एनएचएम कर्मचारियों का संघर्ष जारी, पुलिस प्रशासन मुस्तैद
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स्थायी नियुक्ति और समान काम समान वेतन की मांग को लेकर एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को दसवें दिन में प्रवेश कर गई है। हड़ताल के दसवें दिन आज विभिन्न कर्मचारी संगठनों व अन्य समुदायों के लोगों ने कर्मचारियों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया। वहीं आज गत दिवस कर्मचारियों द्वारा अस्पताल के आसपास धारा 144 लगे होने के बावजूद कर्मचारियों के अस्पताल प्रांगण में घुसने व सीएमओ कार्यालय के घेराव की घटना के बाद पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा। अस्पताल के गेट पर कई पुलिस व होमगार्ड के जवान सुरक्षा के लिहाज से तैनात रहे।
इस मौके पर कर्मचारियों ने एकत्रित होकर सरकार व विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा है कि जब तक सरकार व विभाग उन्हें वापस नहीं लेता और समान काम समान वेतन नहीं देता, वे पीछे नहीं हटेंगे। वहीं आज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान प्रकाश सिंह साहुवाला भी अपने साथियों सहित धरनास्थल पर पहुंचे और समर्थन देने की बात कही। वहीं हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल के अधिकारी उनकी एकता को तोड़ने के लिए कर्मचारियों को गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकारी रोजाना कुछ कर्मचारियों के ज्वाइन करने व उनकी उपस्थिति की रिपोर्ट विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज रहे हैं। उनका कहना है कि अस्पताल के अधिकारियों ने जो महिला कर्मचारी मैटरनिटी अवकाश या सीएल पर हैं, उनकी भी उपस्थिति भेज रखी है, जिसका कोई औचित्य नहीं है। कर्मचारियों का आरोप है कि उनके कुछ साथी कर्मचारी, जोकि अधिकारियों के साथ सांठगांठ रखते थे, केवल वही चंद लोग काम कर रहे हैं, जबकि हकीकत में और कोई कर्मचारी काम करने को तैयार नहीं है और उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
अस्पताल में प्रशासन द्वारा 144 लगे होने के बावजूद अस्पताल प्रांगण में नारेबाजी करते हुए गत दिवस सैकड़ों कर्मचारी घुस गए और उनका टारगेट सीएमओ कार्यालय का घेराव था। हालांकि सीएमओ कार्यालय में नहीं थे, लेकिन इस बात की भनक जैसे ही सुरक्षा शाखा के कर्मचारियों को लगी तो वे तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह कर्मचारियों को अस्पताल प्रांगण से बाहर खदेड़ा। इसके बाद आनन-फानन में पुलिस कर्मचारियों को अस्पताल के गेट पर तैनात किया गया, ताकि कर्मचारी अस्पताल के अंदर न घुसने पाए। उधर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोोक तंवर ने धरनास्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों की मांग का समर्थन किया। इस मौके पर कर्मचारियों ने उन्हें ज्ञापन भी सौंपा।
ये हैं मांगें
हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि जब कोर्ट ने समान काम-समान वेतन के आदेश जारी कर दिए हैं, ऐसे में सरकार उनकी मांगों की अनदेखी क्यों कर रही है? कर्मचारियों का कहना है कि विभाग समान काम-समान वेतन तो दूर कर्मचारियों से बातचीत को भी तैयार नहीं है। कर्मचारियों का कहना है कि वे नहीं चाहते की उनकी वजह से उपचार के लिए आने वाले लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ेे, लेकिन विभाग के अड़ियल रवैये के कारण मजबूरन उन्हें ये कदम उठाना पड़ रहा है।
हड़ताल के चलते अस्पताल की पूरी व्यवस्था काफी लड़खड़ा गई है। खासकर एंबुलेंस सेवा सबसे अधिक प्रभावित हुई है। एनएचएम कर्मचारियों ने कहा कि प्रदेश भर में हजारों तथा सिरसा जिला में अनुबंधित आधार पर 550 के करीब कर्मचारी हैं, जिन्हें नियमित करने की मांग को लेकर नौ व 10 अगस्त को हड़ताल की गई थी, जिसके बाद विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने मिशन निदेशक एनएचएम से कर्मचारियों को नियमित करने हेतू प्रस्ताव की मांग की थी, जिस पर मिशन निदेशक द्वारा तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। उनकी एक ही मांग है कि या तो उन्हें नियमित किया जाए या फिर समान काम समान वेतन दिया जाए, जिससे की वे अपने परिवार का गुजर बसर कर सकें।
बैठक में बनाई कल के संघर्ष की रूपरेखा
सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा की जिला कमेटी की बैठक प्रधान मदन लाल खोथ की अध्यक्षता में रोडवेज कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक का मंच संचालन जिला सचिव सोहन सिंह रंधावा ने किया। बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा बीती 31 अक्तूबर को संघ के मुख्यालय पर बैठक कर रहे संघ के नेताओं को नजरबंद करने की घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई तथा रोषस्वरूप प्रदेश कमेटी के आह्वान पर चार नवंबर को जिलास्तरीय प्रदर्शन का निर्णय लिया गया। बैठक को अशोक पटवारी, सुरजीत अरोड़ा, करणी सिंह भाटी, महेन्द्र शर्मा, कृपाशंकर त्रिपाठी, रामराज राय, अविनाश कंबोज, रामकुमार भरोखां, लालचंद मेहता, धर्मपाल सैनी, सुनील यादव ने भी संबोधित किया।