{"_id":"60cb963d8ebc3e32ca1ee123","slug":"notice-on-low-quality-material-use-in-street-constrution-sirsa-news-rtk613461934","type":"story","status":"publish","title_hn":"गलियों में घटिया सामग्री प्रयोग करने पर फर्म को नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गलियों में घटिया सामग्री प्रयोग करने पर फर्म को नोटिस जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा। मार्च 2021 में शहर में कई गलियों में निर्माण कार्य के लिए टेंडर अलॉट हुए थे। परंतु ठेकेदारों ने लॉक डाउन की आड़ में गली निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया। वार्ड 27 और 31 की गलियों के निर्माण में अनियमितताएं सामने आई है। ऐसे में अब नगर परिषद ने फर्मों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए है। इनसे जवाब मांगा जा रह है। अभी नप ने एक फर्म दी कंवरपुरा को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटिड को पांच गलियों के निर्माण कार्यों में अनियमितताएं मिलने पर नोटिस देकर जवाब मांगा है, अन्यथा उन पर जुर्माना राशि लगाने के निर्देश जारी किए है।
शहर में पिछले पांच साल में 500 गलियों मंजूर हुई। अधिकतर बन चुकी हैं। मार्च 2021 में दस करोड़ रुपये की लागत से खोले गए 102 गलियों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इन गलियों के निर्माण कार्य में अनियमितताएं मिली है। नगर परिषद चेयरपर्सन रीना सेठी व अभियंता ने दी कंवरपुरा को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटड को नोटिस जारी किए है। नोटिस अनुसार वार्ड नंबर 31 में बिल्लू भाट वाली गली का निर्माण कार्य दो अप्रैल 2021 को अलॉट किया गया था। परंतु नौ जून को जब गली का निरीक्षण किया गया तो गली निर्माण कार्य पीडब्लूडी की नियमावली अनुसार नहीं मिला। इस पर चेतावनी दी गई कि गली का निर्माण कार्य नियमानुसार करवाएं, अन्यथा आपके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
वार्ड नंबर 27 की तीन गलियों का चेयरपर्सन ने किया था दौरा, अब मांगा जवाब
सिरसा नगर परिषद की चेयरपर्सन रीना सेठी ने 14 जून को वार्ड नंबर 27 की ढाणी तेजा सिंह का मौका निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तीन गलियों का हालत काफी खसता मिली और ये गलियां जगह-जगह से धंस गई। वार्ड नंबर 27 की गली जाट वाली, जगदीश सैनी की दुकान वाली, शर्मा जी वाली गली धंसी हुई है। इन गलियों का निर्माण दी कंवरपुरा को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा करवाया गया था। नगर परिषद ने अपने नोटिस में लिखा कि इकरारनामा अनुसार उपरोक्त गलियों को दस दिन के अंदर दुरुस्त करवाना सुनिश्चित करें। यदि दस दिन के अंदर इन गलियों को दुरुस्त नहीं करवाया तो फर्म पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसी प्रकार से वार्ड नंबर 27 की गली सिगलीगर गुरुद्वारा से गब्बर की दुकान तक निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं करवाया जा रहा। इस लिए नप कार्यालय को लिखित रुप से सूचित करें अन्यथा आपके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। इस सड़क का लेवल सही नहीं रखा गया। निर्माण सामग्री भी कम मिली। यदि गली का निर्माण कार्य सही नहीं किया तो फर्म के अंतिम बिल की अदायगी नहीं की जाएगी। भविष्य में भी गली निर्माण में कमी पाई गई तो अदायगी नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
2018 में तत्कालीन ईओ ने रोकी थी फर्म की पेमेंट, की थी ब्लैकलिस्ट
पिछले पांच साल में नगर परिषद में 500 से ज्यादा गलियों की निर्माण किया हुआ है। परंतु एक मामले को छोड़कर आज तक नगर परिषद के ठेकेदारों के निर्माण कार्यों पर नगर परिषद के अधिकारियों ने आपत्ति दर्ज नहीं की। वर्ष 2018 में तत्कालीन ईओ वीरेंद्र सहारण ने शहर के रानियां रोड पर फर्म द्वारा नियमानुसार सड़क निर्माण न करने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। तब ईओ ने एजेंसी की सिक्योरिटी और बिल सहित करीब 25 लाख रुपये की राशि रोक दी थी। हालांकि इस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने पर ही सत्तापक्ष के एक बड़े नेता ने ईओ का तबादला करवा दिया था। परंतु उसके बाद आज तक नगर परिषद के अधिकारियों ने किसी भी ठेकेदार के खिलाफ गली निर्माण कार्य में अनियमिताएं आने पर कोई नोटिस जारी नहीं किए।
अधिकारियों को नहीं मिलती कमियां
शहर में बनने वाली गलियों के निर्माण के निरीक्षण का कार्य जेई, एसडीओ, एमई और कार्यकारी अभियंता ने करना है। सिरसा नगर परिषद में तीन जेई, एसडीओ, दो म्युनिसिपल इंजीनियर और एक कार्यकारी अभियंता है। इसके अतिरिक्त गली निर्माण के बाद तीसरी पार्टी ने निरीक्षण करना होता है, जिसका टेंडर जारी किया जाता है। तीसरी पार्टी द्वारा निरीक्षण करने पर एजेंसी को अदायगी की जाती है। परंतु न तो नप अधिकारियों और न ही थर्ड पार्टी ने इंस्पेक्शन के दौरान कभी किसी भी गली में आपत्ति जताई।
10 दिन में मांगा है जवाब
नगर परिषद सिरसा की चेयरपर्सन रीना सेठी ने कहा कि फर्म को नोटिस जारी किए गए है। दस दिन में जवाब मांगा है, यदि गली निर्माण में अनियमितताओं को दूर नहीं किया तो कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
विज्ञापन
शहर में पिछले पांच साल में 500 गलियों मंजूर हुई। अधिकतर बन चुकी हैं। मार्च 2021 में दस करोड़ रुपये की लागत से खोले गए 102 गलियों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इन गलियों के निर्माण कार्य में अनियमितताएं मिली है। नगर परिषद चेयरपर्सन रीना सेठी व अभियंता ने दी कंवरपुरा को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटड को नोटिस जारी किए है। नोटिस अनुसार वार्ड नंबर 31 में बिल्लू भाट वाली गली का निर्माण कार्य दो अप्रैल 2021 को अलॉट किया गया था। परंतु नौ जून को जब गली का निरीक्षण किया गया तो गली निर्माण कार्य पीडब्लूडी की नियमावली अनुसार नहीं मिला। इस पर चेतावनी दी गई कि गली का निर्माण कार्य नियमानुसार करवाएं, अन्यथा आपके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
वार्ड नंबर 27 की तीन गलियों का चेयरपर्सन ने किया था दौरा, अब मांगा जवाब
सिरसा नगर परिषद की चेयरपर्सन रीना सेठी ने 14 जून को वार्ड नंबर 27 की ढाणी तेजा सिंह का मौका निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान तीन गलियों का हालत काफी खसता मिली और ये गलियां जगह-जगह से धंस गई। वार्ड नंबर 27 की गली जाट वाली, जगदीश सैनी की दुकान वाली, शर्मा जी वाली गली धंसी हुई है। इन गलियों का निर्माण दी कंवरपुरा को-ऑपरेटिव सोसायटी द्वारा करवाया गया था। नगर परिषद ने अपने नोटिस में लिखा कि इकरारनामा अनुसार उपरोक्त गलियों को दस दिन के अंदर दुरुस्त करवाना सुनिश्चित करें। यदि दस दिन के अंदर इन गलियों को दुरुस्त नहीं करवाया तो फर्म पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसी प्रकार से वार्ड नंबर 27 की गली सिगलीगर गुरुद्वारा से गब्बर की दुकान तक निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं करवाया जा रहा। इस लिए नप कार्यालय को लिखित रुप से सूचित करें अन्यथा आपके विरुद्घ कार्रवाई की जाएगी। इस सड़क का लेवल सही नहीं रखा गया। निर्माण सामग्री भी कम मिली। यदि गली का निर्माण कार्य सही नहीं किया तो फर्म के अंतिम बिल की अदायगी नहीं की जाएगी। भविष्य में भी गली निर्माण में कमी पाई गई तो अदायगी नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
2018 में तत्कालीन ईओ ने रोकी थी फर्म की पेमेंट, की थी ब्लैकलिस्ट
पिछले पांच साल में नगर परिषद में 500 से ज्यादा गलियों की निर्माण किया हुआ है। परंतु एक मामले को छोड़कर आज तक नगर परिषद के ठेकेदारों के निर्माण कार्यों पर नगर परिषद के अधिकारियों ने आपत्ति दर्ज नहीं की। वर्ष 2018 में तत्कालीन ईओ वीरेंद्र सहारण ने शहर के रानियां रोड पर फर्म द्वारा नियमानुसार सड़क निर्माण न करने पर एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। तब ईओ ने एजेंसी की सिक्योरिटी और बिल सहित करीब 25 लाख रुपये की राशि रोक दी थी। हालांकि इस एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने पर ही सत्तापक्ष के एक बड़े नेता ने ईओ का तबादला करवा दिया था। परंतु उसके बाद आज तक नगर परिषद के अधिकारियों ने किसी भी ठेकेदार के खिलाफ गली निर्माण कार्य में अनियमिताएं आने पर कोई नोटिस जारी नहीं किए।
अधिकारियों को नहीं मिलती कमियां
शहर में बनने वाली गलियों के निर्माण के निरीक्षण का कार्य जेई, एसडीओ, एमई और कार्यकारी अभियंता ने करना है। सिरसा नगर परिषद में तीन जेई, एसडीओ, दो म्युनिसिपल इंजीनियर और एक कार्यकारी अभियंता है। इसके अतिरिक्त गली निर्माण के बाद तीसरी पार्टी ने निरीक्षण करना होता है, जिसका टेंडर जारी किया जाता है। तीसरी पार्टी द्वारा निरीक्षण करने पर एजेंसी को अदायगी की जाती है। परंतु न तो नप अधिकारियों और न ही थर्ड पार्टी ने इंस्पेक्शन के दौरान कभी किसी भी गली में आपत्ति जताई।
10 दिन में मांगा है जवाब
नगर परिषद सिरसा की चेयरपर्सन रीना सेठी ने कहा कि फर्म को नोटिस जारी किए गए है। दस दिन में जवाब मांगा है, यदि गली निर्माण में अनियमितताओं को दूर नहीं किया तो कार्रवाई अवश्य की जाएगी।