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नगर परिषद की लगातार तीसरी बैठक में भी हुआ हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 12 May 2017 12:57 AM IST
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नगर परिषद की बैठक में हंगामा होना आम बात हो गई है। बैठक का डेकोरम बार-बार तोड़ा गया। वीरवार को नगर परिषद की तीसरी बैठक हुई, जिसमें पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। इससे पूर्व हुई दो बैठकों में भी स्थिति इसी प्रकार की रही। वीरवार को हुई बैठक में तो पार्षदों को स्कूली बच्चों की तरह समझाने की नौबत देखी गई। विकास कार्य पूरी तरह से गौण नजर आए, जबकि इनके ऊपर चंद पार्षदों का अमर्यादित आचरण हावी नजर आया। हर मुद्दे पर पार्षद शोर मचाते रहे। बैठक की अध्यक्षता नप की अध्यक्षा शीला सहगल ने की।
नगर परिषद की बैठक वीरवार सुबह 11 बजे आरंभ हुई। बैठक की शुरुआत में ही गलियों के निर्माण की बात उठी जिस पर वार्ड नंबर नौ के पार्षद सुनील सहारण ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी पर गलियों के निर्माण में की जा रही देरी और ठेकेदारों को पेमेंट दिए जाने से संबंधित अनेक सवाल खड़े किए। इस मामले में कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह ने गलियों के निर्माण के बाद ठेकेदारों को होने वाली पेमेंट के बारे में कहा कि देखा जाएगा कि किस कारण अब तक पेमेंट नहीं हुई है। बैठक के अधिकतर समय में गलियों के निर्माण का मुद्दा छाया रहा।
पार्षदों ने तोड़ी मर्यादा
वार्ड 25 के पार्षद विकास गुर्जर का आचरण हाउस की मर्यादा के अनुसार नहीं रहा। उन्होंने नप प्रधान शीला सहगल की कुर्सी के समीप जाकर सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्ड की गलियों की सूची प्रधान को देने और उसी के आधार पर प्रधान द्वारा उन्हें मंजूरी देने की बात कही। इस पर वार्ड 17 की पार्षद रीना सेठी, नप उपाध्यक्ष रणधीर सिंह, राजेश गुर्जर आदि ने विकास गुर्जर का विरोध करते हुए उन्हें अपनी सीट पर बैठने को कहा जिस पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। अमर्यादित आचरण और गरिमा के विपरीत बोलने वाले पार्षद विकास को खासे विरोध का सामना करना पड़ा। ईओ अतर सिंह ने शांति और मर्यादा का हवाला देकर सभी पार्षदों को शांत रहने को कहा। इस पर वार्ड नंबर पांच की पार्षद संगीता सचदेवा ने कहा कि प्लीज बैठक को चिड़ियाघर न बनाएं अपनी बात सभ्य तरीके से रखें। इसी प्रकार मुद्दा रखते ही अध्यक्ष की अनुमति लिए बिना पार्षदों ने सोर मचा कर बैठक की मर्यादा बार-बार भंग की।
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विकास के नाम पर एक भी नई ईंट भी नहीं लगी
नगर परिषद के उपाध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि नगर परिषद की तीन बैठकों के बावजूद शहर में अभी तक विकास के नाम पर एक भी नई ईंट भी नहीं लगी है जो सीधे-सीधे सरकार की नीयत पर सवालिया निशान लगाता है। उन्होंने कहा कि इस बैठक से पूर्व भी दो बैठकें हो चुकी हैं और उनमें जो गलियों के निर्माण पर सहमति दर्ज की गई थी, उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सिर्फ एक मुद्दा ऐसा था जिस पर बहस नहीं हुई
बैठक में हर मुद्दे पर पार्षदों में गर्मागर्मी हुई पर शहीद उधम सिंह चौक के निर्माण का मुद्दा जब रखा गया तो सभी पार्षदों ने तुरंत स्वीकार किया। बैठक के दौरान शहर में शहीद उधम सिंह चौक, एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्वर्ण जयंती पार्क के लिए स्थान का चयन हाउस की मंजूरी से करने तथा ट्रेड टावर मार्केट के दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों का किराया कम करने की मांग उठी। इस पर पार्षद विकास जैन ने कहा कि ट्रेड टावर मार्केट में सुविधाएं काफी कम हैं और परिषद को कम से कम वहां रोड व सफाई आदि का कार्य कराना चाहिए, ताकि दुकानदारों से परिषद प्रशासन को नियमित रूप से किराया मिलता रहे। विकास जैन ने कहा कि ट्रेड टॉवर में थोड़ी बहुत सुविधाएं देकर उनसे पूरा किराया वसूलते रहो, ताकि नप की आमदनी कम न हो।
उठा 20-20 लाख का मुद्दा
मार्च माह के अंत में हुई बैठक में सभी पार्षदों को विकास के लिए 20-20 लाख रुपये दिए जाने पर सहमति बनी थी। इस मामले को लेकर आज बैठक में ज्यादातर पार्षद 20-20 लाख या इससे अधिक राशि तुरंत जारी करने की मांग करते रहे। हर मुद्दे के बाद 20-20 लाख रुपयों की चर्चा हुई। पार्षद बोले, हमें तो पैसा चाहिए वार्ड में लगाने के लिए। इस पर यह भी चर्चा हुई कि किसी वार्ड में कम या किसी में ज्यादा भी राशि लग सकती है। कई पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में होने वाले विकास कार्यों की सूची अध्यक्ष शीला सहगल को सौंपी।
लिखकर दो जो उचित होंगे वे कार्य ही करवाए जाएंगे : शीला सहगल
पार्षदों द्वारा अपने-अपने वार्डों में विभिन्न प्रकार के विकास कार्यों को जब बैठक में बार-बार रखा गया तो नप अध्यक्ष शीला सहगल ने कहा कि सभी पार्षद अपने-अपने कार्य लिख कर दें, उसके बाद होने वाले विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा।
पार्षद पति बैठे रहे बगल वाले कमरे में
चूंकि सिरसा नगर परिषद में पुरुषों से अधिक महिला सदस्यों की संख्या है तो स्वाभाविक है कि हर बैठक में महिला पार्षद के साथ पार्षद प्रतिनिधि भी आते हैं। आज भी अधिकतर महिला पार्षदों के साथ पार्षद प्रतिनिधि भी आए। पार्षद प्रतिनिधियों को बैठक में उपस्थित होने की इजाजत नहीं है इस लिए सभी पार्षद प्रतिनिधि बैठक हाल के बगल वाले कमरे में बैठे रहे और बैठक खत्म होने का इंतजार करते रहे।
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नगर परिषद की बैठक वीरवार सुबह 11 बजे आरंभ हुई। बैठक की शुरुआत में ही गलियों के निर्माण की बात उठी जिस पर वार्ड नंबर नौ के पार्षद सुनील सहारण ने नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी पर गलियों के निर्माण में की जा रही देरी और ठेकेदारों को पेमेंट दिए जाने से संबंधित अनेक सवाल खड़े किए। इस मामले में कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह ने गलियों के निर्माण के बाद ठेकेदारों को होने वाली पेमेंट के बारे में कहा कि देखा जाएगा कि किस कारण अब तक पेमेंट नहीं हुई है। बैठक के अधिकतर समय में गलियों के निर्माण का मुद्दा छाया रहा।
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पार्षदों ने तोड़ी मर्यादा
वार्ड 25 के पार्षद विकास गुर्जर का आचरण हाउस की मर्यादा के अनुसार नहीं रहा। उन्होंने नप प्रधान शीला सहगल की कुर्सी के समीप जाकर सभी पार्षदों से अपने-अपने वार्ड की गलियों की सूची प्रधान को देने और उसी के आधार पर प्रधान द्वारा उन्हें मंजूरी देने की बात कही। इस पर वार्ड 17 की पार्षद रीना सेठी, नप उपाध्यक्ष रणधीर सिंह, राजेश गुर्जर आदि ने विकास गुर्जर का विरोध करते हुए उन्हें अपनी सीट पर बैठने को कहा जिस पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई। अमर्यादित आचरण और गरिमा के विपरीत बोलने वाले पार्षद विकास को खासे विरोध का सामना करना पड़ा। ईओ अतर सिंह ने शांति और मर्यादा का हवाला देकर सभी पार्षदों को शांत रहने को कहा। इस पर वार्ड नंबर पांच की पार्षद संगीता सचदेवा ने कहा कि प्लीज बैठक को चिड़ियाघर न बनाएं अपनी बात सभ्य तरीके से रखें। इसी प्रकार मुद्दा रखते ही अध्यक्ष की अनुमति लिए बिना पार्षदों ने सोर मचा कर बैठक की मर्यादा बार-बार भंग की।
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विकास के नाम पर एक भी नई ईंट भी नहीं लगी
नगर परिषद के उपाध्यक्ष रणधीर सिंह ने कहा कि नगर परिषद की तीन बैठकों के बावजूद शहर में अभी तक विकास के नाम पर एक भी नई ईंट भी नहीं लगी है जो सीधे-सीधे सरकार की नीयत पर सवालिया निशान लगाता है। उन्होंने कहा कि इस बैठक से पूर्व भी दो बैठकें हो चुकी हैं और उनमें जो गलियों के निर्माण पर सहमति दर्ज की गई थी, उन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सिर्फ एक मुद्दा ऐसा था जिस पर बहस नहीं हुई
बैठक में हर मुद्दे पर पार्षदों में गर्मागर्मी हुई पर शहीद उधम सिंह चौक के निर्माण का मुद्दा जब रखा गया तो सभी पार्षदों ने तुरंत स्वीकार किया। बैठक के दौरान शहर में शहीद उधम सिंह चौक, एक करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्वर्ण जयंती पार्क के लिए स्थान का चयन हाउस की मंजूरी से करने तथा ट्रेड टावर मार्केट के दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों का किराया कम करने की मांग उठी। इस पर पार्षद विकास जैन ने कहा कि ट्रेड टावर मार्केट में सुविधाएं काफी कम हैं और परिषद को कम से कम वहां रोड व सफाई आदि का कार्य कराना चाहिए, ताकि दुकानदारों से परिषद प्रशासन को नियमित रूप से किराया मिलता रहे। विकास जैन ने कहा कि ट्रेड टॉवर में थोड़ी बहुत सुविधाएं देकर उनसे पूरा किराया वसूलते रहो, ताकि नप की आमदनी कम न हो।
उठा 20-20 लाख का मुद्दा
मार्च माह के अंत में हुई बैठक में सभी पार्षदों को विकास के लिए 20-20 लाख रुपये दिए जाने पर सहमति बनी थी। इस मामले को लेकर आज बैठक में ज्यादातर पार्षद 20-20 लाख या इससे अधिक राशि तुरंत जारी करने की मांग करते रहे। हर मुद्दे के बाद 20-20 लाख रुपयों की चर्चा हुई। पार्षद बोले, हमें तो पैसा चाहिए वार्ड में लगाने के लिए। इस पर यह भी चर्चा हुई कि किसी वार्ड में कम या किसी में ज्यादा भी राशि लग सकती है। कई पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों में होने वाले विकास कार्यों की सूची अध्यक्ष शीला सहगल को सौंपी।
लिखकर दो जो उचित होंगे वे कार्य ही करवाए जाएंगे : शीला सहगल
पार्षदों द्वारा अपने-अपने वार्डों में विभिन्न प्रकार के विकास कार्यों को जब बैठक में बार-बार रखा गया तो नप अध्यक्ष शीला सहगल ने कहा कि सभी पार्षद अपने-अपने कार्य लिख कर दें, उसके बाद होने वाले विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाया जाएगा।
पार्षद पति बैठे रहे बगल वाले कमरे में
चूंकि सिरसा नगर परिषद में पुरुषों से अधिक महिला सदस्यों की संख्या है तो स्वाभाविक है कि हर बैठक में महिला पार्षद के साथ पार्षद प्रतिनिधि भी आते हैं। आज भी अधिकतर महिला पार्षदों के साथ पार्षद प्रतिनिधि भी आए। पार्षद प्रतिनिधियों को बैठक में उपस्थित होने की इजाजत नहीं है इस लिए सभी पार्षद प्रतिनिधि बैठक हाल के बगल वाले कमरे में बैठे रहे और बैठक खत्म होने का इंतजार करते रहे।