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नप ने भेजा वन विभाग को इमारत सील करने का नोटिस, सात दिन में देना होगा जवाब
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वन विभाग द्वारा बनाई गई इमारत।
- फोटो : Sirsa
नगर परिषद सिरसा ने एक सप्ताह पहले सीडीएलयू और वन विभाग को इमारतों के निर्माण का नक्शा पास न करवाने और विकास शुल्क जमा न करवाने पर म्यूनिसिपल एक्ट के सेक्शन 208 के तहत नोटिस जारी किया था। लेकिन दोनों संस्थानों ने इस नोटिस का जवाब नहीं दिया। ऐसे में नगर परिषद सिरसा ने दोबारा से वन विभाग को नोटिस जारी किया है।
नप ने इस बार सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए वन विभाग को सात दिन में नोटिस का जवाब देने का समय दिया है। नोटिस का जवाब न देने पर कंस्ट्रक्शन को गिराने और इमारत को सील करने की चेतावनी दी है। उधर नगर परिषद ने सीडीएलयू को भी रिमाइंडर भेजा है कि उन्होंने अभी तक नोटिस का जवाब क्यों नहीं दिया।
ये है मामला
नप के अधीन आने वाले क्षेत्रों में बोर्ड, कार्पोरेशन से करीब 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क वसूलने का नियम है। जबकि रिहायशी कालोनी में 200 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क है। वन विभाग अपने कार्यालय में नए भवन का निर्माण कर रहा है। यह करीब एक हजार वर्ग मीटर में बन रही है। नप ने वन विभाग को भी नोटिस भेजकर उनसे नक्शा पास करवाने और विकास शुल्क जमा करवाने की जानकारी मांगी है। लेकिन वन विभाग ने भी नप को लिखित में जवाब नहीं दिया। वन विभाग करीब एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्माण कर रहा है। ऐसे में विकास शुल्क की राशि करीब 6 लाख रुपये बनती है। ऐसे में दोबारा रिमाइंडर नोटिस में नगर परिषद ने वन विभाग को इमारत सील करने की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर सीडीएलयू में करोड़ों रुपये की लागत से टीचिंग ब्लॉक, इंफोरमेंशन सेंटर और हर्बल पार्क का निर्माण किया जा रहा है। हर्बल पार्क करीब तीन एकड़ जगह में बन रहा है। नगरपरिषद एक्ट के अनुसार उसके क्षेत्र में किसी भी इमारत के निर्माण के लिए नक्शा पास करवाना पड़ता है चाहे वह सरकारी इमारत हो या फिर प्राइवेट। बदले में नगरपरिषद उनसे विकास शुल्क प्राप्त करता है। लेकिन सीडीएलयू ने अपनी इमारतों के निर्माण के दौरान नप से नक्शा पास नहीं करवाया। साथ ही कोई विकास शुल्क अदा नहीं किया। ऐसे में नगर परिषद सिरसा ने सीडीएलयू को पत्र भेजकर इमारतों का एरिया सहित जानकारी मांगी है कि क्या आपने बिल्डिंग प्लान नगर परिषद सिरसा या चीफ आर्केटेक्ट हरियाणा से पास करवाया है या नहीं। यदि नक्शा पास करवाया है तो क्या डेवलपमेंट चार्ज अदा किए गए है या नहीं? नगरपरिषद सिरसा के नोटिस का जवाब सीडीएलयू ने नहीं दिया।
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हम नोटिस का जवाब दे रहे हैं। इसके लिए सुप्रीम कोई की गाइडलाइन का अध्ययन कर रहे हैं।
- रामकुमार जांगड़ा, डीएफओ।
हमने रिमाइंडर नोटिस भेज दिया है। जिसमें सात दिनों के अंदर जवाब न देने पर कंस्ट्रक्शन को गिराने और सील करने का प्रावधान है।
- निजेश, एमई, नगर परिषद सिरसा।
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नप ने इस बार सख्त भाषा का इस्तेमाल करते हुए वन विभाग को सात दिन में नोटिस का जवाब देने का समय दिया है। नोटिस का जवाब न देने पर कंस्ट्रक्शन को गिराने और इमारत को सील करने की चेतावनी दी है। उधर नगर परिषद ने सीडीएलयू को भी रिमाइंडर भेजा है कि उन्होंने अभी तक नोटिस का जवाब क्यों नहीं दिया।
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ये है मामला
नप के अधीन आने वाले क्षेत्रों में बोर्ड, कार्पोरेशन से करीब 600 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क वसूलने का नियम है। जबकि रिहायशी कालोनी में 200 रुपये प्रति वर्ग मीटर विकास शुल्क है। वन विभाग अपने कार्यालय में नए भवन का निर्माण कर रहा है। यह करीब एक हजार वर्ग मीटर में बन रही है। नप ने वन विभाग को भी नोटिस भेजकर उनसे नक्शा पास करवाने और विकास शुल्क जमा करवाने की जानकारी मांगी है। लेकिन वन विभाग ने भी नप को लिखित में जवाब नहीं दिया। वन विभाग करीब एक हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में निर्माण कर रहा है। ऐसे में विकास शुल्क की राशि करीब 6 लाख रुपये बनती है। ऐसे में दोबारा रिमाइंडर नोटिस में नगर परिषद ने वन विभाग को इमारत सील करने की चेतावनी दी है। वहीं दूसरी ओर सीडीएलयू में करोड़ों रुपये की लागत से टीचिंग ब्लॉक, इंफोरमेंशन सेंटर और हर्बल पार्क का निर्माण किया जा रहा है। हर्बल पार्क करीब तीन एकड़ जगह में बन रहा है। नगरपरिषद एक्ट के अनुसार उसके क्षेत्र में किसी भी इमारत के निर्माण के लिए नक्शा पास करवाना पड़ता है चाहे वह सरकारी इमारत हो या फिर प्राइवेट। बदले में नगरपरिषद उनसे विकास शुल्क प्राप्त करता है। लेकिन सीडीएलयू ने अपनी इमारतों के निर्माण के दौरान नप से नक्शा पास नहीं करवाया। साथ ही कोई विकास शुल्क अदा नहीं किया। ऐसे में नगर परिषद सिरसा ने सीडीएलयू को पत्र भेजकर इमारतों का एरिया सहित जानकारी मांगी है कि क्या आपने बिल्डिंग प्लान नगर परिषद सिरसा या चीफ आर्केटेक्ट हरियाणा से पास करवाया है या नहीं। यदि नक्शा पास करवाया है तो क्या डेवलपमेंट चार्ज अदा किए गए है या नहीं? नगरपरिषद सिरसा के नोटिस का जवाब सीडीएलयू ने नहीं दिया।
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हम नोटिस का जवाब दे रहे हैं। इसके लिए सुप्रीम कोई की गाइडलाइन का अध्ययन कर रहे हैं।
- रामकुमार जांगड़ा, डीएफओ।
हमने रिमाइंडर नोटिस भेज दिया है। जिसमें सात दिनों के अंदर जवाब न देने पर कंस्ट्रक्शन को गिराने और सील करने का प्रावधान है।
- निजेश, एमई, नगर परिषद सिरसा।