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Sirsa News: युवाओं को शोध के क्षेत्र में डाटा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया
Sun, 17 Mar 2024 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 17 Mar 2024 12:19 AM IST
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कार्यक्रम को संबोधित करते कुलपति अजमेर।
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में शिक्षा विभाग की ओर से एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट (शिक्षा की स्थिति पर वार्षिक रिपोर्ट) पर कार्यक्रम का आयोजन टैगोर थियेटर में किया गया। कार्यक्रम का विषय एनुअल स्टेटस ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट- 2023 बियांड बेसिक्स रखा गया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
इस दौरान कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने कहा की युवाओं को स्किल बेस्ड एजुकेशन प्रदान करना समय की मांग है और विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण एवं शोध शिक्षा के गुणवत्ता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। प्रथम संस्था द्वारा किया गया सर्वेक्षण विद्यार्थियों के लिए और राष्ट्र के विकास के लिए एक अच्छे टूल के रूप में उभर कर सामने आएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं प्रथम संस्था की टीम को बधाई दी और युवाओं को शोध के क्षेत्र में इस डाटा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यक्रम में विभाग की चेयरपर्सन प्रो. रंजित कौर ने स्वागत किया गया। प्रो. निवेदिता ने बताया की विभाग के जिन विद्यार्थियों व शिक्षकों ने असर के सर्वेक्षण में भाग लिया था उनको प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रो. राजकुमार ने बताया कि असर 2023 का सर्वेक्षण ग्रामीण भारत में 14 से 18 वर्ष के युवाओं को ध्यान में रखता है, जो कि शिक्षा और सीखने की स्थिति को मापता है। यह सर्वेक्षण उन्हें बुनियादी पढ़ने और गणित की क्षमताओं को समझने में मदद करता है। कार्यक्रम में प्रो. निवेदिता, प्रो. रंजित कौर, प्रो. मीना, प्रो. राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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इस दौरान कुलपति प्रो. अजमेर सिंह मलिक ने कहा की युवाओं को स्किल बेस्ड एजुकेशन प्रदान करना समय की मांग है और विभिन्न प्रकार के सर्वेक्षण एवं शोध शिक्षा के गुणवत्ता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। प्रथम संस्था द्वारा किया गया सर्वेक्षण विद्यार्थियों के लिए और राष्ट्र के विकास के लिए एक अच्छे टूल के रूप में उभर कर सामने आएगा। उन्होंने शिक्षा विभाग एवं प्रथम संस्था की टीम को बधाई दी और युवाओं को शोध के क्षेत्र में इस डाटा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
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इस कार्यक्रम में विभाग की चेयरपर्सन प्रो. रंजित कौर ने स्वागत किया गया। प्रो. निवेदिता ने बताया की विभाग के जिन विद्यार्थियों व शिक्षकों ने असर के सर्वेक्षण में भाग लिया था उनको प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रो. राजकुमार ने बताया कि असर 2023 का सर्वेक्षण ग्रामीण भारत में 14 से 18 वर्ष के युवाओं को ध्यान में रखता है, जो कि शिक्षा और सीखने की स्थिति को मापता है। यह सर्वेक्षण उन्हें बुनियादी पढ़ने और गणित की क्षमताओं को समझने में मदद करता है। कार्यक्रम में प्रो. निवेदिता, प्रो. रंजित कौर, प्रो. मीना, प्रो. राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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