के इतिहास के साथ छेड़छाड़ है। इसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवाद